Home तीन साल बेमिसाल तिकड़म है या सचमुच महिलाएं हुईं हैं सशक्त-आत्मनिर्भर ?

तिकड़म है या सचमुच महिलाएं हुईं हैं सशक्त-आत्मनिर्भर ?

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महिला सुरक्षा के लिए मोदी सरकार के किए गये कामकाज को कांग्रेस ने दूसरा तिकड़म बताया है। आप खुद देखिए कि ये तिकड़म है या महिलाओं की जिन्दगी में फर्क पैदा करने वाले काम।
दूसरा

तिकड़म या महिलाएं हुईं सशक्त?

महिलाओं के बदले दिन : लौटा विश्वास
उज्जवला योजना : दो करोड से ज्यादा गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए गैस कनेक्शन और चूल्हा मुफ्त में दिए गये। उन्हें धुएं भरी जिन्दगी से छुटकारा मिला।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान :  इस अभियान से पूरे देश में लिंगानुपात में सुधार आया। हरियाणा में सेक्स रेशियो सुधर 950 हो गया।

सुकन्या समृद्धि योजना : इस योजना के तहत से 1 करोड़ से ज्यादा अकाउन्ट खोले गये। 11 हजार करोड़ रुपये बच्चे के भविष्य के लिए सुरक्षित हुए।

मुद्रा योजना : इस योजना के तहत  पौने आठ करोड़ छोटे उद्यमियों को फायदा हुआ। इनमें आधी महिलाएं हैं। 3.17 लाख करोड़ के ब्याज मुक्त ऋण दिए गये।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना : इस योजना के तहत करीब 11 लाख महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया और उन्हें कौशल बनाया गया।

मातृत्व अवकाश : केंद्र सरकार ने मातृत्व अवकाश को 12 हफ्ते से बढ़ाकर 26 हफ्ता कर दिया गया।

गर्भवती महिलाओं को मदद : गर्मभवती हिलाओं को 6000 रुपये की मदद दी जाने लगी ताकि उन्हें गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार की कमी ना हो।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान : इसके तहत 33 लाख महिलाओं का चेकअप हुआ है। गर्भावस्था में सुरक्षा को अभियान का रूप दिया गया।

स्टैंड अप इंडिया : इस योजना में एससी-एसटी महिलाओं को 10 लाख से लेकर 1 करोड़ तक के ऋण उपलब्ध कराए गये ताकि उनकी उद्यमिता को बढ़ाया जा सके।

नयी रोशनी : अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए नयी रोशनी योजना के तहत नेतृत्व विकास की योजना शुरू हुई। 2 लाख महिलाओं को इसका फायदा मिला।

सशस्त्र सेना में महिलाएं : पहली बार 3 महिला फाइटर पायलट इंडियन एयर फोर्स में शामिल हुई।

महिला ए हाट : महिला उद्यमियों के वित्तीय समावेशन और बाजार के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की कोशिश की गयी।

पासपोर्ट बनाना आसान : महिलाओं के लिए पोसपोर्ट बनाना आसान हुआ। शादी या तलाक का सर्टिफिकेट देना जरूरी नहीं। पिता या मां का नाम लिख सकती हैं।

महिला पुलिस स्वयंसेवी पहल : इस पहल के तहत महिलाओं को परेशानी से बचाने के लिए महिला पुलिस गांवों में सक्रिय रहती हैं। हरियाणा के करनाल और महेंद्रगढ़ में इसका पहला प्रयोग हुआ।

पॉक्सो ई बॉक्स : बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों की शिकायत अब ऑनलाइन भी किया जाना संभव हुआ।

दफ्तर में सुरक्षा : दफ्तर में यौन उत्पीड़न की घटनाएं रोकने और इसके खिलाफ लड़ने के लिए ई-प्लेटफ़ॉर्म शुरू किया गया है। ऑनलाइन शिकायत संभव हुआ।

मोबाइल फोन हैंडसेट में पैनिक बटन : महिलाओं की सुविधा के लिए मोबाइल में जीपीएस सिस्टम के साथ-साथ पैनिक बटन शुरू किया गया है। इससे खतरे की स्थिति में वह आपात सिग्नल परिजन-पुलिस को भेज सकती हैं।

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