Home नरेंद्र मोदी विशेष राफेल का रास्ता रोक रहा था ‘मामा मिशेल’, छापेमारी से हुआ खुलासा

राफेल का रास्ता रोक रहा था ‘मामा मिशेल’, छापेमारी से हुआ खुलासा

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राफेल डील का विरोध राहुल गांधी बेवजह नहीं कर रहे हैं। रक्षा सौदों में राहुल-सोनिया के दलाल माने जाने वाले क्रिश्चियन मिशेल ने भी राफेल का रास्ता रोकने की कोशिश की थी। अगस्टा वेस्टलैंड घोटाले में बिचौलिए मिशेल ने राफेल की विरोधी कंपनी यूरोफाइटर के लिए लॉबीइंग की थी। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मिशेल ने रणनीति बनाई कि इसके लिए भारत के किसी ऐसे व्यक्ति की मदद लेनी होगी जिसकी अफसरशाही और राजनीतिक सिस्टम में गहरी पैठ हो। इटली में गाइडो हैश्चेक के ठिकानों पर छापेमारी में जो दस्तावेज मिले थे, उनमें मिशेल की रणनीति लिखी हुई थी। इसके मुताबिक ‘ ये आदमी रक्षा मंत्रालय में काम कर चुका हो और सबको अच्छे से जानता हो। रक्षा मंत्रालय, महत्वपूर्ण अफसरों और मंत्रियों के साथ ऐसे व्यक्ति का प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और ‘प्रथम परिवार’ से भी संबंध हों।’

कांग्रेस बताए कि रक्षा सौदों में दलाल की जरूरत क्यों पड़ती है।
                                                 नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री

राफेल के बजाए टायफून बेचने की मंशा नाकाम 

2007 में भारत ने 126 मीडियम मल्टी रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (MMRCA) खरीदने का ऐलान किया

डील हथियाने के लिए राफेल के प्रतिस्पर्धी ‘यूरोफाइटर’ ने बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल, गाइडो हैश्चेक की मदद ली

2011 तक छानबीन के बाद डील की दौड़ केवल दसॉल्ट का राफेल और यूरोफाइटर का टायफून के बीच रह गई

मिशेल और गाइडो के मुताबिक राफेल का रास्ता रोकने का काम सिर्फ 3 लोग ही कर सकते हैं, उन 3 में से एक उपलब्ध है

मिशेल का मकसद चीफ ऑफ मेंटेनेंस कमॉन्ड, एयर चीफ मैंटेनेंस और चीफ ऑफ इंजीनियरिंग को भी साधना था

2012 में राफेल को वायुसेना की जरूरतों के हिसाब से फिट पाया गया लेकिन कांग्रेस सरकार ने डील साइन नहीं की

गाइडो को हेलिकॉप्टर घोटाले में इटली में सजा हुई, जिसके बाद वो सरकारी गवाह बन गया

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