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केजरीवाल को कांग्रेस से ‘प्रेम’ करने की सलाह!

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली के विवादास्पद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक ऐसी नसीहत दी है, जिससे चोर-चोर मौसेरे भाई वाली कहावत चरितार्थ होती है। जिस कांग्रेस के खिलाफ भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से आम आदमी पार्टी, अरविंद केजरीवाल और उनकी टीम निकली है। उसे ही सलाह दे दी गई कि कांग्रेस से मिलकर राजनीति करो।

ममता बनर्जी ने केजरीवाल को संक्षिप्त शब्दों में समझा दिया कि राजनीति करनी है तो सिर्फ भाजपा पर फोकस करो, मोदी पर निशाना साधो। इसके लिए कांग्रेस का साथ लो। राष्ट्रपति चुनाव के बहाने विपक्ष को एकजुट करने में जुटी ममता बनर्जी ने अरविंद केजरीवाल को यहां तक कह दिया कि अगर कांग्रेस का साथ नहीं लिया तो आप और आपकी आम आदमी पार्टी कमजोर हो जाएगी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री को यह नसीहत ममता बनर्जी ने अचानक से नहीं दिया। उन्होंने बहुत ही सोच समझकर, यूं कहें तो ग्रह-नक्षत्र देखकर केजरीवाल को नसीहत दी है। ये वही ममता बनर्जी हैं जो पश्चिम बंगाल में कांग्रेस से खिलाफत की राजनीति करती है और राज्य से बाहर प्रेम में लिपट जाती है। दरअसल सभी विपक्षी पार्टियां मोदी के बहाने एकजुट होने की कोशिश कर रही हैं।

लोकसभा चुनाव 2014 के बाद जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ रही है। उससे पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को डर लगने लगा है। उन्हें अपनी सत्ता जाती हुई दिख रही है। अभी निकाय चुनाव के जो परिणाम आए, उससे साफ हो गया कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी को अगर किसी से खतरा है तो भाजपा से है।

ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर नारदा, सारदा जैसे घोटाले से लेकर बड़बोले इमाम बरकती को संरक्षण देने का आरोप लग रहा है। सबको ये दिख भी रहा है क्योंकि पार्टी के दो सांसद जेल में हैं। हिन्दु पर्व त्योहारों पर आपत्ति, रोक और मुसलमान के त्योहारों पर अनुमति के साथ-साथ सरकारी खजाने को भी लुटाने की बात जगजाहिर है।

भारत में तो घोटालों और भ्रष्टाचार की जगत जननी है कांग्रेस। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर तमाम राज्यों के नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। किसी के खिलाफ कोर्ट में मामला चल रहा है तो किसी के ठिकानों पर छापे दर छापे पड़ रहे हैं। ऐसे में, भ्रष्टाचार को जड़मूल से खत्म करने के लिए जुटी नरेंद्र मोदी सरकार से जातीय दुश्मनी किसकी नहीं होगी।

अरविंद केजरीवाल भी इनदिनों कपिल मिश्रा के आरोपों और प्रत्यारोपों से परेशान होकर कछुए की मांद में छिप गए हैं। बात-बात पर ट्वीट करने वाले केजरीवाल ट्वीटर पर भी उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। दिल्ली की जनता को पानी मुफ्त देने का वादा करने वाले केजरीवाल पानी को लेकर दिल्ली के विधायक और सांसद से मिलने का समय देकर खुद भाग रहे हैं। यहां तक कि जिस दिल्ली की जनता ने ऐतिहासिक बहुमत दिया, आजकल उस दिल्ली की जनता से भी नहीं मिल रहे हैं।

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