Home विपक्ष विशेष नाभा जेल ब्रेक मास्टरमाइंड को छुड़ाने वाला गांधी परिवार का करीबी!

नाभा जेल ब्रेक मास्टरमाइंड को छुड़ाने वाला गांधी परिवार का करीबी!

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27 नवंबर, 2016 को पंजाब के नाभा जेल में जो हुआ वैसा इससे पहले देश में कभी किसी जेल में नहीं हुआ था। दस बदमाश चार गाड़ियों में सवार होकर जेल के अंदर और जेल के बाहर कई मिनट तक सौ राउंड या उससे ज्यादा गोलियां बरसाते रहे। इसके बाद पूरे जेल स्टाफ के सामने अपने साथियों को ले उड़े। क्या ये इतना आसान था… या फिर इसके पीछे बड़ी साजिश थी? इसकी जांच जारी है लेकिन इस बीच सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। खुलासा यह कि नाभा जेल ब्रेक मामले में कुख्यात गैंगस्टर गोपी घनशामपुरा को छुड़ाने में मदद करने के आरोपी कांग्रेसी नेता संदीप तिवारी उर्फ पिंटू तिवारी के तार गांधी परिवार से भी जुड़े हैं।

कांग्रेस से है संदीप तिवारी का खास कनेक्शन !
संदीप तिवारी के साथ संबंधों को लेकर कई कांग्रेसी दिग्गज यूपी एटीएस और पंजाब पुलिस की निगरानी के दायरे में आ गए हैं। इसमें बड़ा नाम दस जनपथ के खासमखास किशोरी लाल का भी है। हालांकि किशोरी लाल शर्मा सफाई दे रहे हैं कि पिंटू तिवारी से उनके संबंध रहे हैं, लेकिन उसके किसी गैर कानूनी कार्यों से वास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि पिंटू तिवारी से बात होती होगी, रिकॉर्ड भी होगा लेकिन किसी गैर कानूनी कार्य से लेना-देना नहीं है।

संदीप तिवारी का गांधी परिवार तक है पहुंच !
कहा जाता है कि संदीप तिवारी किशोरी लाल का ही नहीं, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा और कैप्टन सतीश शर्मा का भी बेहद करीबी माना जाता रहा है। इन नेताओं के अलावा उसके प्रोफाइल में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और चंद्रशेखर के साथ भी फोटो हैं। संदीप तिवारी उर्फ पिंटू का कांग्रेस हाईकमान में उसकी पहुंच का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2012 के विधानसभा चुनाव में प्रियंका वाड्रा ने उसके क्षेत्र में प्रचार किया था, जिसमें सुलतानपुर की सड़कों पर रोड शो भी शामिल है। अब एटीएस इन संबंधों की गहराई माप रही है।

संदीप तिवारी ने करवाई थी IPS अधिकारी से डील !
संदीप तिवारी उर्फ पिंटू को पंजाब पुलिस और यूपी एटीएस ने गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार किया था। संदीप पर आरोप है कि नाभा जेल ब्रेक के मास्टर माइंड गोपी धनश्यामपुरा को छुड़ाने के लिए उसने यूपी के एक आईपीएस अफसर से डील किया था। एटीएस की टीम ने बुधवार यानि 20 सितंबर को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में संदीप के पैतृक गांव सराय गोकुल नंदापुर जाकर छानबीन की। संदीप पर आरोप है कि गोपी घनशामपुरा को छु़ड़ाने के लिए डील स्थानीय होटल में ही की थी। बहरहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए कमिटी गठित कर दी है।

राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल है संदीप तिवारी !
संदीप ने अपनी ताकत के दम पर क्षेत्र में काफी दबदबा बना लिया था। वहीं, अलग-अलग चुनावी सभाओं में वो फिल्म स्टार्स ओर क्रिकेटरों के साथ भी प्रचार करता रहा था, लेकिन उसका असल धंधा कुछ और था। दरअसल उसके बारे में पंजाब पुलिस को सूचना मिली थी कि उसने किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए बड़ी मात्रा में हथियारों की खेप मंगवाई थी। पंजाब पुलिस को संदीप तिवारी के ड्रग्स की तस्करी और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में भी शामिल होने की आशंका है। इस बीच लखीमपुर खीरी से भी दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है जो संदीप का करीबी है।

यह है मामला
पंजाब में नाभा जेल ब्रेक मामले में वांछित गोपी घनशामपुरा को पिछले दिनों उत्तर प्रदेश में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद गोपी को छुड़ाने के लिए गैंगस्टर्स का पंजाब नेटवर्क हरकत में आ गया। डील होने पर पता चला कि उत्तर प्रदेश एसटीएफ के एक अधिकारी ने उसे छो़डने के लिए एक करोड़ रुपये की मांग की है। पैसों का बंदोबस्त करने के लिए अमृतसर जेल में बंद बलजिदर सिंह उर्फ ढोनी को जिम्मा सौंपा गया था। ढोनी ने जेल से ही पैसों का बंदोबस्त करने के लिए शराब कारोबारी रिपल से बात की। इसकी भनक खुफिया एजेंसी को लग गई। एजेंसी ने यह जानकारी पंजाब पुलिस की खुफिया शाखा को दी। इस पर स्पेशल सेल ने रिपल और गुरप्रीत को अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया था। दोनों से पूछताछ के बाद मिले इनपुट के आधार पर स्पेशल सेल ने यूपी से 16 सितंबर को हरजिंदर सिंह काहलों और अमनदीप को पकड़ा था। इसके बाद इसी मामले में डील करवाने की भूमिका निभाने के आरोपी कांग्रेस नेता पिंटू तिवारी को भी गिरफ्तार किया गया था।

 

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