Home समाचार पूर्वोत्तर की अर्थक्रांति का आधार बनेगा भूपेन हजारिका पुल-प्रधानमंत्री

पूर्वोत्तर की अर्थक्रांति का आधार बनेगा भूपेन हजारिका पुल-प्रधानमंत्री

असम-अरुणाचल को जोड़ने वाले भूपेन हजारिका पुल का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के ब्रह्मपुत्र नदी की सहायक लोहित नदी पर बने देश के सबसे लंबे पुल का उद्घाटन किया। इस मौके पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह बात निश्चित है कि स्थायी रूप से विकास को गति देनी है तो मूलभूत ढांचा पहली शर्त है। उन्होंने कहा ”यह पुल न सिर्फ असम और अरुणाचल को जोड़ने की कड़ी के साथ दोनों प्रदेशों के लोगों का विकास का रास्ता खोलेगा बल्कि यह पैसा और समय बचाने के साथ अर्थक्रांति का आधार बनेगा।” उन्होंने इस पुल का नाम विश्व प्रसिद्ध लोकगायक भूपेन हजारिका सेतु रखने की घोषणा की।

इंफ्रास्क्टचर के विकास पर बल
पीएम मोदी ने पूर्वोत्तर के लिए किए जाने वाले विकास कार्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि असम सहित पूरे पूर्वोत्तर को रोड इंफ्रास्ट्रकचर, रेल के इंफ्रास्ट्रकचर और ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से देश के तमाम हिस्सों से जोड़ने का काम तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने असम में सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व में सरकार के काम काज की सराहना की और कहा कि असम में बीजेपी सरकार बनने के पहले ही साल राज्य को कई समस्याओं से मुक्ति मिली है।

भूपेन हजारिका ब्रिज की विशेषता
असम और अरुणाचल प्रदेश को जोड़ने वाले 9.15 किलोमीटर लंबे पुल से दोनों प्रदेशों के बीच की यात्रा का समय छह घंटे से कम होकर एक घंटा रह जाएगा। इस पुल पर सेना का 60 टन वजनी टैंक भी गुजर सकता है। इसके अलावा यह पुल रिएक्टर स्केल पर 8.0 की तीव्रता वाला भूकंप भी झेल सकता है। देश का यह सबसे लंबा पुल 182 खंभों पर टिका है।

10 साल पहले मिल गया होता पुल
पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2003 में हमारे एक विधायक जगदीश भुइयां ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी से यह पुल बनाने का आग्रह किया था। अटल जी की सरकार ने इसे मंजूरी भी दे दी थी। अगर अटल जी की सरकार 2004 में दोबारा चुन कर आ गई होती तो यह पुल आपको 10 साल पहले मिल गया होता।

रोजाना 10 लाख रुपये की बचत होगी
अभी तक यहां ब्रह्मपुत्र नदी को पार करने के लिए केवल दिन के समय नौका का ही उपयोग किया जाता था और बाढ़ के दौरान यह भी संभव नहीं होता था। इस पुल के चालू हो जाने के बाद असम और अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी भाग के लिए संपर्क सुनिश्चित हो गया है और इससे प्रतिदिन पेट्रोल और डीजल में 10 लाख रुपये तक की बचत होगी।

विकास को स्थायी गति दिये जाने पर बल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह बात निश्चित है कि अगर विकास को स्थायी रूप देना हो, स्थायी रूप से विकास को गति देनी है तो मूलभूत ढांचा पहली शर्त है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करने पर सरकार तेजी से कार्य कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि व्यक्ति के जीवन के पांच छह घंटे बच जाना बड़ी बात होती है। इस पुल के बन जाने के बाद इस क्षेत्र के लोगों के लिए आर्थिक विकास के नये रास्ते खुल गए हैं।

ऑगेनिक जिंजर से ग्लोबल हो जाएगा सादिया
पीएम मोदी ने इस क्षेत्र में अदरख की पैदावार की तारीफ करते हुए कहा कि धौला-सादिया पुल के बन जाने से इलाके के किसानों का पूरे हिंदुस्तान के बाजार से जुड़ने का एक अवसर पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर सादिया के किसान ऑर्गेनिक जिंजर पैदा करेंगे तो यहां का मार्केट ग्लोबल हो जाएगा। उन्होने कहा कि ये ब्रिज सिर्फ पैसा और समय ही नहीं बचाएगा ये नई अर्थक्रांति का आधार बनने वाला है।

मोबाइल का फ्लैश जलाकर मनाया उत्सव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार की तीन साल की उपलब्धियां गिनाते हुए लोगों से इस पुल के उद्घाटन के मौके पर उत्सव मनाने को कहा । उन्होंने कहा, ‘आप सब लोग अपने फोन का कैमरा ऑन कर लीजिए ताकि पता चले कि कितना बड़ा जश्न हो रहा है।’ पीएम मोदी के इस आह्वान पर लोगों ने अपने मोबाइल फोन के फ्लैश जलाकर पुल के उद्घाटन का उत्सव मनाया।

कुंडिल नगर और द्वारका का कनेक्शन
पीएम मोदी ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे आज उस स्थान पर आने का सौभाग्य मिला है जो कभी कुंडिल नगर के नाम से जाना जाता था। उन्होंने कहा कि द्वारका के नाथ श्री कृष्ण भी यहां पधारे थे। मेरा जन्म गुजरात में हुआ और श्री कृष्ण का नाता कुंडिल नगर से रहा। आज मेरा सौभाग्य है कि पिछले पचास वर्षों से जिस बात की आप प्रतीक्षा कर रहे थे वो आपको मिल रहा है।

असम सरकार की तारीफ
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास को गति फिजिकल और सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर की दो पटरी से संतुलित होता है। हमें इसकी महत्ता नहीं समझनी होगी। उन्होंने असम सरकार के एक साल के कार्यकाल की तारीफ करते हुए कहा कि असम सरकार इन दोनों क्षेत्रों के विकास पर कार्य कर रही है। उन्होंने असम में सर्वानंद सोनोवाल सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा कि ये सरकार पांच साल के भीतर असम को सारी कठिनाइयों से निकालकर रहेगी। उन्होंने कहा कि मेरा सपना है कि लोग A-फॉर असम कहें।

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