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ईज ऑफ डूइंग के साथ ईज ऑफ लिविंग बढ़ाने पर भी सरकार का फोकस: प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को टोक्यो में आयोजित ‘Make in India: India-Japan partnership in Africa and digital partnership’ सेमिनार को संबोधित किया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि बीते साढ़े चार वर्षों में भारत में बिजनेस के माहौल में काफी परिवर्तन आया है और सरकार का लगातार प्रयास है कि ईज ऑफ डूइंग के साथ ही ईज ऑफ लिविंग का भी एहसास हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने कुछ वर्ष पहले भारत में मिनी जापान बनाने की बात कही थी, आज उससे भी व्यापक स्तर पर आप लोग काम कर रहे हैं। कई दशकों से भारत में 1150 जापानी कंपनियां थीं, वहीं 2014 से 2017 के बीच जापान की 200 से ज्यादा नई कंपनियों ने भारत में ऑपरेट करना शुरू किया है। यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जापान की सह अस्तित्व की भावना साझा विश्वास की विरासत पर आधारतित है। यही कारण है कि 2014 में पीएम के तौर पर पहली जापान यात्रा के दौरान ही दोनों देशों ने तय किया था कि अपने रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। श्री मोदी ने कहा कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे से निरंतर मिलना होता रहा है और हमने मिलकर के दोनों देशों के बीच कई अड़चनों को दूर किया है। श्री मोदी ने कहा कि जापान वेस्टर्न डेडीकेटेड कॉरिडोर, दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर, मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट समेत कई परियोजनाओं में भारत के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्षों में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्राथमिकता में रखा है। पीएम मोदी ने कहा कि ‘2014 में जब मैं प्रधानमंत्री बना तो बिजनेस करने के मामले में भारत विश्वभर में 140वें स्थान पर था। अब भारत 100वें स्थान पर पहुंच गया है।

श्री मोदी ने कहा कि आज ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत 21 स्थान ऊपर आ गया है। अंकटाड में लिस्ट किए गए 10 विदेशी एफडीआई डेस्टीनेशन में भारत का नाम है। सरकार ने एफडीआई के क्षेत्र में कई रिफॉर्म किए हैं, एफडीआई के मामले मे आज भारत सबसे खुली अर्थव्यसवस्था बन चुका है। पिछली तीन साल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 36 बिलियन डॉलर से बढ़कर 60 बिलियन डॉलर हो गया है। भारत आज सबसे तेज विकास करने वाली अर्थव्यवस्था हैं। भारत दुनिया की छठे नंबर की अर्थव्यवस्था है और शीघ्र ही पांचवे नंबर की अर्थव्यस्था बनने की ओर अग्रसर है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जापान की बड़ी कंपनियों के साथ ही छोटी और मझोली कंपनियों को भारत में बिजनेस के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि बीते चार वर्षों में मेक इंडिया कार्यक्रम के तहत भारत को मैन्युफेक्चरिंग और रिसर्च का ग्लोबल हब बनाने की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में व्यापार करने का एक फायदा लो कास्ट मैन्युफैक्चरिंग है। भारत में कंपटीटिव लेबर कॉस्ट बड़ी ताकत है। श्री मोदी ने कहा कि भारत का सॉफ्टवेयर और जापान का हार्डवेयर अगर मिल जाए तो हम दुनिया के अंदर चमत्कार कर सकते हैं। भारत टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए आविष्कारों के जरिए इंडस्ट्री 4.0 की तरफ आगे बढ़ रहा है। श्री मोदी ने कहा कि हम एक ऐसी इकोनॉमी की निर्माण करें जिसका आधार स्पीड, स्किल और स्केल हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में आने वाले दिनों में इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में काफी काम होना है। स्मार्ट सिटी के तहत 50 शहरों में मेट्रो रेल की शुरुआत करने की योजना है, रेल और रोड का विस्तार किया जा रहा है, कई हाईस्पीड कॉरिडोर बनाने हैं,नए पोर्ट और एयरपोर्ट बनाना एजेंडे में हैं।

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