Home नरेंद्र मोदी विशेष भारत की विविधता को आत्मसात करें युवा- प्रधानमंत्री

भारत की विविधता को आत्मसात करें युवा- प्रधानमंत्री

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के माध्यम से को देश की जनता से 36वीं बार संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन तीन सालों में मैंने अपने नहीं बल्कि देशवासियों के मन की बात को रखा। देश की जनता से मैंने एक भावनात्मक रिश्ता बनाया और इन तीन सालों में इसे राजनीति से दूर रखा है। उन्होंने कहा, ”मन की बात के माध्यम से ही मुझे अनुभव हुआ कि कैसे एक छोटी सी बात आंदोलन बन जाती है।” प्रधानमंत्री ने स्वच्छता अभियान से जुड़ने के लिए लोगों का धन्यवाद दिया और खादी को जुड़ने के लिए आभार जताया। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वह विदेश में घूमने जाएं लेकिन अगर देश में पहले घूमें तो ठीक होगा। उन्होंने कहा, ”देश में ऐसी बहुत से स्थान हैं जहां के बारे में लोग बिल्कुल नहीं जानते हैं। अगर हम उनके बारे में जानें-समझें तो ऐसा करने से व्यक्तित्व विकास भी होगा।” प्रधानमंत्री ने कहा कि 2022 तक न्यू इंडिया के संकल्प के साथ देश सही दिशा में अग्रसर है।

यह मेरे मन की नहीं, देश की मन की बात है
प्रधानमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम देश की सकारात्मक शक्ति से जुड़ने का अवसर दिया है। यह देश की मन की बात है, मेरे मन की बात नहीं है। इस मंच से मुझे लोगों के सुझाव का खजाना मिलता है। उन्होंने कहा, ”कई बातें मुझे प्रेरणा देती हैं। कई सुझाव होते हैं। लोग अपनी बात मुझ तक पहुंचाते हैं। देश के कोने कोने से यह बात मुझ तक पहुंचती है।” उन्होंने कहा कि तीन साल की यह यात्रा पूरी हो गई है और इस दौरान मन की बात को राजनीति से दूर रखा है।

छोटी-छोटी मुहिम बन गए बड़े अभियान
प्रधानमंत्री ने कहा कि अन्न बचाने के प्रयास में कई लोग पहले से लगे हैं। अन्न बचाने का आह्वान जब मन की बात से की गई तो इसका सकारात्मक असर रहा। उन्होंने कहा कि मैंने महाराष्ट्र के चंद्रकांत कुलकर्णी की बात कही थी। उन्होंने स्वच्छता के लिए अपनी पेंशन दे दी। हरियाणा के सरपंच की एक तस्वीर पर सेल्फी विद डॉटर एक मुहिम बनी। उन्होंने कहा कि टूरिज्म क्षेत्र के लिए लोगों से तस्वीरें मांगी। इतनी तस्वीरें आईं कि भंडार बन गया।

खादी खरीदें, गरीबों के घर में दीया जलाएं
पीएम मोदी ने कहा कि खादी के प्रति लोगों में रुचि बनी है। लोगों से मैंने खादी का उपयोग करने के लिए लोगों ने इसका सम्मान किया। खादी की बिक्री बढ़ी है। इससे गरीब के घर में रोजगार पहुंचा। 2 अक्टूबर से खादी में रियायत मिलती है। इसे आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि इस दीपावली खादी खरीदकर गरीब के घरों में दीया जलाएं।

बड़े कॉपोरेट हाउस भी खादी के मुरीद
प्रधानमंत्री ने कहा कि खादी की बिक्री बढ़ने से इस दिशा में लगे लोगों में उत्साह जागा है। नई तकनीक तलाशी जा रही है। वाराणसी में बंद पड़ा खादी का कारखाना फिर शुरू हुआ है। बड़े-बड़े कॉपोरेट हाउस भी खादी का प्रयोग कर रहे हैं। लोगों को गिफ्ट खादी के दे रहे हैं।

संकल्प से सिद्धि का उदाहरण है स्वच्छता मिशन
प्रधानमंत्री ने कहा कि मन की बात में लोगों ने संकल्प लिया था कि गांधी जयंती से पहले 15 दिन देश में स्वच्छता अभियान से जुड़ेंगे। आज हर कोई इस अभियान का हिस्सा बन रहा है। संकल्प से सिद्धि हो रही है, हर कोई इसे स्वीकारता है। हमारे देश के राष्ट्रपति भी इस मुहिम से जुड़े हैं।

सफाई के प्रति लोगों में आई जागरूकता
सार्वजनिक स्थान पर सफाई का खास ख्याल रखा जा रहा है, अब लोग टोकते हैं, गंदगी होने नहीं दे रहे हैं। स्वच्छता को स्वभाग बनाना है। ढाई करोड़ बच्चों ने स्वच्छता से जुड़ी मुहिम में हिस्सा लिया। पेंटिंग, निबंध आदि में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि मीडिया के लोगों ने इस अभियान को आगे बढ़ाया है।

श्रीनगर के बिलाल डार ने की सराहनीय पहल
प्रधानमंत्री ने कश्मीर के बिलाल डार की चर्चा करते हुए बताया कि वे स्वच्छता के लिए अनूठी पहल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिलाल डार स्वच्छता के साथ साथ आजीविका कमा रहा है। श्रीनगर नगर निगम ने उनसे अपना एंबेसेडर बनाया है। निगम ने उसे गाड़ी दी है, टेलिफोन दिया है। वह सफाई के काम में लगा है। डार बधाई के पात्र हैं।

महापुरुषों के जन्म का महीना है अक्टूबर
प्रधानमंत्री ने अक्टूबर के महीने को विशेष बताते हुए कहा कि महात्मा गांधी से लेकर सरदार पटेल तक अक्टूबर में जन्म लिया। इन नेताओं ने देश के लिए कष्ट झेले हैं। सभी महापुरुषों का केंद्र बिंदु था देश के लिए कुछ करना। मात्र उपदेश ही नहीं अपने जीवन के द्वारा उन्होंने कुछ कर के दिखलाया। पीएम मोदी ने कहा कि कई महापुरुष सत्ता के गलियारों से दूर रहे हैं और सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय में लगे रहे। नाना जी देशमुख ने राजनीति छोड़कर लोगों की सेवा की। दीन दयाल जी भी समाज के आखिरी व्यक्ति के जीवन में बदलाव के लिए प्रयासरत थे।

भारत की विविधता का अनुभव करें युवा
प्रधानंत्री ने कहा कि हमारा देश विविधताओं से भरा हुआ है। आप विदेश जाएं ठीक है, लेकिन भारत में देखने के लिए बहुत कुछ हैं। पहले आप देश को समझ लें। देश के महापुरुषों ने पहले देश को घूमा, उसे समझा। टूरिज्म में वैल्यू एडिशन तब होगा जब हम विद्यार्थी के तौर पर घूमें। उन्होंने कहा कि 500 से ज्यादा जिलों में मैं गया हूं, 450 से ज्यादा में तो मैं रुका। आज शासन चलाने में मुझे यह अनुभव बेहद काम आ रहा है।

भारत को अपने भीतर आत्मसात कीजिए
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सर्दियों में घूमने की योजना बनाएं तो पहले भारत घूमें। एक भारत श्रेष्ठ भारत का सपना इसमें निहित है। उन्होंने कहा कि अलग अलग जगह अलग अलग खानपान है। भारत को अपने भीतर आत्मसात कीजिए। इन अनुभवों से आपका जीवन समृद्ध होगा। अक्टूबर से मार्च का समय पर्यटन का होता है। उन्होंने कहा कि लोग अपनी पसंद के सात जगहों के बारे में बताएं। भारत सरकार उसपर काम करेगी। अक्टूबर से मार्च तक के समय में देश के टूरिज्म को बढ़ाने में अपना सहयोग दें।

लेफ्टि. स्वाति और निधि देश के लिए मिसाल
पीएम मोदी ने स्वाति महादिक और निधि दुबे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दो महिलाएं सेना में भर्ती हुई हैं और ये दोनों ही महिला शक्ति और देशभक्ति मिसाल हैं। दोनों ही शहीदों की पत्नी रही हैं। देश को इन वीरांगनाओं के प्रति आदर है। प्रधानमंत्री ने नवरात्रि के अवसर पर देश के लोगों को शुभकामनाएं भी दीं।

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