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जिन मजदूरों ने डॉ कलाम का स्मारक बनाया है उन्हें शत्-शत् वंदन- पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की दूसरी पुण्यतिथि पर रामेश्वरम में उनकी याद में बने मेमोरियल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने रामेश्वरम की ऐतिहासिक संस्कृति और वहां से डॉक्टर कलाम के रिश्ते का जिक्र करते हुआ कहा कि ऐसी धरती पर आना उनके लिये बहुत गौरव की बात है। पीएम ने कहा कि पिछले साल किये गए वादे के अनुसार ये स्मारक बनना प्रसन्नता की बात है। उन्होंने कहा कि DRDO के सहयोग से बहुत ही कम समय में ये मेमोरियल तैयार हुआ है, जो देश की वर्तमान और भावी पीढ़ी को प्रेरणा देता रहेगा। पीएम ने बहुत कम समय में भव्य और इनोवेटिव स्मारक तैयार करने के लिए DRDO के अलावा इसके लिये बनी कमेटी के अगुवा और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार वेंकैया नायडू, तमिलनाडु सरकार समेत इससे जुड़े सभी लोगों की सराहना की। लेकिन सबसे अधिक उन मजदूरों की प्रशंसा की जिन्होंने इस काम को भक्तिभाव से पूरा किया है।

कलाम जैसे कर्मयोगी के लिये भी जाना जाएगा रामेश्वरम
इस अवसर पर एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, रामेश्वर वो भूमि है जिसने हजारों वर्षों तक देश के आध्यात्मिक जीवन को लाइट हाउस की तरह रास्ता दिखाया है। उन्होंने कहा कि इस सदी में रामेश्वरम अब्दुल कलाम जी जैसे एक कर्मयोगी वैज्ञानिक, एक प्रेरक शिक्षक, एक प्रखर विचारक और महान राष्ट्रपति देश को देने के लिए भी जाना जाएगा। उनके अनुसार इस धरती पर आना उनके लिये बहुत सम्मान की बात है। 12 ज्योर्लिंगों में से एक ये जगह धार्मिक स्थान ही नहीं एक ज्ञान पुंज भी है। यही वो धरती है जहां 1897 में अमेरिका से लौटने के बाद स्वामी विवेकानंद भी आये थे। यही वो धरती है जिसने भारत को कलाम जैसा महान संत दिया। जिन्होंने अपनी क्रिया और सोच से सादगी, गहराई और शांति का संदेश दिया। उनकी पुण्यतिथि के दिन यहां आना मेरे लिये बहुत भावुक पल है।

स्मारक बनाने वाले मजदूरों को नमन- पीएम मोदी
पीएम ने कम समय में तैयार हुए शानदार इमारत की तारीफ करते हुए कहा कि अब इस स्मारक पर देश के 125 करोड़ लोग गर्व कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस कामयाबी की वजह ये है कि इसमें देश के कोने-कोने से आये लोगों और एक्सपर्ट ने इसनें जी-जान से योगदान दिया है। लेकिन उन्होंने सबसे अधिक इसमें योगदान देने वाले मजदूरों की तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा कि, जिन मजदूरों ने भक्ति के साथ काम पूरा किया है उन्हें शत्-शत् वंदन करता हूं। उन्होंने लोगों से मजदूरों के लिये स्टैंडिंग ओवेशन देने को कहा। पीएम के अनुसार जब एक मजदूर राष्ट्रभक्ति की भावना से कार्य करता है तो ऐसा ही महान स्मारक तैयार होता है जैसा कलाम जी का स्मारक बना है। पीएम ने बताया कि इस कार्य को समय पर पूरा करने के लिये मजदूरों ने समय से दो-दो घंटे अधिक काम किया लेकिन कलाम साहब को श्रद्धांजलि देते हुए एक्सट्रा टाइम की मजदूरी लेने से मना कर दिया। पीएम मोदी ने तमिलनाडू की पूर्व सीएम जयललिता को याद करते हुए कहा कि आज अगर अम्मा यहां होतीं तो इन मजदूरों को जरूर आशीर्वाद देतीं। पीएम ने देशवासियों से आग्रह किया कि जब भी रामेश्वरम आएं अब्दुल कलाम मेमोरियल देखने को जरूर आएं।

पंचामृत बन गया है कार्यक्रम- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि गुरुवार को रामेश्वरम में डॉक्टर कलाम की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम एक तरह से पंचामृत बन गया है। उन्होंने इसके लिये डॉक्टर कलाम की पुण्यतिथि पर रेल, रोड, धरती, समंदर और अब्दुल कलाम स्मारक से जुड़े पांचों कार्यक्रमों का जिक्र किया। जैसे मछुआरों के लिये प्रधानमंत्री ब्लू रिवॉल्यूशन स्कीम की शुरुआत, रामेश्वरम से अयोध्या को जोड़ने वाली श्रद्धासेतु ट्रेन का लोकार्पण , रामसेतु देखने जाने वालों के लिये धणुषकोडी में पूरा हुआ काम और कन्याकुमारी स्थित स्वामी विवेकानंद सेंटर के सहयोग से रामेश्वरम को ग्रीन बनाने का कार्यक्रम शामिल है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि डॉक्टर कलाम पूरे जीवन विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिये जुटे रहे। उनकी प्रेरणा से 2022 तक न्यू इंडिया के सपने को साकार करने में बहुत मदद करेगी। उन्होंने रामेश्वरम से जुड़ी एक अति प्राचीन उदाहरण दिया कि जिस तरह से यहां कि एक छोटी सी गिलहरी भी रामसेतु बनाने में मददगार साबित हुई। उसी तरह से अगर 125 करोड़ भारतीय एक साथ कदम बढ़ाएंगे तो भारत 125 करोड़ कदम आगे बढ़ जायेगा।

वेंकैया नायडू ने डॉ कलाम को नये रूप में परिभाषित किया

इस अवसर में एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार वेंकैया नायडू ने भी पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम को याद करते हुए उनके नाम के अक्षरों को जोड़कर एक नया नाम दिया। एपीजे अब्दुल कलाम यानि APJAK का मतलब है, ऐनिथिंग इज पॉसिबल विद जस्ट एटिट्यूड ऐंड कर्मा’ अर्थात् मनुष्य के कर्म और सोच से कुछ भी संभव है। यही नहीं उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के टाइटल के अक्षरों से भी एक महत्वपूर्ण तरीके से परिभाषित किया। उन्होंने कहा, MODI का अर्थ है Making OF Developing India.

डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की दूसरी पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री के रामेश्वरम दौरे से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए- 

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