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मोदी कैबिनेट 2.0 में 20 नए चेहरे, जानिए मंत्रिमंडल के हर सदस्य के बारे में

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गुरुवार शाम एक ऐतिहासिक समारोह में नरेन्द्र मोदी ने दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ 57 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली। मोदी कैबिनेट 2.0 में मंत्रियों का चुनाव सामाजिक और क्षेत्रीय आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर किया गया तो इसमें अनुभव और युवा शक्ति को भी बराबर तवज्जो दी गई है।  पीएम मोदी समेत जिन 58 मंत्रियों ने शपथ ली, उनमें 38 चेहरे मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के ही हैं जबकि 20 नए चेहरे हैं। मंत्रिमंडल में 25 कैबिनेट मंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 24 राज्यमंत्री शामिल हैं।

कैबिनेट मंत्री 

राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्रालय- भौतिकी के प्रोफेसर से देश के गृहमंत्री पद तक पहुंचे राजनाथ सिंह बीजेपी के मजबूत स्तंभ हैं। इनकी पहचान कुशल प्रशासक और राजनीतिक शुचिता की है। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में गृह मंत्री थे।

अमित शाह, गृह मंत्रालय- बीजेपी के ‘चाणक्य’ शाह ने राज्य दर राज्य बीजेपी की विजय यात्रा सफल बनाई। 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के सदस्यों की संख्या 303 करने में महती भूमिका निभाई। पहली बार केंद्रीय कैबिनेट का हिस्सा बने हैं।

नितिन गडकरी,  सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय- पीएम मोदी की पिछली सरकार में सबसे अच्छा परफॉर्मेंस देने वाले मंत्री। सड़क निर्माण में मोदी सरकार की वाहवाही का बड़ा कारण गडकरी द्वारा बुनियादी ढांचे पर किए गए काम हैं।

निर्मला सीतारमन, वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय- पिछली मोदी सरकार में पहले राज्य मंत्री और फिर केंद्रीय रक्षा मंत्री रहीं। राफेल सौदे पर कांग्रेस के दुष्प्रचार का संसद से सड़क तक करारा जवाब देने में अहम भूमिका निभाई।

स्मृति ईरानी, महिला एवं बाल विकास और कपड़ा मंत्रालय- पीएम मोदी की पिछली सरकार में मानव संसाधन विकास और कपड़ा मंत्रालय संभाल चुकी हैं। इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को हराकर जाएंट किलर बनी।

पीयूष गोयल,  रेलवे और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय- पिछली सरकार में पहले राज्यमंत्री और फिर केंद्रीय रेल मंत्री रहे। बीच में अरुण जेटली बीमार हुए तो उन्होंने वित्त मंत्रालय संभाला और बजट भी पेश किया था। पीएम मोदी के विश्वस्त।

एस जयशंकर, विदेश मंत्रालय- डिप्लोमेट रहे एस जयशंकर पहली बार में ही सीधे कैबिनेट मंत्री बने हैं। डोकलाम विवाद से लेकर संयुक्त राष्ट्र में भारत की पैरवी तक अहम भूमिका निभाई। पीएम बनने से पहले से ही नरेंद्र मोदी के करीबी रहे हैं।

मुख्तार अब्बास नकवी, अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय- बीजेपी का अल्पसंख्यक चेहरा नकवी पिछली सरकार में अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे। इस बार कैबिनेट मंत्री के तौर पर शामिल किया गया है।

नरेंद्र तोमर, कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालय- मध्य प्रदेश के नरेन्द्र सिंह तोमर को केन्द्रीय मंत्रिमंडल में लगातार दूसरी दफा शामिल किया गया है। 2014 से 2019 के बीच वे कैबिनेट मंत्री के तौर पर खनन, इस्पात, श्रम, रोजगार और ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज जैसे मंत्रालयों का दायित्व संभाल चुके हैं।

रविशंकर प्रसाद, कानून एवं न्याय, संचार और इलेक्ट्रानिक एवं सूचना मंत्रालय- पीएम मोदी की पहली कैबिनेट में भी शामिल थे। रविशंकर प्रसाद ने मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में 26 मई 2014 को संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के रूप में नियुक्त होने के बाद से भारत के दूरसंचार क्षेत्र को पुनर्जीवित करने में अहम भूमिका निभाई।

धर्मेंद्र प्रधान, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्रालय- पिछली मोदी सरकार में राज्य मंत्री के रूप में आए लेकिन जल्द ही प्रमोशन के साथ पेट्रोलियम मंत्री बन गए। मंत्री के रूप में शुरू किया गया उज्ज्वला गैस कार्यक्रम गरीब तबकों को बीजेपी की तरफ खींचने में कारगर साबित हुआ। ओडिशा में बीजेपी को मिली जीत में भी इनकी अहम भूमिका है।

प्रकाश जावड़ेकर, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय- पिछली सरकार में प्रकाश जावड़ेकर भी जूनियर मंत्री के रूप में ही आए लेकिन बीच में ही तरक्की पाकर मानव संसाधन विकास मंत्री बन गए। राज्यसभा से आने वाले जावड़ेकर पीएम मोदी के विश्वस्त हैं।

अर्जुन मुंडा, आदिवासी मामलों का मंत्रालय- अर्जुन मुंडा तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। अर्जुन मुंडा खूंटी लोकसभा सीट से जीतकर आए हैं और पहली बार केंद्रीय मंत्री बने हैं।

रमेश पोखरियाल निशंक, मानव संसाधन विकास मंत्रालय- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्हें उत्तराखंड में बीजेपी को सभी पांच सीटें जिताने का ईनाम मिला है। निशंक खुद राज्य के हरिद्वार सीट से जीत कर लोकसभा पहुंचे हैं।

प्रहलाद जोशी, संसदीय मामले, कोयला और खान मंत्रालय- कर्नाटक के धारवाड़ सीट से लगातार चौथी बार सांसद बने हैं। बीजेपी की कर्नाटक इकाई के प्रदेश अध्यक्ष जोशी उस समय चर्चा में आये थे जब पार्टी ने हुबली के ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने को लेकर आंदोलन चलाया था। उन्हें 1990 की शुरूआत में कश्मीर बचाओ आंदोलन से भी खासी पहचान मिली।

रामविलास पासवान, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय- पासवान को उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी के कोटे से मंत्री बनाया गया है। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में राम विलास पासवान केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री थे।

सदानंद गौड़ा, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय- दूसरी बार मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री के तौर पर शामिल किया गया है. साल 2014 में गौड़ा को पहले रेल मंत्रालय सौंपा गया। इसके बाद उन्होंने न्याय एवं विधि मंत्री के तौर पर डेढ़ वर्ष नवम्बर 2014 से जुलाई 2016 तक कार्य किया। इसके बाद उन्हें सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय का कार्यभार दिया गया।

हरसिमरत कौर बादल, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय- मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में खाद्य प्रसंस्करण मंत्री थीं। उन्हें शिरोमणि अकाली दल के कोटे से दोबारा कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।

थावर चंद गहलोत, सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय- मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भी थावर चंद गहलोत मंत्री रहे थे। उन्हें आदिवासियों और अनुसूचित जनजातियों का बड़ा नेता माना जाता है।

डॉ. हर्षवर्धन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रोद्योगिकी, भूविज्ञान मंत्रालय- लोकसभा चुनाव में दिल्ली की चांदनी चौक सीट से जीतकर संसद पहुंचे हैं। उन्हें मोदी सरकार में दोबारा कैबिनेट मंत्री बनने का अवसर मिला है। पिछली कैबिनेट में केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री के तौर पर हर्षवर्धन ने साइबर सुरक्षा के बुनियादी ढांचे पर काफी जोर दिया था।

महेंद्र नाथ पांडेय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय- उत्तर प्रदेश में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के तौर बीजेपी की शानदार जीत में अहम भूमिका निभाई। 2014 के लोकसभा चुनाव में चंदौली से जीते और मोदी सरकार में राज्यमंत्री बने थे। इस बार उन्हें कैबिनेट का जिम्मा मिला है।

अरविंद सावंत, भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय- अरविंद सावंत शिवसेना उम्मीदवार के रूप में दक्षिण मुंबई से जीतकर सांसद बने हैं। 68 वर्षीय सावंत ने कांग्रेस के मिलिंद देवड़ा को हराकर अपनी सीट बरकरार रखी। इससे पहले वह 1996 से 2010 के बीच दो बार विधायक चुने गए थे।

गिरिराज सिंह, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्रालय- पीएम मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तभी से सिंह उनके करीबी रहे हैं। 66 वर्षीय सिंह ने इस बार लोकसभा चुनाव में बेगूसराय से भाकपा उम्मीदवार कन्हैया कुमार को चार लाख से ज्यादा मतों के अंतर से हराया। यह 2019 लोकसभा चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में एक था। 2014 में वह भाजपा की टिकट पर नवादा से चुनाव जीते थे। पहली मोदी कैबिनेट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री थे।

गजेंद्र सिंह शेखावत, जल शक्ति मंत्रालय- राजस्थान के कद्दावर नेता हैं। इस बार जोधपुर में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे को करारी शिकस्त देकर सांसद बने हैं। 2014 में जीत हासिल करने के बाद उन्हें किसान मोर्चा का राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया था। इसके बाद मोदी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में कृषि राज्य मंत्री बने थे।

राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार

हरदीप पुरी, शहरी विकास और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (राज्य मंत्री)- भारतीय विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी पुरी को मोदी सरकार में दूसरी बार मंत्री बनाया गया है। पिछली सरकार में पुरी आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) थे। पुरी को हर बेघर को आवास मुहैया कराने, स्मार्ट सिटी परियोजना और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान जैसी मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को कामयाबीपूर्वक आगे बढ़ाने के पुरस्कार स्वरूप दोबारा मंत्रिमंडल में जगह दी गयी है। पुरी हालांकि लोकसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार के रूप में पंजाब के अमृतसर संसदीय क्षेत्र से चुनाव हार गए।

प्रह्लाद पटेल, संस्कृति और पर्यटन- प्रहलाद पटेल स्वतंत्र प्रभार के साथ राज्यमंत्री बनाए गए हैं। मध्य प्रदेश के दमोह से जीते प्रह्लाद पटेल ने 15 साल पहले नर्मदा यात्रा की थी।

संतोष गंगवार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय- मोदी सरकार में गंगवार को दोबारा मौका मिला है। 2014 में संतोष गंगवार को मोदी सरकार में वित्त राज्य मंत्री का प्रभार दिया गया था। इसके बाद वे कपड़ा राज्य मंत्री भी रहे।

श्रीपद नाईक, आयुष मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार), रक्षा मंत्रालय (राज्य मंत्री)- गोवा बीजेपी का बड़ा चेहरा हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में पहले केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री बनाए गए थे। बाद में नवगठित आयुष मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार संभाला।

डॉ. जितेंद्र सिंह, पूर्वोत्तर विकास (स्वतंत्र प्रभार), पीएमओ, कार्मिक, जनशिकायत और पेंशन, परमाणु उर्जा, अंतरिक्ष मंत्रालय (राज्य मंत्री)- साल 2014 में नरेंद्र मोदी ने जब पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी तो सिंह प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री बने थे। वह जम्मू-कश्मीर की उधमपुर लोकसभा सीट से दूसरी बार सांसद चुने गए हैं।

किरण रिजिजू, युवा मामले एवं खेल (स्वतंत्र प्रभार), अल्पसंख्यक मामले (राज्य मंत्री)- रिजिजू बीजेपी के उन नेताओं में हैं जिन्होंने नॉर्थ ईस्ट में पार्टी की जड़ें जमाईं। 2014 में अरुणाचल से सांसद चुने जाने के बाद पीएम मोदी की पहली कैबिनेट में गृह राज्यमंत्री थे।

आरके सिंह, बिजली, नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा (स्वतंत्र प्रभार), कौशल विकास एवं उद्यमिता (राज्य मंत्री)- पिछली सरकार में बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री रहे सिंह की सभी घरों को बिजली पहुंचाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना और चुनाव के नजरिये से महत्वपूर्ण सौभाग्य योजना के क्रियान्वयन में अहम भूमिका रही थी। ब्युरोक्रैट से नेता बने सिंह बिहार के आरा से लोकसभा के लिए चुने गए हैं।

मनसुख मांडविया, जहाजरानी (स्वतंत्र प्रभार), रसायन एवं उर्वरक (राज्य मंत्री)- साइकिल से संसद जाने  के लिए मशहूर मांडविया लगातार दूसरी बार मोदी कैबिनेट का हिस्सा बने हैं। पीएम मोदी के पिछले मंत्रिमंडल में उनके पास शिपिंग और रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय था।

राव इंद्रजीत सिंह, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन और नियोजन मंत्रालय- दक्षिणी हरियाणा में प्रभावी यादव समुदाय के प्रमुख नेता हैं। पांचवीं बार लोकसभा के लिये चुने गए सिंह 2014 के लोकसभा चुनावों से कुछ महीनों पहले ही कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे। वह तब गुरुग्राम से कांग्रेस के सांसद थे। वह मोदी के नेतृत्व वाली राजग-1 सरकार में भी मंत्री थे।

राज्य मंत्री

अनुराग ठाकुर, वित्त और कॉरपोरेट मामले- हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से लगातार चौथी बार जीते अनुराग ठाकुर को पहली बार राज्यमंत्री के रूप में मोदी सरकार में शामिल किया गया है। ठाकुर राज्य के पूर्व सीएम पी के धूमल के बेटे हैं।

नित्यानंद राय, गृह राज्य मंत्री- बिहार के उजियारपुर से आने वाले नित्यानंद राय पहली बार मंत्री बने हैं। बिहार में एनडीए की शानदार जीत में इनकी प्रमुख भूमिका रही है।

फग्गन सिंह कुलस्ते, इस्पात राज्य मंत्री- मध्य प्रदेश की मंडला लोकसभा सीट से छठी बार जीते हैं. कुलस्ते को इस बार फि‍र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में जगह मिली है। कुलस्‍ते पार्टी का सबसे बड़ा आदिवासी चेहरा माने जाते हैं।

अश्विनी चौबे, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री- बक्सर से सांसद हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भी मंत्री रहे हैः उन्हें स्‍वास्‍थ्‍य राज्‍य मंत्री की जिम्‍मेदारी दी गई थी।

अर्जुन राम मेघवाल, संसदीय कार्य, भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम राज्य मंत्री- अर्जुन राम मेघवाल राजस्थान की बीकानेर लोकसभा सीट से लगातार तीसरी बार जीतकर सांसद बने हैं। राजनीति में आने से पहले भारतीय प्रशाससंसदीय कार्य, भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम राज्य मंत्रीनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी थे। मेघवाल को साल 2016 में वित्त राज्य मंत्री बनाया गया था। इसके बाद जल संसाधन राज्य मंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल रहा।

जनरल वीके सिंह, सड़क, परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री- पूर्व सेना प्रमुख जनरल विजय कुमार सिंह मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में विदेश राज्य मंत्री का पद संभाल चुके हैं। सिंह लगातार दूसरी बार गाजियाबाद लोकसभा सीट से जीते हैं।

कृष्णपाल गुर्जर, सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण राज्य मंत्री- हरियाणा की फरीदाबाद सीट से सांसद हैं। गुर्जर लगातार दूसरी बार मोदी सरकार में मंत्री बनाए गए है।

दानवे रावसाहेब दादाराव, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री- महाराष्ट्र की जालना लोकसभा सीट से सांसद हैं। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस पार्टी के औताडे विलास केशवराव को 332815 वोटों के अंतर से धूल चटाई।

जी कृष्ण रेड्डी, गृह राज्य मंत्री- ये पहली बार सांसद और केंद्र में मंत्री बने हैं। इनको तेलंगाना में बीजेपी को मजबूत करने का ईनाम मिला है. ये युवावस्था से ही पीएम मोदी के मित्र और सहयोगी रहे हैं।

पुरुषोत्तम रुपाला, कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री- रुपाला गुजरात के उन राजनेताओं में से हैं जिनके सामने पीएम नरेंद्र मोदी ने राजनीति की शुरुआत की। 1992 में जिस समय नरेंद्र मोदी विद्यार्थी परिषद का संगठन देख रहे थे, उस समय रुपाला सूबे की बीजेपी में सचिव थे। 2016 में पुरुषोत्तम रुपाला को राज्य सभा के जरिए सांसद बनाया गया और केंद्र सरकार में मंत्री बनाया गया था।

रामदास अठावले, सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण राज्य मंत्री- नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्री रह चुके अठावले दोबारा मंत्री बने हैं। उन्हें मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में राज्यमंत्री का पदभार दिया गया था।

Mumbai : Ramdas Athavale Union Minister at Bandra Office . Photo by BL SONI

साध्वी निरंजन ज्योति, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री- पीएम नरेंद्र मोदी की दूसरी पारी में इन्हें फिर से राज्य मंत्री बनाया गया है। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री थीं।

बाबुल सुप्रियो, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री- पीएम नरेंद्र मोदी की मंत्रिपरिषद में लगातार दूसरी बार मंत्री बने हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें नगरीय विकास, आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया था। बाद में भारी उद्योग मंत्राालय में राज्य मंत्री भी रहे।

संजीव बालियान, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन राज्य मंत्री- मुजफ्फरनगर से दोबारा सांसद बने डॉ. संजीव बालियान को राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह को चुनावी मैदान में हराने का ईनाम मिला है। मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर डॉ. संजीव बालियान लगातार दूसरी बार जीतने वाले केवल तीसरे सांसद हैं।

संजय धोत्रे, मानव संसाधन विकास, संचार और इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री- महाराष्ट्र की अकोला सीट पर 2004 से लगातार जीत दर्ज करते आए हैं। लोकसभा की कई महत्वपूर्ण कमेटियों का हिस्सा रहे हैं। सूचान प्रौद्योगिकी कमेटी, ग्रामीण विकास कमेटी, कमेटी ऑन एस्टिमेट, स्टैंडिंग कमेटी ऑन रेलवे, परामर्शदात्री समिति, कृषि मंत्रालय आदि के सदस्य रहे हैं।

सुरेश अंगाड़ी चन्नबसप्पा, रेल राज्य मंत्री- कर्नाटक की बेलगाम लोकसभा सीट से जीतकर सुरेश अंगाड़ी सांसद बने हैं। चन्नबसप्पा यहां से चौथी बार चुनाव जीते हैं।

रतन लाल कटारिया, जलशक्ति और सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण राज्य मंत्री- अंबाला से तीसरी बार सांसद बने हैं। पहले हरियाणा राज्य मंत्रिमंडल में रह चुके हैं। जून 2001 से सितंबर 2003 तक भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रह चुके हैं।

वी मुरलीधरन, विदेश, संसदीय कार्य राज्य मंत्री- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में मंत्री बने वेलमवेल्ली मुरलीधरन को केरल में भाजपा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का श्रेय जाता है। भाजपा के बड़े नेताओं की केरल यात्रा के दौरान मुरलीधरन अक्सर ही दुभाषिया का काम करते हैं। महाराष्ट्र से राज्यसभा सदस्य मुरलीधरन प्रदेश केरल इकाई के दो बार प्रमुख रह चुके हैं।

रेणुका सिंह सरुता, आदिवासी मामलों की राज्य मंत्री- सरगुजा से सांसद चुनी गईं रेणुका सिंह पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में पहली बार शामिल हुई हैं। छत्तीसगढ़ में रमन सिंह की सरकार में महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री रही हैं।

सोम प्रकाश, वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री- भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी और पंजाब के फगवाड़ा से दो बार विधायक रहे सोम प्रकाश पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए और नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में राज्य मंत्री बनाए गए हैं। प्रकाश ने भाजपा में शामिल होने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली थी।

रामेश्वर तेली, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री- पहली बार मोदी कैबिनेट में जगह मिली है। इन्होंने असम के डिब्रूगढ़ लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी पवन सिंह घटोवार को बड़े अंतर से हराया।

प्रताप चंद्र सारंगी, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन राज्य मंत्री- फूस का घर, आने जाने के लिए साइकिल और पेंशन की राशि को गरीब बच्चों के लिए दे देना- मोदी मंत्रिमंडल में शामिल हुए ओडिशा के सांसद प्रताप सारंगी को इसी सादगी के लिए जाना जाता है। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य सारंगी को ओडिशा का मोदी भी कहा जाता है। वह दो बार ओडिशा विधानसभा के लिए चुने जा चुके हैं।

 

कैलाश चौधरी, कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री- बाड़मेर लोकसभा सीट से एमपी बने कैलाश चौधरी ने गुरुवार को मोदी कैबिनेट में राज्य मंत्री के रुप में शपथ ली। उन्होंने इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह को मात दी।

देबोश्री चौधरी, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री- पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जनरल सेक्रेटरी हैं। 2014 लोकसभा चुनाव में बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा सीट से लड़ी लेकिन हार गईं थी। इस बार जीत गईं और कैबिनेट में जगह मिल गई।

 

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