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भारत ने रक्षा के क्षेत्र में रचा इतिहास, INS अरिहंत के पहला डिटरेंट पैट्रोल पूरा करने पर पीएम मोदी ने दी बधाई

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने रक्षा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। भारत की पहले परमाणु बैलेस्टिक मिसाइल पनडुब्बी INS अरिहंत ने पहला डिटरेंट पैट्रोल (निवारक गश्त) पूरा कर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। पनडुब्बी के इस अभ्यास से भारत के नाभिकीय त्रिकोण की पूर्ण स्थापना हुई। यानि इस कामयाबी के साथ ही भारत अब उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास जमीन, आकाश और जल तीनों से दुश्मन पर परमाणु हमला करने की क्षमता है। इस क्षमता को किसी भी देश का न्यूक्लियर ट्रायड (Nuclear Triad) कहा जाता है। अभी यह क्षमता सिर्फ अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन और रूस के पास है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है और इसे बड़ी उपलब्धि बताया। गौरतलब है कि भारतीय नौसेना पोत (आईएनएस) अरिहंत परमाणु शक्ति चालित भारत की पहली पनडुब्बी है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि धनतेरस और भी ज्यादा स्पेशल हो गया। उन्होंने लिखा कि भारत का गौरव, परमाणु बैलेस्टिक मिसाइल पनडु्ब्बी अरिहंत ने अपना पहले डिटरेंट पैट्रोल सफलता पूर्वक पूरा किया। मैं इस उपलब्धि के लिए इसमें शामिल सभी लोगों, विशेष रूप से आईएनएस अरिहंत के दल को बधाई देता हूं, जिसे हमेशा हमारे इतिहास में याद किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को भारत के स्ट्रेटजिक स्ट्राईक न्युकिल्यर सबमेरिन (SSBN) यानि नाभिकीय पनडुब्बी INS अरिहन्त के अधिकारियों और कर्मियों से मुलाकात की। INS अरिहन्त के सफल अभियान से भारत के नाभिकीय त्रिकोण (nuclear triad) की स्थापना के महत्व को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने INS अरिहन्त के कर्मीदल तथा अभियान से जुड़े सभी व्यक्तियों को बधाई दी। उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि भारत को उन गिने-चुने देशों की अग्रिम पंक्ति में खड़ी करती है जो SSBN को डिज़ाइन करने, उसे बनाने और उसके संचालन करने की क्षमता रखते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में ही SSBN के निर्माण और इसके सफल संचालन की क्षमता का विकास भारत की प्रोद्योगिकीय सामर्थ्य तथा सभी संबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों के बीच अभूतपूर्व समन्वय का प्रतीक है। उन्होंने सभी संबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों को देश की सुरक्षा को अत्यधिक सुदृढ़ बनाने वाली इस उपलब्धि के लिए समपर्ण और प्रतिबद्धता के साथ काम करने के लिए धन्यवाद दिया।

पीएम मोदी ने इस बात पर बल दिया कि परमाणु परीक्षणों की वैज्ञानिक उपलब्धि को एक अत्यंत जटिल और विश्वसनीय नाभिकीय त्रिकोण में बदल पाने का अत्यंत दुष्कर कार्य भारतीय वैज्ञानिकों की प्रतिभा और अनवरत प्रयासों तथा बहादुर सैनिकों के साहस और समर्पण की भावना से ही संभव हुआ है। इस नई उपलब्धि ने, भारत द्वारा नाभिकीय त्रिकोण स्थापित करने के लिए आवश्यक क्षमता और दृढ़ता के संबंध में उठाए जाने वाले सभी सवालों को खारिज कर दिया है।

उन्होंने कहा कि भारत के लोग शक्तिमान भारत बनाने और नये भारत का निर्माण करने की आकांक्षा रखते हैं, और इसके लिए भारतीयों ने अनवरत प्रयासों के द्वारा अनेक चुनौतियों का सफलातपूर्वक सामना किया है। श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि एक सशक्त भारत ना सिर्फ सवा सौ करोड़ से अधिक भारतीयों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करेगा, बल्कि आज के अनिश्चिता तथा आशंकाओं से भरे विश्व में वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए आधार स्तंभ भी रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने ये आशा भी व्यक्त की जिस प्रकार प्रकाश अंधकार का ही निवारण नहीं करता बल्कि भय को भी दूर करता है, उसी प्रकार INS अरिहन्त भी देश को अभय करेगा।

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