Home नरेंद्र मोदी विशेष राफेल डील पर फर्जी ऑडियो टेप सुनाकर फिर फंसी कांग्रेस

राफेल डील पर फर्जी ऑडियो टेप सुनाकर फिर फंसी कांग्रेस

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राफेल डील पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को किसी भी तरह घेरने की कोशिश कांग्रेस पर उल्टी पड़ रही है। कांग्रेस नेता एक के बाद एक झूठ बोल रहे हैं लेकिन उनका झूठ तुरंत पकड़ में आ रहा है। आज भी कांग्रेस नेताओं ने एक नया झूठ परोसा कि गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत प्रतापसिंह राणे का एक ऑडियो टेप लीक हुआ है जिसमें राणे ये आरोप लगा रहे हैं कि राफेल डील की सभी फाइलें मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बेडरूम में हैं। इसलिए कोई भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।’ कांग्रेस के मुताबिक टेप में गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत पी. राणे के साथ किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग है. इसमें कथित रूप से राणे एक व्यक्ति को ये बता रहे हैं कि राफेल से संबंधित दस्तावेज मनोहर पर्रिकर के बेडरूम में, उनके फ्लैट में हैं. इस पर सुरजेवाला ने कहा, ‘पूर्व रक्षा मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने राफेल के रहस्य का रहस्योद्घाटन किया है।’


 

लेकिन ये आरोप लगाकर कांग्रेस खुद ही घिर गई। सुरजेवाला ने जो आरोप लगाए और जिस तरह के दावे किये। खुद राहुल गांधी ने सुरजेवाला से अलग दावे किये और सुरजेवाला की किरकिरी हो गई।

इसके बाद गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर और खुद विश्वजीत प्रतापसिंह राणे ने ये साफ कर दिया कि ना तो इस ऑडियो में उनकी आवाज है और ना कैबिनेट की मीटिंग में इस तरह की कोई चर्चा ही हुई है।

कांग्रेस के कथित लीक पर गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत प्रतापसिंह राणे का बयान

 

गौरतलब है कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एएनआई को दिये इंटरव्यू में कहा था कि कि ‘सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील की सभी चीजे सामने निकालकर रख दी है। दूध का दूध और पानी का पानी हो चुका है। कांग्रेस जो आरोप लगा रही है, उसे साबित करें। उन्हें बार-बार बोलने की बीमारी है, तो मुझे बार-बार बोलने की जरूरत है क्या?  उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से हमेशा डिफेंस डील विवादित क्यों रहा है? ‘

इसके पहले दसॉल्ट एविएशन के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने भी विस्तार से  राफेल डील की बारीकियों और राहुल गांधी के आरोपों की जानकारी दी थी।

राफेल डील को लेकर राहुल गांधी लगातार झूठ बोलते रहे हैं, हालांकि उनके इस झूठ को डसॉल्ट कंपनी के CEO एरिक ट्रेपियर ने Expose कर दिया। उन्होंने कहा कि राफेल डील में पूरी पारदर्शिता है और यह दो देशों की सरकारों के बीच हुआ है। दरअसल राफेल डील पर राहुल गांधी एंड कंपनी लगातार दुष्प्रचार कर रही है। हालांकि वह अपनी इस साजिश में खुद ही Expose भी हो रही है। आइये एक नजर डालते हैं राहुल गांधी के ऐसे ही 8 झूठ, और जानते हैं कि कैसे वह Expose भी हो हैं।

पहला झूठ
फ्रेंच मीडिया हाउस की रिपोर्ट को ट्विस्ट किया। डसॉल्ट के CEO ने इसे खारिज कर दिया।

दूसरा झूठ
सुप्रीम कोर्ट पर राफेल डील पर दबाव बनाया। कोर्ट ने साफ कहा कि राफेल की कीमत नहीं जाननी।

तीसरा झूठ
डिफेंस मिनिस्ट्री के एक अधिकारी के ट्रांसफर पर राहुल ने झूठ बोला, जबकि वह ट्रेनिंग के लिए गए थे।

चौथा झूठ
फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति के ओलांद के नाम पर झूठ फैलाने की कोशिश, ओलांद ने ही उस झूठ को एक्सपोज कर दिया।

पांचवां झूठ
ओलांद का नाम लेकर कहा कि उन्होंने पीएम मोदी के बारे में अपशब्द कहे, हालांकि ओलांद ने इसका खंडन किया।

छठा झूठ
राहुल गांधी ने संसद में कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति से मिले थे। फ्रांस की सरकार ने इसका खुद खंडन किया।

सातवां झूठ
राहुल गांधी राफेल के अलग-अलग दाम बताते हैं, जबकि मोदी सरकार ने फुली लोडेड राफेल डील की है।

आठवां झूठ
राहुल ने कहा कैबिनेट कमिटी ऑन डिफेंस को लूप में नहीं लिया, जबकि अगस्त 2016 को CCS ने खरीद को मंजूरी दी।  

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