Home समाचार परंपरा का वर्तमान से संवाद ही संस्कृतियों को जीवित रखता है- प्रधानमंत्री

परंपरा का वर्तमान से संवाद ही संस्कृतियों को जीवित रखता है- प्रधानमंत्री

स्पिक मैके संस्था के 5वें अधिवेशन को पीएम मोदी ने वीडियो कॉंफ्रेंसिग से संबोधित किया

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IIT दिल्ली में आयोजित स्पिक मैके के 5वें सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने भारतीय संगीत की विरासत में सामाजिक बदलाव की शक्ति का परिदृश्य बताया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “भारतीय शास्त्रीय संगीत पूरे देश को जोड़ता है। शास्त्रीय संगीत और उपकरणों के साथ हमारे युवाओं को जोड़ने की आवश्यकता है और उन्हें हमारी परंपरा और संस्कृति से अवगत कराया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि परंपरा का वर्तमान से संवाद ही संस्कृतियों को जीवित रखता है।

प्रधानमंत्री ने स्पिक मैके संस्था के सामाजिक सरोकारों का जिक्र करते हुए कहा, ”40 सालों से स्पिक मैके ने देश की समृद्ध संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।” प्रधानमंत्री ने दुनिया में जलवायु परिवर्तन पर चिंता जताई और कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में अपना योगदान जारी रखेगा। उन्होंने कहा, “जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक चुनौती है और हमारे पर्यावरण की सुरक्षा समय की आवश्यकता है।”

स्पिक मैके संस्थान की तारीफ की
प्रधानमंत्री ने स्पिक मैके और इसके संस्थापक पद्मश्री पुरस्कार प्राप्तकर्ता डॉ किरण सेठ की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ”स्पाइक मैके और डॉ किरण सेठ ने हम सभी के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि समाज के लाभ के लिए कैसे काम करना है ये हमें डॉ किरण सेठ से सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे संस्कृति, संगीत और संस्कार की त्रिवेणी को एक साथ भारत के कोने कोने में पहुंचाने का काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि वन लाइफ, वन मिशन और चमक-दमक से दूर रहकर डॉ. किरण सेठ सहज रूप से समाज की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक स्वयंसेवी संठन को कैसा होना चाहिए यह स्पिक मैके से सीखना चाहिए।

क्या है स्पिक मैके?
आपको बता दें कि स्पिक मैके, भारतीय शास्त्रीय संगीत और युवाओं के बीच संस्कृति के संवर्धन के लिए सोसायटी है। ये कला, संस्कृति, संगीत और विरासत की सेवा को लेकर पिछले चालीस सालों से उत्सव मनाता आ रहा है। इसकी स्थापाना डॉ किरण सेठ की है।

भारतीय संगीत एक अनमोल विरासत
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की मिट्टी से, हमारी प्रकृति से जन्मा संगीत दिल दिमाग तक पहुंचता है। भारतीय संगीत का प्रभाव मन और मानसिकता पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब हम शास्त्रीय संगीत सुनते हैं और पूरे मनोयोग से जुड़ जाते हैं तो असीम शांति का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि एक ऐसा भी संगीत है जो तन को डुलाता है और एक हमारा संगीत है जो मन को डुलाता है।

मैजेस्टिक, मैजिक और मिस्टिक का संगम
भारतीय संगीत के बारे में पीएम मोदी ने कहा कि विश्व के लिए संगीत एक कला है, कई लोगों के लिए आजीविका का साधन है, लेकिन भारतीयों के लिए संगीत जीवन जीने का एक तरीका है। उन्होंने आगे कहा, ”Indian classical music is majestic, creates a magic and is mystic.” यानि भारतीय शास्त्रीय संगीत भव्य है, जो एक जादू बनाता है और रहस्यवादी है। उन्होंने कहा कि भारतीय संगीत में हिमालय की ऊंचाई है, मां गंगा की गहराई है, अजंता-एलोरा का सौंदर्य है , ब्रह्मपुत्र की विशालता है और सागर का पदन्यास है।

गंगा-जमुनी तहजीब की ताकत है भारतीय संगीत
प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे लोक संगीत हो, शास्त्रीय संगीत हो या फिल्मी संगीत… सबने देश को जोड़ा है। उन्होंने कहा कि उत्तर का हिंदुस्तानी संगीत हो, दक्षिण का कर्नाटक संगीत हो, बंगाल का रवींद्र संगीत हो या जम्मू कश्मीर का सूफी संगीत, सबने सामाजिक दीवारों को तोड़कर एक स्वर में, एकजुट होकर एक साथ रहने का संदेश दिया है।

विरासत की रक्षा को सजग रहें
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को गिटार की अलग-अलग विधाओं के बारे में पता है, लेकिन सितार और सरोद के बारे में पता नहीं है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी तक हमारी समृद्ध विरासत की बातें पहुंची ही नहीं, किसी न किसी कारण रुकावटें पैदा हुईं। उन्होंने कहा कि
”हमें हर पल सजग रहना चाहिए, हमें अपनी विरासत के लिए कार्य करना चाहिए। हम लापरवाह बकर नहीं रह सकते । हमारा संगीत, हमारी संस्कृति,
कोई भी देश अपनी विरासत को भुलाकर आगे नहीं बढ़ सकता। हम सब का कर्तव्य है कि इसे समृद्ध करें।”

पर्यावरण की सुरक्षा बड़ी चुनौती
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक चुनौती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण की सुरक्षा समय की आवश्यकता है।” उन्होंने कहा कि दुनिया हमारी तरफ देख रही है, हमें इसमें बड़ी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने स्पिक मैके संस्था का भी पर्यावरण के क्षेत्र में योगदान देने का आह्वान किया।
2022 तक न्यू इंडिया का संकल्प
प्रधानमंत्री ने युवा शक्ति को देश की ताकत बताया और कहा, ”हमारा देश दुनिया का सबसे नौजवान देश है। इतिहास गवाह है जिस देश में युवा शक्ति संगठित होकर राष्ट्र के निर्मण में जुट गई वो देश विकास करता है। ” उन्होंने स्पिक मैके का आह्वान करते हुए कहा कि इस ऊर्जा को राष्ट्र का भविष्य बनाने के लिए आपकी जैसी संस्था बहुत कुछ कर रही है और भी बहुत कुछ कर सकती है।

2022 तक न्यू इंडिया बनाना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2022 तक न्यू इंडिया के संकल्प के साथ वे आगे बढ़ रहे हैं और इसमें हर एक देशवासी भी अपना योगदान दे। उन्होंने कहा कि कोई भी संस्था, संगठन इस संकल्प को पूरा करने के लिए काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि 2022 में आजादी के 75 साल हो रहे हैं और इस अवसर पर भारत मां के उन वीर सपूतों, महापुरुषों के सपने को पूरा करने का संकल्प लेकर हम चलें, जिन्होंने हमारी स्वतंत्रता के लिए अपना बलिदान दिया।

एक भारत-श्रेष्ठ भारत को दें बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने देश में उत्तर से लेकर दक्षिण तक, पूरब से लेकर पश्चिम तक इतनी विविधता है कि विश्व को अजूबा लगता है, लेकिन ये हमारी ताकत है। उन्होंने कहा कि एक भारत-श्रेष्ठ भारत अभियान के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म से एक से दूसरे राज्यों को जोड़ा जा रहा है। उन्होंने इस क्षेत्र में भी योगदान देने के लिए स्पिक मैके का आह्वान किया।

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