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पूर्वोत्तर को हम ‘न्‍यू इंडिया’ की विकास गाथा का द्वार बनाने में जुटे हैं- प्रधानमंत्री मोदी  

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि जिस मणिपुर और पूर्वोत्तर को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने भारत की आजादी का गेटवे बताया था, उसे हमारी सरकार न्‍यू इंडिया की विकास गाथा का द्वार बनाने में जुटी हुई है।

अलगाव को लगाव में बदला

मणिपुर की राजधानी इंफाल में शिक्षा, कौशल विकास और खेल के अलावा विकास से जुड़ी कई योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों ने दिल्ली को आपसे दूर करने का काम किया। अटल जी की सरकार में मणिपुर को साथ लेकर चलने का प्रयास किया गया। उन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाने का काम केंद्र की वर्तमान सरकार कर रही है। हम दिल्ली से पूर्वोत्तर के अलगाव को लगाव में बदल रहे हैं।  

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘मणिपुर की खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण स्‍वॉमबंग के FCI गोदाम का लोकार्पण आज किया गया। 2016 में इस पर काम शुरू हुआ और हमने इसका काम पूरा करके दिखाया है। समय पर पूरा होने से ज्यादा खर्च से बचे और अनाज स्टोर करने के लिए 10 हजार MT अतिरिक्त व्यवस्था का निर्माण भी हो गया। उखरुल और उसके आसपास के हजारों परिवारों की पानी की जरूरतों को देखते हुए बफर वाटर रिजर्वर पर काम 2015 में शुरू हुआ। ये तैयार भी हो गया है और आज इसका लोकार्पण किया गया। यह प्रोजेक्ट 2035 तक की जरूरतों को पूरा करने वाला है। चुराचांदपुर, जोन-थ्री प्रोजेक्ट पर भी 2014 में काम शुरू हुआ और 4 वर्ष बाद आज लोकार्पण भी हो गया है। इससे 2031 तक यहां की आबादी की पानी की जरूरतें पूरी होंगी।’

परिवर्तन के दौर से गुजर रहा पूर्वोत्तर

पीएम मोदी ने कहा, ‘ऐसे निरंतर प्रयासों की वजह से अलगाव को हमने लगाव में बदल दिया है। आज इन्हीं कोशिशों की वजह से पूरा नॉर्थ ईस्ट परिवर्तन के एक बड़े दौर से गुजर रहा है। तीस-चालीस साल से अटके हुए प्रोजेक्ट्स पूरे किए जा रहे हैं। आपके जीवन को आसान बनाने की कोशिश की जा रही है। आज मणिपुर को 125 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बने इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट का भी उपहार मिला है। ये सिर्फ एक चेक पोस्ट नहीं है, दर्जनों सुविधाओँ का केंद्र भी है। दोलाईथाबी बराज की फाइल 1987 में चली थी। निर्माण का काम 1992 में 19 करोड़ की लागत से शुरू हुआ था। 2004 में इसको स्पेशल इक्नॉमिक पैकेज का हिस्सा बनाया गया, लेकिन फिर लटक गया। 2014 में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ और ये प्रोजेक्ट 500 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद अब बनकर तैयार है।’

‘साढ़े चार साल में 30 बार आया पूर्वोत्तर’

पीएम मोदी ने कहा कि जिस मणिपुर और नॉर्थ ईस्ट को नेताजी ने भारत की आजादी का गेटवे बताया था, उसको अब न्‍यू इंडिया की विकास गाथा का द्वार बनाने में हम जुटे हुए। जहां से देश को आज़ादी की रोशनी दिखी थी, वहीं से नए भारत की सशक्त तस्वीर आप सभी की आंखों में स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्‍होंने कहा, “मैं खुद बीते साढ़े चार साल में करीब 30 बार नॉर्थ ईस्ट आ चुका हूं। आपसे मिलता हूं, बातें करता हूं तो एक अलग ही सुख मिलता है, अनुभव मिलता है। मुझे अफसर से रिपोर्ट नहीं मांगनी पड़ती, सीधे आप लोगों से मिलती है। ये फर्क है पहले और आज में।”

पीएम मोदी ने जनधन योजना, आयुष्मान योजना, सौभाग्य योजना और उज्ज्वला योजना जैसी भारत सरकार की योजनाओं से मणिपुर को हुए लाभ की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें विकास प्रोजेक्ट्स को कई वर्षों तक लटका कर रखती थीं, लेकिन हमारी सरकार तेज गति से प्रगति और विकास में विश्वास करती है।

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