Home समाचार आर्थिक समीक्षा 2018-19 की मुख्य बातें

आर्थिक समीक्षा 2018-19 की मुख्य बातें

167
SHARE

केन्‍द्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमन ने गुरुवार को संसद में आर्थिक समीक्षा 2018-19 पेश की। आर्थिक समीक्षा की 2018-19 की मुख्य बातें इस प्रकार हैं-

 

स्‍वस्‍थ भारत के जरिये स्‍वच्‍छ भारत से सुंदर भारत : स्‍वच्‍छ भारत मिशन का विश्‍लेषण

  • स्‍वच्‍छ भारत मिशन (एसबीएम) के जरिये लाये गये उल्‍लेखनीय स्‍वास्‍थ्‍य लाभ।
  • 93.1 प्रतिशत परिवारों की शौचालयों तक पहुंच।
  • जिन लोगों की शौचालयों तक पहुंच है, उनमें से 96.6 प्रतिशत ग्रामीण भारत में उनका उपयोग कर रहे है।
  • 30 राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों में 100 प्रतिशत व्‍यक्तिगत घरेलू शौचालय (आईएचएचएल) की कवरेज।
  • परिवारों के लिए घरेलू शौचालय से वित्‍तीय बचत, वित्‍तीय लागत से औसतन 1.7 गुना और गरीब परिवारों के लिए 2.4 गुना बढ़ गई है।
  • दीर्घकालिक सतत सुधारों के लिए पर्यावरणीय और जल प्रबंधन संबंधी मामलों को एसबीएम में शामिल किये जाने की जरूरत है।

किफायती विश्‍वसनीय और सतत ऊर्जा के माध्‍यम से समावेशी वृद्धि सक्षम बनाना

  • भारत को 2010 के मूल्‍यों पर अपने वास्‍तविक प्रति व्‍यक्ति जीडीपी में 5,000 डॉलर तक की वृद्धि करने और उच्‍च मध्‍य आय वर्ग में दाखिल होने के लिए अपनी प्रति व्‍यक्ति ऊर्जा खपत में 2.5 गुना वृद्धि किये जाने की जरूरत है।
  • 0.8 मानव विकास सूचकांक अंक प्राप्‍त करने के लिए भारत को प्रति व्‍यक्ति ऊर्जा खपत में चार गुना वृद्धि किये जाने की जरूरत है।
  • पवन ऊर्जा के क्षेत्र में अब भारत चौथे, सौर ऊर्जा के क्षेत्र में पांचवें और नवीकरणीय ऊर्जा संस्‍थापित क्षमता के क्षेत्र में पांचवें स्‍थान पर है।
  • भारत में ऊर्जा दक्षता कार्यक्रमों की बदौलत 50,000 करोड़ रुपये की बचत हुई और कार्बन डाई ऑक्‍साइड के उत्‍सर्जन में 108.28 मिलियन टन की कमी हुई।
  • देश में कुल विद्युत उत्‍पादन में नवीकरणीय विद्युत का अंश (पनबिजली के 25 मेगावाट से अधिक को छोड़कर) 2014-15 के 6 प्रतिशत से बढ़कर 2018-19 में 10 प्रतिशत हो गया।
  • 60 प्रतिशत अंश के साथ तापीय विद्युत अभी भी प्रमुख भूमिका निभाती है।
  • भारत में इलेक्‍ट्रिक कारों की बाजार हिस्‍सेदारी मात्र 0.06 प्रतिशत है, जबकि चीन में यह 2 प्रतिशत और नॉर्वे में 39 प्रतिशत है।
  • इलेक्ट्रिक वाहनों की बाजार हिस्‍सेदारी बढ़ाने के लिए तेजी से बैटरी चार्ज करने की सुविधाओं में वृद्धि किये जाने की जरूरत है।

कल्‍याणकारी योजनाओं के लिए प्रौद्योगिकी का कारगर इस्‍तेमाल – मनरेगा योजना का मामला

  • प्रौद्योगिकी के इस्‍तेमाल के जरिये मनरेगा योजना को सुचारू बनाये जाने से उसकी दक्षता में वृद्धि हुई है।
  • मनरेगा योजना में एनईएफएमएस और डीबीटी को लागू किये जाने से भुगतान में होने वाले विलंब में काफी कमी आई है।
  • मनरेगा योजना के अंतर्गत विशेषकर संकटग्रस्‍त जिलों में कार्य की मांग और आपूर्ति बढ़ी है।
  • आर्थिक संकट के दौरान मनरेगा योजना के अंतर्गत समाज के असहाय वर्ग अर्थात् महिलाएं, अजा और अजजा कार्य बल में वृद्धि हुई है।

समावेशी वृद्धि के लिए भारत में न्‍यूनतम वेतन प्रणाली पुनर्निर्धारण

  • कामगारों की रक्षा और गरीबी के उन्‍मूलन के लिए बेहतर तरीके से निर्मित न्‍यूनतम वेतन प्रणाली की पेशकश की है।
  • भारत की मौजूदा न्‍यूनतम वेतन प्रणाली में सभी राज्‍यों में विभिन्‍न अनुसूचित रोजगार श्रेणियों के लिए 1,915 न्‍यूनतम वेतन हैं।
  • सभी रोजगारों/कामगारों के लिए न्‍यूनतम वेतन का प्रस्‍ताव किया गया है।
  • केन्‍द्र सरकार द्वारा पांच भौगोलिक क्षेत्रों में पृथक ‘नेशनल फ्लोर मिनिमम वेज’ अधिसूचित किया जाना चाहिए।
  • राज्‍यों द्वारा न्‍यूनतम वेतन ‘फ्लोर वेज’ से कम स्‍तरों पर निर्धारित नहीं होना चाहिए।
  • न्‍यूनतम वेतन या तो कौशलों के आधार पर या भौगोलिक क्षेत्र अथवा दोनों आधारों पर अधिसूचित किये जा सकते हैं।
  • समीक्षा प्रौद्योगिकी का इस्‍तेमाल करते हुए न्‍यूनतम वेतन प्रणाली को सरल और कार्यान्‍वयन योग्‍य बनाने का प्रस्‍ताव करती है।
  • समीक्षा में न्‍यूनतम वेतन के बारे में नियमित अधिसूचनाओं के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत ‘नेशनल लेवल डैशबोर्ड’ का प्रस्‍ताव किया गया है।
  • टोल फ्री नम्‍बर वैधानिक न्‍यूनतम वेतन का भुगतान न होने पर पर शिकायत दर्ज कराने के लिए।
  • ज्‍यादा लचीले और सतत आर्थिक विकास के लिए एक समावेशी व्‍यवस्‍था के रूप में प्रभावी न्‍यूनतम वेतन नीति।

मुद्रा प्रबंधन और वित्तीय मध्यस्थता

  • एनपीए अनुपात में कमी आने से बैंकिंग प्रणाली बेहतर हुई।
  • दिवाला और दिवालियापन संहिता से बड़ी मात्रा में फंसे कर्जों का समाधान हुआ और व्यापार संस्कृति बेहतर हुई।
  • 31 मार्च, 2019 तक सीआईआरपी के तहत 1,73,359 करोड़ रुपये के दावे वाले 94 मामलों का समाधान हुआ।
  • 28 फरवरी, 2019 तक 2.84 लाख करोड़ रुपये के 6079 मामले वापस ले लिये गए।
  • आरबीआई की रिपोर्ट की अनुसार फंसे कर्ज वाले खातों से बैंकों ने 50,000 करोड़ रुपये प्राप्त किए।
  • अतिरिक्त 50,000 करोड़ रुपयों को गैर-मानक से मानक परिसंपत्तियों में अपग्रेड किया गया।
  • बैंचमार्क नीति दर पहले 50 बीपीएस बढ़ाई गई और फिर पिछले वर्ष बाद में 75 बीपीएस घटा दी गई।
  • सितंबर, 2018 से तरलता स्थिति कमजोर रही और सरकारी बॉन्डों पर इसका असर दिखा।
  • एनबीएफसी क्षेत्र में दबाव और पूंजी बाजार से प्राप्त किए जाने वाले इक्विटी वित्त उपलब्धता में कमी के कारण वित्तीय प्रवाह संकुचित रहा।
    2018-19 के दौरान सार्वजनिक इक्विटी जारी करने के माध्यम से पूंजी निर्माण में 81 प्रतिशत की कमी आई।
  • एनबीएफसी के ऋण विकास दर में मार्च, 2018 के 30 प्रतिशत की तुलना में मार्च, 2019 में 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

मूल्य और महंगाई दर

  • सीपीआईसी पर आधारित महंगाई दर में लगातार 5वें वर्ष गिरावट दर्ज की गई। पिछले 2 वर्षों से यह 4 प्रतिशत से कम रही है।
  • उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) आधारित खाद्य मुद्रा स्फ्रीति में भी लगातार 5वें वर्ष गिरावट दर्ज की गई और ये पिछले 2वर्षों के दौरान 2 प्रतिशत से भी कम रही है।
  • सीपीआई-सी आधारित महंगाई दर (सीपीआई में खाद्यान्न और ईंधन छोड़कर) 2017-18 की तुलना में 2018-19 में हुई वृद्धि के बाद मार्च, 2019 से कम हो रही है।
  • 2018-19 के दौरान सीपीआई-सी आधारित महंगाई दर के मुख्य कारक हैं आवास, ईंधन व अन्य। मुख्य महंगाई दर के निर्धारण में सेवा क्षेत्र का महत्व बढ़ा है।
  • 2017-18 की तुलना में 2018-19 के दौरान सीपीआई ग्रामीण महंगाई दर में कमी आई है। हालांकि सीपीआई शहरी महंगाई दर में 2018-19 के दौरान थोड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। 2018-19 के दौरान कई राज्यों में सीपीआई महंगाई दर में कमी आई है।

सतत विकास और जलवायु परिवर्तन

  • भारत का एसडीजी सूचकांक अंक राज्यों के लिए 42 से 69 के बीच और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए 57 से 68 के बीच है।
  • राज्यों में 69 अंकों के साथ केरल और हिमाचल प्रदेश सबसे आगे है।
    केन्द्रशासित प्रदेशों में चंडीगढ़ और पुद्दुचेरी क्रमशः 68 और 65 अंकों के साथ सबसे आगे हैं।
  • नामामि गंगे मिशन को एसडीजी-6 को हासिल करने के लिए नीतिगत प्राथमिकता के आधार पर लॉन्च किया गया था। इस कार्यक्रम के लिए 2015-20 की अवधि के लिए 20,000 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया था।
  • एसडीजी को हासिल करने के लिए संसाधन दक्षता पर राष्ट्रीय नीति का सुझाव दिया गया था।
  • 2019 में पूरे देश के लिए एमसीएपी कार्यक्रम लॉन्च किया गया। इसका उद्देश्य है
  • वायु प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण और कम करना।
  • पूरे देश में वायु की गुणवत्ता के निगरानी नेटवर्क को मजबूत करना।
    2018 में कटोविस, पौलेंड में आयोजित सीओपी-24 की उपलब्धियां
    विकसित और विकासशील देशों के लिए विभिन्न शुरुआती बिंदुओं (स्टार्टिंग पाइंट) की पहचान।

विदेशी क्षेत्र

  • भारतीय मुद्रा के संदर्भ में रुपये के अवमूल्यन के कारण जहां 2018-19 के दौरान निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई, वहीं आयात में कमी आई
  • 2018-19 के अप्रैल-दिसंबर के दौरान कुल पूंजी प्रवाह मध्यम स्तर का रहा जबकि विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के प्रवाह में तेजी रही। इसका कारण पोर्टफोलियो निवेश के अंतर्गत निकासी की उच्च मात्रा रही।
    दिसंबर, 2018 तक भारत का विदेशी ऋण 521.1 बिलियन डॉलर था। यह मार्च, 2018 के स्तर से 1.6 प्रतिशत कम है।
  • सबसे ज्यादा निर्यात वाली वस्तुओं में पेट्रोलियम उत्पाद, कीमती पत्थर, दवाएं के नुस्खे, स्वर्ण और अन्य कीमती धातु शामिल रहीं।
  • सबसे ज्यादा आयात वाली वस्तुओं में कच्चा तेल, मोती, कीमती पत्थर तथा सोना शामिल रहा।
  • भारत के मुख्य व्यापार साझेदारों में अमेरिका, चीन, हांगकांग, संयुक्त अरब अमीरात और सउदी अरब शामिल रहे।
  • भारत ने 2018-19 में विभिन्न देशों/देशों के समूह के साथ 28 द्विपक्षीय, बहु-पक्षीय समझौते किए।
  • इन देशों को कुल 121.7 अरब अमरीकी डॉलर मूल्य का निर्यात किया गया, जोकि भारत के कुल निर्यात का 36.9 प्रतिशत था।

कृषि और खाद्य प्रबंधन

  • कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी 2005-06 के अवधि के 11.7 प्रतिशत की तुलना में 2015-16 में बढ़कर 13.9 प्रतिशत हो गई। छोटे और सीमांत किसानों में ऐसी महिलाओं की संख्या 28 प्रतिशत रही।
  • छोटे और सीमांत किसानों में भूमि स्वामित्व वाले परिचालन वाली खेती के मामलों में बदलाव देखा गया।
  • 89 प्रतिशत भू-जल का इस्तेमाल सिंचाई कार्य के लिए किया गया है। ऐसे में भूमि की उत्पादकता से अधिक ध्यान सिंचाई के लिए जल की उत्पादकता पर दिया जाना चाहिए।
  • लघु और सीमांत किसानों के बीच संसाधनों के इस्तेमाल को अधिर न्याय संगत बनाने के लिए आईसीटी को लागू करना और कस्टम हायरिंग सेंटर के जरिए सक्षम प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को बढ़ावा देना जरूरी।
  • दुनिया में दुध के सबसे बड़े उत्पादक देश भारत में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा।
  • पशु धन का विकास।
  • दुनिया में मछलियों के दूसरे बड़े उत्पादक देश भारत में मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देना।

उद्योगों और अवसंरचना

  • 2018-19 में आठ बुनियादी उद्योगों के कुल सूचकांक में 4.3 प्रतिशत की वृद्धि।
  • विश्व बैंक के कारोबारी सुगमता रिपोर्ट 2019 में भारत दुनिया के 190 देशों में 77वें स्थान पर पहुंचा। पहले की तुलना में 23 स्थान ऊपर उठा।
  • 2018-19 में देश में सड़क निर्माण कार्यों में 30 किलोमीटर प्रति दिन के हिसाब से तरीकी हुई। 2014-15 में सड़क निर्माण 12 किलोमीटर प्रति दिन था।
  • 2017-18 की तुलना में 2018-19 में रेल ढुलाई और यात्री वाहन क्षमता में क्रमशः 5.33 और 0.64 की वृद्धि हुई।
  • देश में 2018-19 के दौरान कुल टेलीफोन कनेक्शन 118.34 करोड़ पर पहुंच गया।
  • बिजली की स्थापित क्षमता 2019 में 3,56,100 मेगावाट रही, जबकि 2018 में यह 3,44,002 मेगावाट थी।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना और सौभाग्य योजनाओं जैसे प्रमुख सरकारी कार्यक्रमों के माध्यम से टिकाऊ और लचीली अवसंरचनाओं को खास महत्व दिया गया।
  • अवसंरचना क्षेत्र से जुड़़े विवादों का नीयत समय पर निपटान करने के लिए संस्थागत प्रणाली की आवश्यकता।

सेवा क्षेत्र

  • सेवा क्षेत्र (निर्माण को छोड़कर) की भारत के जीवीए में 54.3 प्रतिशत की हिस्‍सेदारी है और इसने 2018-19 में जीवीए की वृद्धि में आधे से अधिक योगदान दिया है।
  • 2017-18 में आईटी-बीपीएम उद्योग 8.4 प्रतिशत बढ़कर 167 अरब अमरीकी डॉलर पर पहुंच गया और इसके 2018-19 में 181 अरब अमरीकी डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है।

पर्यटन

  • वर्ष 2018-19 में 10.6 मिलियन विदेशी पर्यटक आए, जबकि 2017-18 में इनकी संख्‍या 10.4 मिलियन थी।
  • पर्यटकों से विदेशी मुद्रा की आमदनी 2018-19 में 27.7 अरब अमरीकी डॉलर रही, जबकि 2017-18 में 28.7 अरब अमरीकी डॉलर थी।

कौशल विकास को प्रोत्‍साहन

  • वित्‍तीयन साधन के रूप में कौशल प्रमाण पत्रों की शुरूआत, ताकि युवा किसी भी मान्‍यता प्राप्‍त प्रशिक्षण संस्‍थान से प्रशिक्षण प्राप्‍त कर सकें।
    पीपीपी मोड में; पाठ्यक्रम विकासृ उपकरण के प्रावधान, प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण आदि के लिए प्रशिक्षण संस्‍थान स्‍थापित करने में उद्योग को शामिल करना।
  • रेलवे कर्मियों और अर्द्ध सैनिकों को कठिन स्‍थानों में प्रशिक्षण देने के लिए मनाया जा सकता है।
  • मांग-आपूर्ति अंतरालों के आकलन के लिए स्‍थानीय निकायों को शामिल करके प्रशिक्षकों का डेटाबेस बनाकर, ग्रामीण युवकों के कौशल की मैपिंग कुछ अन्‍य प्रस्‍तावित पहलें हैं।
  • ईपीएफ के अनुसार औपचारिक क्षेत्र में मार्च 2019 में रोजगार सृजन उच्‍च स्‍तर पर 8.15 लाख था, जबकि फरवरी 2018 में यह 4.87 लाख था।
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत 2014 से करीब 1,90,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के अंतर्गत करीब 1.54 करोड़ घरों का निर्माण कार्य पूरा किया गया, जबकि 31 मार्च, 2019 तक मूलभूत सुविधओं के साथ एक करोड़ पक्‍के मकान बनाने का लक्ष्‍य था।
  • स्‍वस्‍थ भारत के लिए राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन और आयुष्‍मान भारत योजना के जरिए पहुंच योग्‍य, सस्‍ती और गुणवत्‍तापूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
  • देश भर में वैकल्पिक स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं, राष्‍ट्रीय आयुष मिशन की शुरूआत की गई, ताकि सस्‍ती और आयुष स्‍वास्‍थ्‍य सेवा के बराबर सेवा दी जा सके, ताकि इन सेवाओं की पहुंच में सुधार हो और सस्‍ती सेवाएं मिलें।
  • बजटीय आवंटन पर वास्‍तविक व्‍यय को बढ़ाकर और पिछले चार वर्ष में बजट आवंटन बढ़ाकर रोजगार सृजन योजना मनरेगा को प्राथमिकता दी गई।

Leave a Reply