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पहचान का आधार, कर रहा चमत्कार, बिछड़े बच्चों को परिजनों से मिलाया

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अभी दो दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ एक बैठक की। बैठक में उन्होंने बताया कि आधार के उपयोग से चौतरफा लाभ हुआ और सरकारी खरीद बिक्री में पारदर्शिता आई है। भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए सरकार आधार नंबर को हर काम के लिए जरूरी करने की योजना पर काम कर रही है। इसको लेकर सड़क से लेकर लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में गरमागरम बहस जारी है। इन बहसों के बीच आधार कार्ड को लेकर एक मानवीय पहलू सामने आया है, जो दिल को सुकून देने वाला है। आधार कार्ड बने होने की वजह से बिछड़ गए तीन बच्चों को वापस परिवार मिल गया है। आधार कार्ड पहचान का आधार के साथ-साथ अपनों को मिलाने का जरिया भी बन रहा है।

फिंगर प्रिंट ने तीन मंदबुद्धि बच्चों को परिवार से मिलाया
दो साल पहले इंदौर से गायब हुआ मंदबुद्धि बच्चा बेंगलुरू के एक संस्थान में रह रहा है। आधार कार्ड बनाने के लिए यहां कैंप लगी तो आधार कार्ड बनाने के लिए बच्चे का भी फिंगर प्रिंट लिया गया। सॉफ्टवेयर ने फिंगर प्रिंट को स्वीकार नहीं किया। तकनीकी खामी पता करने के लिए जांच की गई तो पता चला कि उसका पहले से ही आधार कार्ड बना हुआ है। उस आधार कार्ड के जरिए उसकी पहचान मोनू चंदेल के रूप में हुई। फिर इंदौर में रह रहे पिता रमेश चंदेल को इसकी जानकारी दी गई। आधार के रिकॉर्ड खंगाले गए तो उसकी पहचान सामने आई। आधार कार्ड ने दो साल से परिवार से बिछड़े बच्चे को मिलाने का काम किया है।

इसी तरह ओम प्रकाश का आधार कार्ड नहीं बन सका, क्योंकि उनकी डिटेल्स झारखंड के रहने वाले एक शख्स ओम प्रकाश के ही नाम से मिल गई। ओम प्रकाश के पिता आधार की तारीफ करते हुए नहीं थक रहे हैं। लोगों से आधार कार्ड के फायदे के बारे में बात कर रहे हैं। ओम प्रकाश के पिता का कहना है कि आधार कार्ड जरूरी है। सभी उम्र के लोगों, बच्चे से लेकर जवान के पास आधार कार्ड होना चाहिए। तीसरा बच्चा, नीलकांत भी अपने परिवार से मिल सका क्योंकि उसकी डिटेल्स तिरुपति के रहने वाले एक शख्स से मैच हो गई।

आधार कार्ड की वजह से 4 साल बाद मिली बच्ची
बिलासपुर, हिमाचल के स्वारघाट की बच्ची चार साल बाद पटियाला के पिंगला आश्रम से मिली। यहां भी आश्रम में आधार कार्ड बनाने के लिए बच्ची को लाया गया तो पता चला कि इसका आधार पहले से बना हुआ है। फिर उस आधार कार्ड के जरिए बच्ची को उसके परिवार तक पहुंचाया गया  ।

फिंगर प्रिंट की पहचान से कुछ घंटे में मिल गया बच्चा
मुजफ्फरनगर में खालापार निवासी एक युवक ने पांच वर्षीय बच्चे का एडमिशन मीनाक्षी चौक के नजदीक स्कूल में कराया था। उसके अगले दिन बच्चा खेलते-खेलते स्कूल से बाहर निकल गया और भटक गया। बच्चा भटकते हुए कंपनी बाग में पहुंच गया। बच्चा नाम पता बता पाने में असमर्थ था। तहसील कर्मचारी ने उसे एसडीएम सदर रेनू सिंह के पास पहुंचा दिया। एसडीएम ने बच्चे का ख्याल रखते हुए अपने अधीनस्थ को जनवाणी केंद्र भेजा। वहां आधार कार्ड मशीन पर बच्चे के फिंगर ट्रेस कराये तो बच्चे की आईडी सामने आ गई। ऐसा आधार कार्ड बने होने से मुमकिन हुआ कि कुछ ही घंटों बाद बच्चा परिवार से मिल गया।

तीन साल बाद मूक-बधिर बच्चा परिजन तक पहुंचा
महाराष्ट्र लातूर से बिछड़कर एक बच्चा भटकते-भटकते गुजरात आ गया। 12 वर्षीय मूक-बधिर बच्चे को वडोदरा रेलवे पुलिस ने अकेले भटकते देखा तो उसे नर्मदा जिले के मूक-बधिर सरकारी स्कूल में भेज दिया गया। आधार बनाने के लिए जब कैंप में उसे लाया गया तब जाकर बच्चे की पहचान हुई। तीन साल बाद वह परिजनों को वापस मिल सका।

आधार कार्ड के फायदे

आधार नंबर से 10 दिन में बनेगा पासपोर्ट
पासपोर्ट के लिए आधार नंबर जरूरी कर दिया गया है। ऑनलाइन आवेदन करते समय पासपोर्ट के लिए पता और पहचान के रूप में आधार कार्ड जरूरी है। आवेदन के 3 दिन के भीतर अपाइंटमेंट मिल जाएगा और 7 दिनों के भीतर पासपोर्ट घर आ जाएगा। पुलिस वैरिफिकेशन बाद में होती रहेगी।

आधार नंबर से खुलेंगे बैंक खाते
बैंक में नया खाता खुलवाने के लिए अब केवल आधार कार्ड की जरूरत होगी। आप अपना आधार नंबर दीजिए, बैंक आपका खाता खोल देगा।

डिजिटल लॉकर के लिए आधार जरूरी
जरूरी दस्तावेज रखने के लिए सरकार ने डिजिटल लॉकर लॉन्च किया है, जहां आप जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षनिक प्रमाण पत्र जैस अहम दस्तावेज ऑनलाइन स्टोर कर सकते हैं। इस सुविधा को प्राप्त करने के लिए आधार नंबर जरूरी है। एक बार डिजिटल लॉकर में दस्तावेज अपलोड करने के बाद कहीं भी दस्तावेज देने के लिए फिर अपलोड करने की जरूरत नहीं है, केवल डिजिटल लॉकर का लिंक ही काफी है।

डायरेक्ट ट्रांसफर बेनिफिट
एलपीजी गैस सब्सिडी से लेकर छात्रवृत्ति तक, सारी योजनाओं के लिए आधार नंबर अनिवार्य कर दिया है। अब चाहे सरकार लाभार्थियों को जिस भी योजना के माध्यम से आर्थिक लाभ देगी, वह सीधे बैंक खाते में जाएगी। और इसके लिए आधार लिंक्ड खाते का होना जरूरी है।

इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग के लिए आधार जरूरी
आयकर विभाग अपने टैक्स पेयर को आधार नंबर के जरिए ई-वैरिफिकेशन की सुविधा देता है। इसके तहत आईटीआर भरने के बाद एकनॉलेजमेंट पेपर को प्रिंट करके, साइन करके सेंट्रल प्रोसेस सेंटर भेजने की जरूरत नहीं रहती है। आधार लिंक्ड करने के बाद आईटीआर समिट करते समय OTP देते ही ई-वैरिफिकेशन हो जाता है।

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