Home नरेंद्र मोदी विशेष प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘IIT, India’s Instrument of Transformation है’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘IIT, India’s Instrument of Transformation है’

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“आज स्टार्टअप की जिस क्रांति की तरफ भारत आगे बढ़ रहा है, उसका एक बहुत बड़ा स्रोत देश के आईआईटी हैं। आज, दुनिया आईआईटी को Unicorn Start Ups की नर्सरी मानती है।” यह बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आईआईटी बॉम्बे के 56 वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर छात्रों और शिक्षकों से कही। हीरक जयंती वर्ष में आयोजित दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आईआईटी बॉम्बे ने देश को नई दिशा दी है और यहां के छात्र हीरा हैं और यह संस्थान विश्व के सौ सबसे बेहतर संस्थानों में शामिल है।

आईआईटी की परिभाषा बदल गई है
दीक्षांत समारोह में, प्रधानमंत्री मोदी ने तीन छात्रों को गोल्ड मेडल व 43 छात्रों को सिल्वर मेडल प्रदान किया। छात्रों को संबोधित करते हुए सबसे पहले उन्होंने डिग्री पाने वाले देश-विदेश के सभी विद्यार्थियों व उनके परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आईआईटी को देश और दुनिया टेक्नोलॉजी के संस्थान के रूप में जानती है। लेकिन आज हमारे लिए इनकी परिभाषा बदल गई है। ये सिर्फ टेक्नोलॉजी की पढ़ाई से जुड़े स्थान भर नहीं रह गए हैं,बल्कि आईआईटी आज India’s Instrument of Transformation बन गए हैं। आईआईटी उन संस्थानों में है, जो न्यू इंडिया की न्यू टेक्नोलॉजी के लिए काम कर रहा है। आने वाले वक्त में दुनिया का विकास कैसा होगा, यह नई टेक्नोलॉजी तय करेगी। ऐसे में आपका रोल बहुत अहम हो जाता है।

टेक्नोलॉजी के माध्यम से देश सेवा
देश की आजादी के लिए शहीद होने वाले क्रांतिकारी खुदीराम बोस को श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज 11 अगस्त है। आज के ही दिन 110 साल पहले देश की आजादी के लिए खुदीराम बोस ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। आजादी के लिए जिन्होंने प्राण दिए, अपना सब कुछ समर्पित किया, वे अमर हो गए। लेकिन हम लोगों को आजादी के लिए मरने का सौभाग्य नहीं मिला। लेकिन हम आजाद भारत के लिए जी सकते हैं।” उन्होंने कहा आईआईटी से निकले हुए छात्र आज स्टार्टअप स्थापित करने में सबसे आगे हैं। देश में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में क्रांति लाने में आईआईटी से निकले हुए छात्रों का अहम योगदान है, उन्होंने यह सफलता धीरे-धीरे Click by Click प्राप्त की है। पीएम मोदी ने कहा, ‘आज जो डिग्री आपको मिली है, ये आपकी निष्ठा और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। याद रखिए कि ये सिर्फ एक पड़ाव भर है, असली चुनौती आपका बाहर इंतजार कर रही है। आपने आज तक जो हासिल किया और आगे जो करने जा रहे हैं, उससे आपकी अपनी, आपके परिवार की, 125 करोड़ देशवासियों की उम्मीदें जुड़ी हैं।’

एनर्जी और एनवायरनमेंट सबसे बड़ी चुनौती 
 प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आईआईटी उन संस्थानों में है जो न्यू इंडिया की न्यू टेक्नोलॉजी के लिए काम कर रहा है। आने वाले वक्त में दुनिया का विकास कैसा होगा, यह नई टेक्नोलॉजी तय करेगी। ऐसे में आपका रोल बहुत अहम हो जाता है। आज एनर्जी और एनवायरनमेंट सबसे बड़ी चुनौती है। मुझे भरोसा है कि इन दोनों क्षेत्र में रिसर्च के लिए यहां बेहतर माहौल स्थापित होगा। सोलर एनर्जी क्लीन एनर्जी का एक बहुत बड़ा सोर्स साबित होने वाली है। मैंने कल दिल्ली में वर्ल्ड फ्यू्ल डे पर कहा था कि क्लीन एनर्जी पर देश के आईआईटी इंस्टीट्यूट्स में पढ़ाई जाए।”

पुराने तौर-तरीकों को छोड़ना होगा 
दीक्षांत समारोह में सरकार चलाने के अपने अनुभवों को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “यहां जितने लोग भी बैठे हैं वे या तो शिक्षक हैं या भविष्य के लीडर हैं। आप आने वाले भविष्य में पॉलिसी मेकिंग के काम में जुटने वाले हैं। क्या करना है, कैसे करना है, इसमें आपका विजन भी होगा। पुराने तौर-तरीकों को छोड़ना आसान नहीं होता। सरकारी व्यवस्था के साथ भी ऐसा होता है। Dedication, Motivation औऱ Aspiration जब काम के केन्द्र में होता है तो बदलाव आते हैं। मेरा आप सभी से भी इतना ही आग्रह है कि अपनी असफलता की उलझन को मन से निकालें और आकांक्षाओं पर फोकस करें। ऊंचे लक्ष्य, ऊंची सोच आपको अधिक प्रेरित करेगी, उलझन आपके टैलेंट को सीमाओं में बांध देगी। पीएम ने कहा कि सिर्फ आकांक्षाएं होना ही काफी नहीं है, लक्ष्य भी अहम होता है। आप सभी किसी न किसी संस्थान से जुड़ने वाले हैं। नए संस्थान की नींव डालने वाले हैं। ऐसी अनेक समस्याएं हैं जिनका समाधान आप ढूंढ़ सकते हैं। आपके हर विचार के साथ यह सरकार खड़ी है।

आईआईटी को सिटी बेस्ड एक्सलेंस सेंटर बनने की सलाह दी
प्रधानमंत्री मोदी ने आईआईटी बॉम्बे के छात्रों और शिक्षकों के सामाजिक उत्तरदायित्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। देश में करीब दस हजार स्टार्टअप्स हैं। भारत दुनिया में स्टार्टअप के क्षेत्र में एक उभरता हुआ देश है, और यह तभी संभव हो सका है जब आप जैसे युवा और आप जैसे युवा मस्तिष्क होते हैं। आप सभी लोगों को भारत में पूरी मानवता के लिए इनोवेट करना चाहिए।समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे बताया गया है कि जिस ग्रेटर मुबंई के क्षेत्र में यह संस्थान है उसके आसपास करीब 800 अन्य संस्थान हैं, जहां करीब 8 से 9 लाख छात्र पढ़ते हैं। प्रधानमंत्री ने देश में इनोवेशन को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि आईआईटी बॉम्बे को सिटी बेस्ड एक्सलेंस सेंटर बनना चाहिए ताकि अन्य संस्थानों के छात्रों को भी यहां लाया जा सके और उन्हें भी इनोवेट करने का मौका मिले। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में इनोवेशन का माहौल तैयार करने की सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार की जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि स्कूलों में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए Atal Tinkering Labs बनाये गये हैं, जहां आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस, थ्री डी प्रिटिंग आदि पर काम हो रहा है।

आईआईटी बॉम्बे को 1000 करोड़ रुपये की सहायता 
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में आईआईटी बॉम्बे को 1000 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बीते 6 दशकों की निरंतर कोशिशों का ही परिणाम है कि आईआईटी बॉम्बे ने देश के चुनिंदा Institutions of Eminence में अपनी जगह बनाई है। आपको अब एक हजार करोड़ रुपए की आर्थिक मदद मिलने वाली है, जो आने वाले समय में यहां इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में काम आने वाली है। उन्होंने कहा कि आईआईटी ग्रेजुएट्‌स ने स्टार्ट-अप को नई दिशा दी और सबसे अच्छे स्टार्ट-अप शुरू किये हैं। 

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