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आखिरकार शिकंजे में आए पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम, परिवार पर भी चल रहे कई मामले

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आखिरकार कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम को बुधवार रात करीब 31 घंटे के ड्रामे के बाद सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया। सुप्रीम कोर्ट से राहत ना मिलने के बाद आईएनएक्स मीडिया केस में लुकआउट नोटिस जारी करने वाली सीबीआई की टीम गेट ना खुलने पर दीवार फांदकर उनके बंगले के अंदर गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें सीबीआई मुख्यालय ले जाया गया। गुरुवार दोपहर बाद उन्हें सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा।

चिदंबरम पर है भ्रष्टाचार के साथ पद के दुरुपयोग का आरोप
गौरतलब है कि चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम द्वारा साल 2006 में एयरसेल-मैक्सिस डील के तहत विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी मिलने के मामले की जांच CBI और ED कर रही है। उस समय पी चिदंबरम यूपीए सरकार में वित्त मंत्री थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने एयरसेल-मैक्सिस को एफडीआई की सिफारिशों के लिए आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी को नजरअंदाज कर दिया था और अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फायदा पहुंचाया था। प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक एयरसेल-मैक्सिस डील में तत्कालीन वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कैबिनेट कमिटी की अनुमति के बिना ही मंजूरी दी थी, जबकि यह डील 3500 करोड़ रुपये की थी।

27 घंटे के बाद अचानक मीडिया के सामने आए
20 अगस्त को गायब हो जाने के बाद चिदंबरम बुधवार शाम अचानक कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। चिदंबरम ने कहा कि मैं कानून से बच नहीं रहा हूं, बल्कि कानूनी संरक्षण की तैयारी कर रहा हूं। मुझ पर आरोप है कि मैं न्याय से भाग रहा हूं, जबकि इसके विपरीत मैं न्याय की खोज में लगा हुआ हूं। उन्होंने कहा कि आईएनएक्स मीडिया मामले में मैं किसी जुर्म का आरोपी नहीं हूं, न ही मेरे परिवार का कोई आरोपी है। इसके बाद वे जोर बाग स्थित अपने घर रवाना हो गए, कुछ देर बाद ही सीबीआई की टीम भी वहां पहुंच गई। बंगले का गेट नहीं खुलने पर सीबीआई अधिकारी दीवार फांदकर चिदंबरम के घर में घुसे और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम भी उनको गिरफ्तार करने उनके घर पहुंची थी।

कांग्रेस ने लगाया 11 का दम
इसके पहले कांग्रेस ने चिदंबरम को गिरफ्तार होने के बचाने के लिए वकीलों की फौज खड़ी कर दी थी। सुबह अदालत की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही कपिल सिब्बल और उनके साथ 11 वकीलों की टीम चिदंबरम की पैरवी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे। चिदंबरम के वकीलों की कोशिश थी कि किसी तरह से तात्कालिक राहत उन्हें मिल जाए, जिससे उन पर लटक रही गिरफ्तारी की तलवार हट जाए, लेकिन दिल्ली हाइकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर चिदंबरम की याचिका पर तुरंत सुनवाई की मांग शीर्ष अदालत ने ठुकरा दी।

हाईकोर्ट ने खारिज की थी अग्रिम जमानत याचिका
इससे पहले मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम से जुड़ा आईएनएक्स मीडिया मामला मनी लॉन्ड्रिंग का एक बेहतरीन उदाहरण है और उसकी प्रथम दृष्टया राय है कि मामले में प्रभावी जांच के लिए उनसे हिरासत में पूछताछ की जरूरत है। अदालत ने कहा कि तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया पता चलता है कि याचिकाकर्ता इस मामले में प्रमुख व्यक्ति, मुख्य साजिशकर्ता है। कोर्ट ने बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यह मनी लॉन्ड्रिंग का एक क्लासिक उदाहरण है।

परिवार पर भी चल रहे कई मामले
पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम के अलावा उनके परिवार पर भी कई मामले चल रहे हैं। हिंदुस्तान की खबर के अनुसार उनके पुत्र कार्ति चिदंबरम के खिलाफ एयरसेल मैक्सिस भ्रष्टाचार मामले और धन शोधन मामले में मुकदमा चल रहा है। जांच एजेंसी पी चिदंबरम की पत्नी के खिलाफ भी सारदा चिटफंड घोटाले में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज एयरसेल मैक्सिस मामलों में चिदंबरम तथा उनके बेटे की जमानत संबंधी याचिकाएं निचली अदालत में लंबित हैं। पिछले साल 19 जुलाई को सीबीआई द्वारा दाखिल आरोप पत्र में चिदंबरम और कार्ति के नाम थे। 

विमान खरीद मामले में भी हो सकती है गिरफ्तारी
चिदंबरम के खिलाफ आईएनएक्स मीडिया के अलावा यूपीए के शासनकाल में एयर इंडिया के लिए खरीदे गए 111 विमानों के सौदे में हुई अनियमितताओं के मामले की जांच भी चल रही है। इस मामले में एफआईआर हो चुकी है और ईडी ने उन्हें पेश होने के लिए समन भेज रखा है। अमर उजाला की खबर के अनुसार एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के विवादास्पद विलय समेत यूपीए सरकार के दौरान कम से कम चार ऐसे सौदे रहे हैं, जिनमें अनियमितताओं के अलावा मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप भी लगे थे। जांच एजेंसी ने इस केस में अक्टूबर 2018 में कई आपराधिक मामले दर्ज किए थे। आरोप है कि विदेशी विमान विनिर्माण कंपनियों को फायदा पहुंचाने की एवज में सरकारी कंपनियों के लिए 70,000 करोड़ रुपये के 111 विमान खरीदे गए थे। इस सौदे से सरकारी विमान कंपनी को कथित वित्तीय नुकसान हुआ था, क्योंकि उस दौरान कंपनी पहले से ही वित्तीय संकट के दौर से गुजर रही थी। साल 2011 में सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में 2006 में 70,000 करोड़ रुपये में एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के लिए एयरबस व बोइंग से 111 विमान खरीदने के फैसले पर सवाल उठाया था।

स्पेन में टेनिस क्लब और UK में खरीदा था घर-ED
न्यूज 18 की खबर के अनुसार ईडी की जानकारी के मुताबिक चिंदबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने स्पेन में टेनिस क्लब, यूके में कॉटेज के साथ-साथ देश-विदेश में कुल 54 करोड़ की संपत्तियां खरीदी हैं। ईडी जानना चाहती है कि कार्ति के पास ये संपत्तियां खरीदने के पैसे कहां से आए। ईडी ने अक्टूबर 2018 में एक अटैचमेंट ऑर्डर पास किया था। इसके मुताबिक ये सारी संपत्तियां आईएनएक्स मीडिया केस में मिली रिश्वत की रकम से खरीदी गई हैं।

यूपीए शासन के दस वर्षों के शासन में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम पर अपने पद का दुरुपयोग कर दोनों हाथों से देश को लूटने का आरोप है। हाल ही में उनके बेटे कार्ति चिदंबरम ने खुलासा किया है कि दुनियाभर में उनकी 6 लाख करोड़ के अधिक की संपत्ति है। एक नजर डालते हैं चिदंबर एंड फैमिली के घोटालों की लिस्ट पर-

6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का मालिक है चिदंबरम परिवार!
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व वित्त मंत्री पी चिंदबरम और उनके परिवार ने गैरकानूनी तरीके से अकूत दौलत कमाई है। दुनिया भर में चिदंबरम परिवार की हजारों करोड़ नहीं बल्कि लाखों करोड़ रुपये की संपत्ति फैली हुई है। जी हां, पहले इस तरह के सिर्फ आरोप लगते थे, लेकिन अब पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने खुद यह बात कबूल की है। कार्ति चिदंबरम ने एक व्हाट्सएप चैट के दौरान यह खुलासा किया है कि उसकी छह लाख करोड़ रुपये से भी अधिक की संपत्ति पूरी दुनिया में फैली हुई है। इतना ही नहीं उसने यह भी बताया है कि इस संपत्ति की वजह से दुनिया के ज्यादातर देशों में वीजा की जरूरत तक नहीं होती। वह अपनी इच्छा के मुताबिक जब चाहें तब दुनिया के किसी भी देश में जा सकता है और वहां रह भी सकता है।

मुकेश अंबानी से भी अमीर हैं चिदंबरम!
कार्ति चिदंबरम ने जो दावा किया है कि उसके मुताबिक एशिया के सबसे बड़े अमीर मुकेश अंबानी से भी अधिक संपत्ति चिदंबरम परिवार के पास है। जाहिर है कि इनकम टैक्स की घोषणा में इस अकूत दौलत का खुलासा चिदंबरम एंड फैमिली ने नहीं किया है, इसलिए आरोप लगाए जा रहे हैं कि यह सारा कालाधन है, जो दशकों से लूट कर चिदंबरम एंड फैमिली ने जमा किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस वाट्सएप चैट में कार्ति चिदंबरण लिखता है कि “मुझे पासपोर्ट की जरूरत ही नहीं है, क्योंकि मेरे पास 6 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है, जो मुझे ग्लोबल एचएनआई की श्रेणी प्रदान करता है। मैं अपनी इच्छा के अनुरूप दुनिया के अधिकांश देशों में जा सकता हूं और वहां रह भी सकता हूं।”

कार्ति चिदंबरम के खुलासे पर www.pgurus.com ने विश्लेषण किया है और पी चिदंबरम द्वारा जुटाई गई संपत्ति का आकलन किया है। पीगुरु के मुताबिक पी चिदंबरम ने स्टॉक मार्केट घोटाला, बेनामी संपत्ति, विदेशी खाते और लोन मंजूरी के बदले कमीशन से यह अकूत दौलत एकत्र की है। आरोप है कि इन्हीं चार स्रोतों से चिदंबरम ने इतनी अकूत संपत्ति बनाई है। पीगुरु ने कहा है कि जिस प्रकार देश के बड़े से बड़े घोटाले में पी चिदंबरम और उनका परिवार शामिल है और जितनी घोटाले की राशि सामने आई है अगर उसे जोड़ दिया जाए तो निश्चित रूप से कार्ति चिदंबरम का दावा सही बैठता है। 

सत्ता की मदहोशी में चिदंबरम एंड फैमिली ने लोकतंत्र को बना डाला लूटतंत्र!
कहा जाता है कि लोकतंत्र लोकलाज से चलता है, लेकिन केंद्र में यूपीए सरकार के दौरान भ्रष्ट कार्यसंस्कृति ने अपनी जड़ें जमा ली थीं। लोकलाज को ताक पर रख कर लूटतंत्र का बोलबाला हो गया था। कोयला घोटाला, टू जी घोटाला, कॉमनवेल्थ घोटाला… जैसे महाघोटालों की लंबी फेहरिस्त है। दरअसल सत्ता के दंभ में कांग्रेसियों ने सिर्फ यही सीखा कि अमीर पूंजीपतियों के साथ मिल कर देश के संसाधनों को कैसे लूटा जाए?

मोदी सरकार की सख्ती से खुल रही चिदंबरम एंड फैमिली के लूटतंत्र की पोल
यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए पी चिदंबरम ने फर्जीवाड़ों और घोटालों के जो खेल किए हैं, उसके लगातार खुलासे हो रहे हैं। पिछले साल आयकर विभाग ने पी चिदंबरम के परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ काला धन कानून के तहत चार चार्जशीट दायर की। ये चार्जशीट चिदंबरम की पत्नी नलिनी, बेटे कार्ति और बहू श्रीनिधि के खिलाफ हैं। दरअसल पूर्व वित्त मंत्री अनेकों घोटालों के सूत्रधार रहे हैं, क्योंकि उन्होंने जानकारी होने के बावजूद ऐसे कई काम किए जो देश के खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले थे।

चिदंबरम एंड फैमिली ने आयकर विभाग को अधेरे में रखा
आयकर विभाग की चार्जशीट के अनुसार पी चिदंबरम एंड फैमिली ने अपने निवेश की जानकारी टैक्स अधिकारियों को नहीं दी थी। चिदंबरम के बेटे कार्ति के सह स्वामित्व वाली कंपनी चेस ग्लोबल एडवाइजरी ने भी इस बारे में नहीं बताया, जो नियमों का उल्लंघन है। गौरतलब है कि चिदंबरम के परिवार के इन सदस्यों की यूनाइटेड किंगडम के कैंब्रिज में 5.37 करोड़ की संपत्ति है। ब्रिटेन में ही 80 लाख की एक और संपत्ति है, वहीं अमेरिका में 3.28 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति भी है।

चिदंबरम एंड फैमिली ने 14 देशों में छिपाई काली कमाई
आयकर विभाग के अनुसार चिदंबरम और उनके परिवार ने 14 देशों में 3 अरब डॉलर यानि लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति गैरकानूनी तरीके से कमाई है। इसके अलावा विदेशी बैंकों में कुल 21 अकाउंट का भी अब तक पता चल चुका है। गौरतलब है कि चिदंबरम एंड फैमिली की लूट का पता तब चला था, जब दिसंबर 2015 में एयरसेल मैक्सिस घोटाले में छापेमारी हुई थी। तब उनकी बेनामी संपत्तियों से जुड़े कई दस्तावेज पकड़े गए थे।

भारत के नवाज शरीफ हैं चिदंबरम– निर्मला सीतारमण
चिदंबरम और उनके परिवार पर करीब 9 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्ति का खुलासा न करने को लेकर यह चार्जशीट दाखिल की गई है। यह चार्जशीट इंपोजिशन ऑफ टैक्स ऐक्ट, 2015 के तहत चेन्नई की स्पेशल कोर्ट में फाइल की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चिदंबरम के लूटतंत्र की तुलना पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ के घोटालों से की थी। गौरतलब है कि नवाज शरीफ को विदेशी संपत्ति के मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद से हाथ धोना पड़ा है।

नीरव मोदी-मेहुल चोकसी से चिदंबरम के ‘अनैतिक’ रिश्ते
2013 में लॉन्च की गई 80:20 गोल्ड आयात स्कीम को लेकर राजस्व खुफिया महानिदेशालय (डीआरआई) ने आपत्ति की थी, लेकिन पी चिदंबरम ने उसे लागू कर दिया। गौरतलब है कि 80:20 स्कीम के तहत जिन 7 कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया, उनके भगोड़े घोटालेबाज नीरव मोदी और मेहुल चोकसी से संबंध हैं। दरअसल इस योजना का इस्तेमाल चोकसी सहित अन्य जूलर्स ने ब्लैक मनी की राउंड ट्रिपिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया। राउंड ट्रिपिंग के तहत कालाधन देश के बाहर जाता है और व्हाइट बनकर वापस लौटता है।

सात अन्य मामलों में भी जांच के घेरे में है पी चिदंबरम
पी चिदंबरम यूपीए सरकार में मई 2004 से 2009 और अगस्त 2012 से मई 2014 के बीच दो बार वित्तमंत्री थे। ईडी ने पी चिदंबरम के वित्तमंत्री रहते हुए दिये गए कुल 2721 एफआइपीबी क्लीयरेंस की पड़ताल की थी, इनमें 54 मामले संदेहास्पद पाए थे। ईडी ने इन सभी मामले की फाइल एफआइपीबी से तलब की और उनकी गहन पड़ताल की। कुल आठ ऐसे मामले मिले जिनमें सीधे तौर पर गड़बड़ी के सबूत मिले। गौरतलब है कि इन सभी मामलों में एफआइपीबी क्लीयरेंस पाने वाली कंपनियों की ओर से कार्ति चिदंबरम और उनकी सहयोगी की कंपनियों में निवेश किया गया था।

पत्नी नलिनी के खिलाफ भी चार्जशीट
सारदा चिटफंड घोटाला मामले में सीबीआई ने जनवरी, 2019 में पी चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया। नलिनी चिदंबरम पर सारदा ग्रुप ऑफ कंपनी के प्रोप्राइटर सुदीप्तो सेन के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रचने का आरोप है। पूर्व वित्तमंत्री की पत्नी पर सारदा घोटाले में 1.4 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है। चार्जशीट में कहा गया है कि नलिनी ने 2010 से 2014 के बीच यह रिश्वत ली थी। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि सारदा ग्रुप के मालिक सुदीप्तो सेन और अन्य आरोपियों के साथ कंपनी के धन की धोखाधड़ी और हेराफेरी करने के इरादे से साजिश रचने में नलिनी शामिल थीं। सीबीआई ने कोलकाता की बारासात कोर्ट में चार्जशीट दायर की। नलिनी सुप्रीम कोर्ट की वकील हैं और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले साल अप्रैल में उन्हें नोटिस भेजा था। समन को उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती भी दी थी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था।

भ्रष्टाचार पर पीएम मोदी के सख्त एक्शन से खुली पोल
अफसरशाही में पकड़ की बदौलत चिदंबरम एंड फैमिली के विरुद्ध मामला लटकता रहा। बीजेपी सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखकर पूरे मामले की जानकारी दी और नये ब्लैकमनी और बेनामी कानून के तहत केस दर्ज करने की मांग की । इसके बाद पीएम मोदी ने सीधे इस मामले की निगरानी शुरू कर दी, हालांकि इसके बावजूद वित्त मंत्रालय के कुछ अफसरों ने चिदंबरम को बचाने की कोशिश जारी रखी, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल पाई।

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