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उड़ान के जरिए जारी है ऊंची उड़ान, जून में घरेलू हवाई यातायात में 7.9 प्रतिशत की वृद्धि

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने हवाई सेक्टर को आम लोगों की पहुंच में ला दिया है। पहले जहां हवाई किराया महंगा होने की वजह से आम लोग हवाई जहाज की सवारी नहीं कर पाते थे, अब मोदी सरकार की नीतियों की वजह से हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई सफर कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल का नतीजा है कि घरेलू हवाई यातायात में जून में सालाना आधार पर 7.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात संघ (आईएटीए) के अनुसार जून 2018 के मूकाबले चालू वर्ष में वैश्विक हवाई यातायात जून में पांच प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। आईएटीए ने कहा कि जेट एयरवेज के बंद होने के बाद भारतीय घरेलू विमानन बाजार का सुधरना जारी है। जून में सालाना आधार पर 7.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है।

मोदी सरकार ने हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण, नए एयरपोर्ट के निर्माण और देश के छोटे शहरों को नए हवाई मार्गों से जोड़ने के लिए कई उल्लेखनीय कार्य किया है। मोदी सरकारी की एविएशन पॉलिसी की वजह से ही यात्रियों की संख्या बढ़ी है। डालते हैं एक नजर-

भारत लगातार चौथे साल बना सबसे तेज ग्रोथ वाला एविएशन मार्केट
मोदी सरकार की नीतियों की वजह से देश के हवाई संपर्क में पिछले पांच वर्षों में सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज की गयी है। भारत ने एविएशन मार्केट में लगातार चौथे साल दुनिया में सबसे तेज ग्रोथ दर्ज की है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) की रिपोर्ट के अनुसार 2018 में यह 18.6 प्रतिशत की दर से बढ़ा। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और चीन में आर्थिक विस्तार की वजह से दोनों देशों के एविएशन सेक्टर में तेजी आई है। गुरुवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार चीन 11.7 प्रतिशत ग्रोथ के साथ दूसरे जबकि 9 प्रतिशत ग्रोथ के साथ रूस तीसरे नंबर पर रहा।

मोदी राज में सबसे तेज गति से बढ़ा भारत का हवाई संपर्क
अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात संघ ( IATA) के अनुसार हवाई संपर्क के मामले में भारत ने सबसे तेज वृद्धि दर्ज की है। आईएटीए के मुख्य अर्थशास्त्री ब्रायन पीयर्स के अनुसार भारत का घरेलू विमानन बाजार दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता बाजार है।

ट्रेन के एसी डिब्बों से अधिक यात्री कर रहे हवाई सफर
मोदी सरकार की नीतियों की वजह से अन्य क्षेत्रों की तरह ही देश का एविएशन सेक्टर भी दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की कर रहा है। मोदी सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्षों में हवाई यात्रा को आम आदमी की जद में ला दिया है। यही वजह है कि देश में हवाई यात्रा करने वालों लोगों की संख्या ट्रेन के एसी बोगी में यात्रा करने वालों से ज्यादा हो गई है। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी भी कई मौकों पर इसका जिक्र कर चुके हैं। 

प्रधानमंत्री मोदी हमेशा से इसके पक्षधर रहे हैं कि विमानों के यात्री किराए में कमी हो और यह आम लोगों की पहुंच में हों। इसी मकसद से उन्होंने उड़ान योजना शुरू की थी। प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि देश के छोटे शहरों में हवाई सेवाएं उपलब्ध हों और आम लोगों को भी सस्ते टिकट मिलें, जिससे वो हवाई यात्रा कर सकें। प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल का नतीजा भी अब दिखने लगा है। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार 2016-17 में 15.84 करोड़ लोगों ने हवाई यात्रा की है। यह संख्या 2015-16 में हवाई यात्रा करने वालों की संख्या 13.49 करोड़ से 2.35 करोड़ अधिक है। गौरतलब है कि इससे पहले 2014-15 में 11.58 करोड़ लोगों ने हवाई जहाज में यात्रा की थी। आंकड़ों से साफ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद देश का एविएशन सेक्टर भी उड़ान भर रहा है। सबसे अहम बात यह है कि प्रधानमंत्री मोदी का सपना था कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सके, और उनका यह सपना भी अब पूरा हो रहा है।

वर्ष हवाई यात्रियों की संख्या
2014-15 11.58 करोड़
2015-16 13.49 करोड़
2016-17 15.84 करोड़

 

क्या है उड़ान योजना ?
उड़ान योजना 15 जून 2016 को जारी राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति यानी एनसीएपी की एक प्रमुख घटक है। इसके तहत करीब 500 किलोमीटर के लिए एक ‘फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट’ विमान से एक घंटे की यात्रा या किसी हेलीकॉप्टर से आधे घंटे की यात्रा का हवाई किराया 2500 रुपए होगा। इसके साथ ही इस योजना के तहत देश के छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ा जा रहा है। इस योजना के तहत देशभर में 141 नए हवाई रूट चिन्हित किए गए हैं। नागरिक उड्ड्यन मंत्रालय अब इन नए मार्गों पर हवाई जहाज चलाने की योजना पर काम कर रहा है। कई रूट ऐसे हैं, जिन पर विमानों का परिचालन शुरू भी कर दिया गया है। कम किराये के कारण विमान सेवा कंपनियों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए वॉयेबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) के रूप में सरकार क्षतिपूर्ति देती है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने भी इसके लिए हवाई अड्डा शुल्क माफ कर दिया है। वहीं सुरक्षा, बिजली तथा अग्निशमन सुविधाएं भी राज्य सरकारें नि:शुल्क दे रही है।

प्रधानमंत्री ने शुरू की थी सस्ती हवाई सेवा ‘उड़ान’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अप्रैल, 2017 को हिमाचल प्रदेश में शिमला के जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट से सस्ती हवाई सेवा ‘उड़ान’ की शुरुआत की थी। इसके तहत शिमला से दिल्ली के लिए पहली फ्लाइट ने उड़ान भरी थी। इस अवसर पर प्नधानमंत्री ने कहा ”मैं चाहता हूं कि हवाई जहाज में हवाई चप्पल वाले लोग दिखाई दें।” उन्होंने कहा कि दुनिया में हवाई सफर का सबसे ज्यादा स्कोप भारत में है और इस क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है।

कॉमन मैन के लिए है ‘उड़ान’ योजना
ढाई हजार रुपये में 500 किलोमीटर की एयर ट्रैवल वाली ये क्षेत्रीय संपर्क योजना अपने मूल उद्देश्य ‘उड़े देश का आम आदमी’ के लक्ष्य के साथ पहली उड़ान भरी। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले धारणा थी कि हवाई यात्रा राजा-महाराजा का ही विषय है। इसलिए एयर इंडिया का लोगो भी ‘महाराजा’ ही था। उन्होंने कहा कि अटल जी की सरकार के समय मैंने राजीव प्रताप जी से कहा कि ये लोगो बदलकर महाराजा के लोगो की जगह कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण का कॉमनमैन क्यों नहीं लग सकता। उनका ये सपना पूरा हुआ इसके लिए उन्हें बेहद खुशी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में पहली बार एविएशन पॉलिसी बनाने का सौभाग्य उनकी सरकार को मिला है और अब हवाई चप्पल पहनने वाले भी हवाई यात्रा कर सकते हैं।

समय और धन की होगी बचत
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम टैक्सी से सफर करें तो 8-10 रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च आता है और शिमला आने में समय करीब 10 घंटे लगते हैं। लेकिन इस पॉलिसी से खर्च सिर्फ 6 या 7 रुपये ही होगा। प्रधानमंत्री ने टूरिज्म को सबसे तेजी से ग्रोथ करने वाला इंडस्ट्री बताते हुए कहा कि नॉर्थ ईस्ट जो जाता है वह बार-बार जाना चाहता है। लेकिन कनेक्टिविटी के अभाव में वह ऐसा नहीं कर पाता। इस योजना से सिर्फ यात्रा की सुविधा ही नहीं बल्कि दो संस्कृतियां भी जुड़ती हैं। देश के एक कोने को दूसरे से जोड़ने का काम इससे हो रहा है।

‘छह करोड़ क्लब’ में शामिल हुआ दिल्ली का अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डा सालाना 6 करोड़ या इससे ज्यादा यात्रियों की आवाजाही वाले दुनिया के 20 हवाई अड्डों में शामिल हो गया है। जल्दी ही मुंबई के भी इस क्लब में शामिल होने की उम्मीद है। 

स्वदेशी ‘डॉर्नियर 228’ से बदलेगी एविएशन सेक्टर की सूरत
इसी साल छोटे-छोटे शहरों के बीच हवाई सेवा ‘UDAN’की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था, कि वे हवाई चप्पल वाले व्यक्ति को हवाई जहाज में यात्रा करते देखना चाहते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक डीजीसीए ने देश में निर्मित ‘डोर्नियर-228’ विमान के घरेलू रूट पर व्यवसायिक उड़ान को हरी झंडी दे दी है। इसका मतलब प्रधानमंत्री मोदी के सपने को साकार करने में इससे बहुत मदद मिल सकती है। हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित ‘डोर्नियर-228’ 19 सीटों वाला एक छोटा विमान है, जिसका उपयोग अबतक रक्षा के क्षेत्र में ही होता था।

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