Home समाचार ग्लोबल आतंकी सलाहुद्दीन को खुला समर्थन, मोदी-ट्रंप मुलाकात से बौखलाया पाकिस्तान

ग्लोबल आतंकी सलाहुद्दीन को खुला समर्थन, मोदी-ट्रंप मुलाकात से बौखलाया पाकिस्तान

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वॉशिंगटन में नरेंद्र मोदी-डोनाल्ड ट्रंप मुलाकात से ऐसा लगता है कि पाकिस्तान बौखला गया है। यही वजह है कि सैयद सलाहुद्दीन को ग्लोबल आतंकी घोषित किए जाने के बाद पाकिस्तान ने आपा खो दिया है। पाकिस्तान ने अमेरिका के फैसले को गलत बताया है।

पाकिस्तान ने सलाहुद्दीन का खुला समर्थन किया है और उसे ग्लोबल आंतकी घोषित करने के अमेरिकी फैसले को गलत ठहराया है। पाकिस्तान ने कहा है कि कश्मीर में कथित आजादी का संघर्ष चल रहा है और सलाहुद्दीन उसी संघर्ष का हिस्सा है। इस कबूलनामे के साथ ही पाकिस्तान ने एक तरह से अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में मान लिया है कि वह कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के साथ है और जो आतंकी घटनाएं हुई हैं, उनमें उसका हाथ है।

सैयद सलाहुद्दीन को ग्लोबल आतंकी घोषित कर अमेरिका ने जहां पाकिस्तान की आतंकवाद को शह देने की नीति को करारा जवाब दिया, वहीं भारत की चिंता को भी जायज ठहराया। ये वही सलाहुद्दीन है जिसने जम्मू-कश्मीर में  हमलों की लगातार जिम्मेदारी ली है। सलाहुद्दीन को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के पीछे मुख्य वजह यही है।

पाक अधिकृत कश्मीर से भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया जाता रहा है। भारत ने इसके सबूत लगातार दिए हैं, लेकिन पाकिस्तान ने कभी इसे माना नहीं। एक बार फिर पाकिस्तान ने सलाहुद्दीन  रहा था। वहीं, पाकिस्तान ने कभी भी सलाहुद्दीन को नियंत्रित करने की कोशिश नहीं की। अब तो पाकिस्तान खुलकर सलाहुद्दीन के समर्थन में आ खड़ा हुआ है।

पाकिस्तान ने सलाहुद्दीन को ग्लोबल आतंकी घोषित करने पर जारी नोट में दोहराया है कि वह कश्मीर में कथित आजादी को अपना समर्थन देता रहेगा। इस तरह पाकिस्तान ने एक बार फिर दुनिया के सामने खुद को बेनकाब कर लिया है। ये बात भी साबित हो गयी है कि कश्मीर में आतंकी हमलों में सीधे तौर पर पाकिस्तान का हाथ रहा है। सैयद सलाहुद्दीन जो खुद हमलों को स्वीकार चुका है उसकी तरफदारी कर पाकिस्तान ने अपनी पोल खोल ली है।

सलाउद्दीन के संगठन हिज्बुल ने जम्मू कश्मीर में हुए कई आतंकी वारदातों की जिम्मेदारी ली थी। इनमें अप्रैल 2014 के धमाके शामिल हैं, जिसमें 17 लोग घायल हुए थे। पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात से पहले अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि बीते साल कश्मीर में हुए आतंकी हमलों में सलाहुद्दीन का हाथ था और वह कश्मीर घाटी में आतंक फैलाने के मकसद से आतंकियों को ट्रेनिंग दिया करता था। बयान में कहा गया है इन वारदातों को आतंकवाद की श्रेणी में रखते हुए उसे अतंरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया गया है।

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