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मोदी राज में नौकरियों की भरमार, पिछले दो साल में संगठित और असंगठित क्षेत्र में मिले 3.7 करोड़ रोजगार

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में रोज रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। चाहे संगठित क्षेत्र हो या असंगठित क्षेत्र, दोनों क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए नए-नए कदम उठाए गए, जिसका लाभ कुशल और अकुशल कामगारों को मिला रहा है। इसका प्रमाण सीएसओ और स्कॉच समूह की रिपोर्ट से मिलता है। पिछले दो साल में संगठित और असंगठित क्षेत्र में कुल 3.7 करोड़ लोगों को रोजगार मिले हैं।

संगठित क्षेत्र में पिछले 16 महीने में करीब 2 करोड़ रोजगार सृजित

देश में पिछले 16 माह के दौरान (सितंबर 2017 से दिसंबर 2018 तक) करीब दो करोड़ रोजगार सृजित हुए हैं। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के पास उपलब्ध कंपनियों के ‘वेतन भुगतान संबंधी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। सीएसओ की रिपोर्ट में ईएसआईसी के आंकड़ों को शामिल किया गया है। ईएसआईसी अपने पास पंजीकृत लोगों को स्वास्थ्य बीमा और चिकित्सा सेवायें उपलब्ध कराता है। इसमें वे सभी प्रतिष्ठान शामिल होते हैं जिसमें 20 या अधिक कर्मचारी काम करते हैं तथा जिनका वेतन 21,000 रुपये तक है। ईएसआईसी की इस योजना से सितंबर 2017 से दिसंबर 2018 तक 1.96 करोड़ नये अंशधारक इस योजना से जुड़े।

दिसंबर 2018 में 7.16 लाख रोजगार सृजित – EPFO

वहीं ईपीएफओ के आंकड़ों से पता चलता है कि संगठित क्षेत्र में दिसंबर 2018 में 7.16 लाख रोजगार सृजित हुए जो एक साल पहले इसी महीने में 2.37 लाख के मुकाबले लगभग तीन गुना है। इसके अनुसार सितंबर 2017 से दिसंबर 2018 तक 72.38 लाख लोग ईपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े। ईपीएफओ के दायरे में वे सभी कंपनियां आती हैं जहां 20 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। जिन कर्मचारियों का वेतन 15,000 रुपये मासिक तक है, वे अनिवार्य रूप से योजना के दायरे में आते हैं।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से जुड़े करीब 9. 7 लाख

इसी अवधि में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से जुड़ने वाले अंशधारकों की संख्या 9,66,381 रही। एनपीएस के अंतर्गत केंद्रीय तथा राज्य सरकार के कर्मचारी आते हैं। आम लोग भी इसे स्वेच्छा से अपना सकते हैं। इसमें कहा गया है कि मौजूदा रिपोर्ट संगठित क्षेत्र में रोजगार के बारे में जानकारी देती है और समग्र रूप से रोजगार का आकलन नहीं करती है।

अनौपचारिक क्षेत्र की नौकरियों में बड़ा उछाल

प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना, स्वयं सहायता समूह और आधारभूत संरचना विकास खासकर ग्रामीण सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार आदि के बल पर मोदी राज में असंगठित क्षेत्र में रोजगार में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।स्कॉच समूह की एक रिपोर्ट का कहना है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और केन्द्र सरकार की कुछ योजनाओं की बदौलत नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान अनौपचारिक क्षेत्र की नौकरियों में बड़ा उछाल आया है। इस रिपोर्ट को स्कॉच समूह के अध्यक्ष समीर कोचर ने तैयार किया है।

मुद्रा योजना से दो वर्षों में 1.7 करोड़ नए रोजगार

स्कॉच के 56वें शिखर सम्मेलन में जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि सिर्फ प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की बदौलत ही योजना शुरू होने के शुरूआती दो वर्षों के दौरान 1.7 करोड़ नए रोजगार के अवसर सृजित हुए। इसके बाद भी इसके तहत ढेरों रोजगार के अवसर सृजित हुए। उल्लेखनीय है कि मुद्रा योजना की शुरूआत अप्रैल 2015 में हुई थी।

स्वयं सहायता समूहों से मिले बड़ी संख्या में रोजगार

रिपोर्ट के मुताबिक मुद्रा योजना ही नहीं, बल्कि स्वयं सहायता समूहों की बदौतल भी बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित हुए। वर्ष 2014-15 में स्वयं सहायता समूहों की संख्या 76.97 लाख थी जो कि 2017-18 में बढ़ कर 87.44 लाख हो गई। इनके खातों को बैंक से जोड़ने का लाभ हुआ। तभी तो आलोच्य अवधि में स्वयं सहायता समूहों की बचत राशि 9897.42 करोड़ रुपये से बढ़ कर 19592.12 करोड़ रुपये हो गई।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी

इस दौरान सड़क बनाने की गति भी तेजी से बढ़ी, जिसकी वजह से रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी हुई। ग्रामीण सड़कों के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की बात करें तो इस दौरान नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हर रोज 134 किलोमीटर सड़क बनायी गई। इससे पहले 2011 से 2014 के बीच हर रोज 73 किलोमीटर सड़क ही बन रही थी।

मोदी सरकार की नीतियों और योजनाओं की वजह से पिछले साढ़े चार वर्षों में देश में रोजगार के करोड़ों मौके पैदा हुए हैं। आइए एक नजर डालते हैं रोजगार सृजन पर-

आईटी और स्टार्टअप कंपनियां दे सकती है 5 लाख लोगों को रोजगार 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में रोज रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और वर्ष 2019 नौकरियों के सृजन के लिहाज से बढ़िया रह सकता है। आईटी और स्टार्टअप कंपनियां इस नए साल में पांच लाख लोगों को रोजगार दे सकती हैं। आईटी जगत के दिग्गज और इन्फोसिस के पूर्व सीएफओ मोहनदास पई ने कहा है कि भारतीय आईटी उद्योग फिर से वृद्धि के रास्ते पर लौट रहा है। उन्होंने कहा कि 2019 कर्मचारियों के लिए बेहतर होने जा रहा क्योंकि भर्ती प्रक्रिया में तेजी आ रही है। पई ने कहा कि आईटी और स्टार्टअप कंपनियां मिलकर 4.5 से 5 लाख कर्मचारियों की भर्ती करेंगी।दुनिया की सबसे बड़ी भर्ती रेलवे में, 1.3 लाख लोगों को रोजगार
रोजगार के क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रही मोदी सरकार अब सरकारी नौकरी देने में भी दुनिया का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाने जा रही है।  एक साथ 1 लाख 30 हजार लोगों को रेलवे सरकारी नौकरी देगी। रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) जल्द ही नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (NTPC) के पदों पर भर्ती का नोटिफकेशन जारी करने वाला है। इसका नोटिफिकेशन 23 फरवरी से 1 मार्च,2019 के भारत सरकार के रोजगार समाचार पत्र जारी में जारी किया जा सकता है। रेलवे की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी जल्द ही इसका नोटिफिकेशन जारी होगा। एक लाख 30 हजार भर्तियों में से एक लाख भर्तियां लेवल -1 पदों के लिए और बाकि पैरामेडिकल स्टाफ, नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी, मंत्रालय और आइसोलेटिड कैटेगरी में की जा सकती हैं। हालांकि पहले इसके लिए 90 हजार नौकरियां निकाली गई थीं। इसमें ग्रुप डी, ग्रुप सी (टेक्नीशियन व असिस्टेंट लोको पायलट) के अलावा आरपीएफ (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) और आरपीएसएफ (रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स) के रिक्त पद शामिल हैं।

हेल्थ और बीमा सेक्टर में सृजित होंगी 10 लाख नौकरियां

मोदी सरकार की महात्वाकांक्षी स्कीम आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भी हेल्थ और इंश्योरेंस सेक्टर में नौकरियों के अपार मौके लाने वाली है। एक अनुमान के मुताबिक जितने बड़े स्तर पर इस योजना को शुरू किया गया है, उससे देशभर में स्वास्थ्य और बीमा क्षेत्र में 10 लाख रोजगार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर सृजित होंगे। आयुष्मान भारत योजना के सीईओ डॉ. इंदू भूषण के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस स्कीम से स्वास्थ्य और बीमा के क्षेत्र में 10 लाख नौकरियों का सृजन होगा। आपको बता दें कि इस योजना के तहत देश के दस करोड़ गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों यानि 50 करोड़ से अधिक लोगों को 5 लाख रुपये सालाना का हेल्थ कवर दिया जा रहा है।

स्किल डेवलपमेंट के तहत हर साल एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण 

15 जुलाई, 2015 को शुरू की गई मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना स्किल डेवलपमेंट मिशन ने युवाओं की किस्मत बदलने का काम किया है। Skill Development के लिए युवाओं को घर से अधिक दूर नहीं जाना पड़े इसके लिए पूरे देश में 13,000 से अधिक प्रधानमंत्री कौशल प्रशिक्षण केंद्र बनाया गया। इन केंद्रों से प्रत्येक साल एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि खुद रोजगार पाने के साथ ही दूसरे को भी रोजगार दे सके। 

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से बने 6 करोड़ से ज्यादा रोजगार के अवसर
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से देश में अब तक 6 करोड़ से ज्यादा रोजगार के अवसर बने हैं। आवास और शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि National Council of Applied Economic Research (एनसीएईआर) की रिपोर्ट के अनुसार, आवास क्षेत्र में निवेश किए गए प्रत्येक 1 लाख रुपये से अर्थव्यवस्था में 2.65 नए रोजगार के अवसर बन रहे हैं। इस आधार पर, पूरे देश में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी के जरिए अब तक कुल 6.07 करोड़ रोजगार के अवसर बने हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत एक करोड़ मकान बनाए जाने हैं। अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत मंजूर मकानों की संख्‍या 65.43 लाख से अधिक हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2022 तक देश के हर परिवार को घर देने का वादा किया है। 2022 तक सभी के लिए मकान सुनिश्चित करने के लक्ष्य को लेकर 25 जून, 2015 में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) शुरू की गई थी।