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साहसिक और निर्णायक फैसलों ने बनाया ‘ब्रांड मोदी’, देश और विदेश में भरोसा कायम

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भरोसे का दूसरा नाम है ‘ब्रांड मोदी’ । जिस तरह बाजार में किसी उत्पाद पर आप ज्यादा भरोसा करने लग जाते हैं तो वो उत्पाद विश्वसनीय बन जाता है और फिर धीरे-धीरे वो ब्रांड हो जाता है। इसी तरह पीएम मोदी पर अब भारत के लोगों को भरोसा हो गया है। ऐसे में ‘ब्रांड मोदी’ लगातार मजबूत होता जा रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी की छवि साहसिक और निर्णायक फैसले लेने वाले नेता की है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाकर फिर इसे साबित कर दिया है। इस फैसले के बाद नरेंद्र मोदी की छवि और मजबूत हो गई है। उन्होंने स्वयं को एक ऐसे नेता के रूप में स्थापित कर लिया है जो देशहित में अहम और कड़े फैसले ले सकता है। आज देश में ही नहीं, विदेशों में भी ‘ब्रांड मोदी’ का जादू लोगों के सर चढ़कर बोल रहा है।

साहसिक और ऐतिहासिक फैसला

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का मोदी सरकार का फैसला न सिर्फ ऐतिहासिक है बल्कि अत्यंत साहसिक भी। नोटबंदी, पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक और पाकिस्तान में घुसकर एयर स्ट्राइक करने जैसे दमदार फैसले लेने वाली मोदी सरकार ने एक बार फिर दिखा दिया है कि किसी समस्या से निपटने के लिए उसके पास राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी नहीं है।

फैसले पर पूरा देश पीएम मोदी के साथ 

करीब सात दशक से चली आ रही एक व्यवस्था को खत्म किए जाने से भले ही घाटी में कुछ प्रतिकूल प्रतिक्रिया भविष्य में देखने को मिले लेकिन इस फैसले पर करीब-करीब पूरा देश सरकार के साथ खड़ा दिखता है। दरअसल, कश्मीर में जारी आतंकवाद में बड़े पैमाने पर जवानों के शहीद होने और दशकों से स्थिति जस की तस बनी रहने से लोगों की उम्मीदें खत्म होने लगी थी। लोगों को लगता था कि कभी कश्मीर की स्थिति नहीं बदल सकती। क्योंकि कभी किसी सरकार ने उसे दूर करने के ठोस प्रयास ही नहीं किए। पर इस फैसले से लोगों को भरोसा हुआ है कि यह कश्मीर में बड़े बदलाव के लिए उठाया गया कदम है।

मोदी-शाह के फैसले पर लोगों का भरोसा

एक सोच यह बनी है कि जब अनुच्छेद 370 के कायम रहने से 70 सालों में कश्मीर की स्थिति नहीं सुधरी तो अब मोदी-शाह के इस प्रयोग को भी परखा जाना चाहिए। एक बात और मोदी सरकार ने यह कदम ऐसे वक्त में उठाया है जब आतंकवाद के मुद्दे पर पाक वैश्विक दबाव में घिर चुका है। दूसरे, कश्मीर में सुरक्षाबलों के अभियान में आतंकियों की कमर टूटी है। कहने का तात्पर्य है कि चोट सही वक्त पर की गई है इसलिए सफलता की उम्मीद ज्यादा है।

स्थानीय राजनेताओं के शिकंजे से राज्य की राजनीति व प्रशासन मुक्त

कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेश में विभाजित कर राज्य की राजनीति और प्रशासन को स्थानीय राजनेताओं के शिकंजे से मुक्त कर दिया है जो पृथकतावादियों के सुर में सुर मिलाते हैं। दूसरे इससे वहां बड़े पैमाने पर जारी राजनीतिक भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। लद्दाख की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं और उसे आतंकवाद से दूर रखते हुए अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया है। जबकि जम्मू-कश्मीर का नियंत्रण पर सीधे केंद्र के हाथों में होगा। वहां उप राज्यपाल की ताकत ज्यादा होगी और निर्वाचित सरकार की सीमित।

पटेल की तरह मजबूत फैसले लेनेवाले राजनेता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर सरदाल पटेल का जिक्र करते हैं और अखंड भारत के लिये ”लौह पुरुष” का नाम लेने से नहीं चूकते। बल्कि यूं कहा जाये पीएम मोदी का संबोधन पटेल के जिक्र के बिना पूरा नहीं होता। वे खुद को हमेशा सरदार पटेल की विरासत से जोड़ कर पेश करते आये हैं। पीएम मोदी अपनी बातों के माध्यम से यह संदेश भी देते रहे हैं कि सरदार पटेल के अधूरे कामों को पूरा करने के लिये वह संकल्पित हैं। सरदार पटेल की तरह पीएम मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाकर अखंड भारत बनाने की ओर बड़ा कदम उठाया है। पीएम मोदी भी गुजरात से ही आते हैं और पटेल की तरह मजबूत फैसले लेनेवाले राजनेता के रूप में खुद को आगे रखते आये हैं। 

ब्रांड मोदी का लोहा दुनिया ने माना

प्रधानमंत्री के इस साहसिक कदम की देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों ने तारीफ की है। अमेरिका की फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज (एफआईआईडीएस) ने कहा कि अस्थायी संवैधानिक प्रावधान ने घाटी में अस्थायी तौर पर हिंसा को जन्म दिया और जम्मू-कश्मीर की समृद्धि को रोक दिया। इस संस्था ने उम्मीद जताई है कि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में शांति लेकर आएगा। अमेरिकन इंडिया पब्लिक अफेयर्स कमेटी (एआईपीएसी) के अध्यक्ष जगदीश सवहानी ने कहा, ‘‘ हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को बधाई देते हैं। यह लंबे समय से लंबित था लेकिन इस तरह का अन्यायपूर्ण प्रावधान हटाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा नजरिया चाहिए।’’

इजरायली आम चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर वोट मांग रहे हैं नेतन्याहू

प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता का आलम यह है कि इजरायल के चुनाव में भी उनका जादू सर चढ़कर बोल रहा है। इजरायल के चुनाव में हर तरफ प्रधानमंत्री मोदी का जलवा देखने को मिल रहा है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर लोगों से अपने पक्ष में वोट मांग रहे हैं। इसके लिए उन्होंने पीएम मोदी और खुद की तस्वीर की होर्डिंग प्रचार के लिए लगवाई है। इजरायली पत्रकार अमीचाई स्टेन ने ट्विटर पर इस बैनर की तस्वीर पोस्ट की। इजरायल में 17 सितंबर को होने वाले आम चुनाव के लिए एक इमारत के बाहर लगाए गए बैनर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप , रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के साथ नेतन्याहू की तस्वीर है। 

आइए पीएम मोदी के उन साहसिक फैसलों और कोशिशों के बारे में जानते हैं, जिसने ‘ब्रांड मोदी’ पर लोगों के भरोसे को बढ़ाया…

तीन तलाक के खिलाफ बना कानून
इसी संसद सत्र में तीन तलाक बिल पर मोदी सरकार को बड़ी कामयाबी मिली। एक साथ तीन तलाक को अपराध करार देने वाला तीन तलाक बिल लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी पास हो गया। राष्ट्रपति ने भी इस बिल को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री मोदी सत्ता में आने के बाद से ही सदियों से चली आ रही इस कुप्रथा से मुस्लिम महिलाओं को मुक्ति दिलाने के प्रयास में लगे हुए थे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में भी मोदी सरकार ने तीन तलाक के खिलाफ जोरदार पैरवी की थी, और उसी का नतीजा था कि सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय खंडपीठ ने बहुमत के साथ इस प्रथा को गैरकानूनी और इस्लाम विरोधी घोषित किया था। उसके बाद से ही केंद्र सरकार इसे कानूनी जामा पहनाने की कोशिश कर रही थी। प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल ने उन्हें देश की करोड़ों मुस्लिम महिलाओं का शुभचिंतक बना दिया है। प्रधानमंत्री ने बगैर किसी भेदभाव के, मुस्लिम समुदाय की महिलाओं को उनका हक दिलाने का काम किया है।

नोटबंदी से क्लीन और भ्रष्टाचार मुक्त हुई अर्थव्यवस्था
प्रधानमंत्री मोदी ने 8 नवंबर, 2016 को पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट हटाने का ऐलान किया था। प्रधानमंत्री मोदी का मकसद देश की अर्थव्यवस्था में मौजूद काले धन को खत्म करना और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना था। मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद पहली बार देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई। मोदी राज में करदाता की संख्या ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या में भारी वृद्धि हुई। नोटबंदी के बाद फर्जी कंपनियों और बेनामी संपत्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। हजारों करोड़ की अघोषित आय का पता चला और लाखों फर्जी कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया।

जीएसटी- सबको मिल रहा है एक राष्ट्र-एक कर का लाभ
दो साल पहले 1 जुलाई, 2017 को देश को आर्थिक आजादी मिली थी। आजादी, उन 17 प्रकार के करों से मिली जिसके बोझ के नीचे लोग 70 साल से दबे हुए थे। देश को यह आर्थिक आजादी दिलाने का सेहरा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सिर बंधा। दशकों से चली आ रही सरकारों की इस जंग को प्रधानमंत्री मोदी ने 1 जुलाई 2017 की मध्यरात्रि को जीएसटी कानून लागू करके जीत लिया। इस दिन भारत में ‘वन नेशन, वन टैक्स’ का राज स्थापित हुआ। प्रधानमंत्री मोदी की जीएसटी लागू करने की सटीक योजना और दृढ़ निश्चय का परिणाम रहा कि जीएसटी के रूप में सरकार को मिलने वाले राजस्व में लगातार बढ़ोतरी हुई।

सर्जिकल स्ट्राइक
28-29 सितंबर, 2016 की दरम्यानी रात पीओके में घुसकर आतंकी ठिकानों के खिलाफ भारतीय सेना ने बड़ी कार्रवाई की थी। सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए भारतीय सेना ने एलओसी पारकर आतंकवादी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया था। 18 सितंबर को उरी के आर्मी कैंप में हुई आतंकी वारदात में हमारे 20 सैनिक शहीद हो गये थे। इस वारदात ने देश को दहलाकर रख दिया था, पाकिस्तान पर लोगों का गुस्सा उबल रहा था। उरी में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय फौज ने आतंकियों के ठिकानों को तबाह करने के साथ पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया था। भारत ने पाकिस्तान को उसी के घर में घुसकर सबक सिखाया था। सर्जिकल स्ट्राइक को दो टीमों ने अंजाम दिया था, इस ऑपरेशन में पाकिस्तान स्थित कई लॉचिंग पैड को ध्वस्त कर दिया गया था।

सर्जिकल स्ट्राइक-2
मोदी सरकार ने पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए 26 फरवरी, 2019 को पाकिस्तान की सीमा में घुसकर बालाकोट में एयरस्ट्राइक की। भारतीय वायुसेना ने सर्जिकल स्ट्राइक-2 के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के अड्डे पर बड़ी कार्रवाई की। इसमें जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैएबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन के कैंप तबाह हो गए। जानकारी के मुताबिक हमले में जैश-ए-मोहम्मद का कश्मीर ऑपरेशन का चीफ मुफ्ती अजहर खान और जैश चीफ मसूद अजहर का बड़ा भाई इब्राहिम अजहर सहित कुल 250 से 300 आतंकी मारे गए।

बोलने की शैली हो या पहनावा। दुश्मन को भी दोस्त बना लेने की कला हो या दुनिया के नेताओं के बीच अपनी पहचान स्थापित कर लेने का अनूठा अंदाज। जिनकी एक बोली पर पूरा देश सफाई अभियान जुड़ जाए और जरूरत पर दुश्मन को जोरदार जवाब देने की ताकत भी दिखा जाए… देश के सवा सौ करोड़ लोगों की उम्मीद और भरोसे का प्रतीक हैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी। 

परम्परागत राजनीति से अलग लकीर खींची
पीएम मोदी ने जिस तरह से राजनीति शुरू की वो परम्परागत राजनीति से अलग है। संसद की सीढ़ियों पर शीश झुकाना हो या फिर हाथ में झाड़ू लेकर सफाई अभियान चलाना। गंगा किनारे मजदूर बनकर फावड़ा चलाना हो या फिर वीआइपी कल्चर को एक झटके में खत्म कर सामाजिक चेतना जगाना हो। पीएम मोदी ने अपने हर एक कदम के जरिये नई उम्मीद जगाई है और स्वयं को एक क्रेडिबल ब्रांड के तौर पर स्थापित किया है।

पांच साल में घर-घर मोदी
2014 में इलेक्शन से पहले ये ब्रांड नेशनल लेवल पर मजबूत हुआ और पिछले पांच सालों में सोशल मीडिया हो या ग्लोबल प्लेटफॉर्म हो या फिर देश में नए मिशन का आगाज। रेडियो पर मन की बात के जरिये देश-विदेश के लोगों से संवाद स्थापित करने का तरीका हो या फिर जनसभाओं के माध्यम से सवाल-जवाब करने की शैली। हर जगह ब्रांड मोदी ने अपना जलवा दिखाया है। गहराई से देखें तो बीते पांच सालों में ब्रांड मोदी और मजबूत हुआ है।

ब्रांड मोदी का असर : बीजेपी दो बार केंद्र की सत्ता पर काबिज
ब्रांड मोदी का असर बीजेपी पर भी हुआ है, इस पार्टी को नरेन्द्र मोदी के रूप में एक ऐसा चेहरा मिला, जिसने बीजेपी को दो बार केंद्र की सत्ता पर काबिज कर दिया। ब्रांड मोदी में देश की जनता का भरोसा इस कदर बढ़ा है कि अभी देश के 13 राज्यों में बीजेपी का अपना मुख्यमंत्री है और 3 राज्यों में एनडीए अलायंस के साथ वो सत्ता में है। पीएम मोदी के केंद्र की सत्ता में आने के बाद एक के बाद एक महाराष्ट्र, यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, मणिपुर, त्रिपुरा, कर्नाटक और गोवा जैसे राज्यों में बीजेपी को जीत मिली।

देश के यूथ के लिए ब्रांड हैं पीएम मोदी
ब्रांड मोदी मिडिल क्लास यूथ हो या ग्रामीण यूथ दोनों में समान रूप से लोकप्रिय हैं। पिछले पांच सालों में उनकी स्किल इंडिया योजना हो या स्टार्ट-अप, स्टैंड-अप इंडिया योजना, पीएम मोदी ने युवाओं के लिए लगातार कुछ किया है। यही नहीं सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले पीएम मोदी युवाओं की खास पसंद हैं। पीएम मोदी के हर नये मिशन के साथ ब्रांड मोदी चमकता गया है।

आम लोगों के दिल में बसते हैं पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के गरीब और आम लोगों के लिए तमाम योजनाएं बनाई हैं। इन योजनाओं से जमीनी स्तर पर जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल रहा है। यही वजह है कि देश के आमलोग प्रधानमंत्री मोदी से खुद का जुड़ाव महसूस कर रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी को भरपूर समर्थन कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है 2019 का आम चुनाव। इस चुनाव में बीजेपी का आंकड़ा 300 के पार चला गया और एनडीए की सीटों की संख्या बढ़कर 350 तक पहुंच गई।

भरोसे का प्रतीक: ब्रांड इंडिया 
पिछले पांच साल में पीएम मोदी ने मेक इन इंडिया जैसे कार्यक्रमों के जरिये विदेशी निवेश को भारत में एक नया प्लेटफॉर्म देने की कोशिश की वहीं देश-विदेश में ब्रांड इंडिया का नाम मजबूत किया। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान की संसद को संबोधित करने के दौरान उन्होंने जिस अंदाज में इंटरैक्ट किया वो अद्भुत था। अमेरिकी संसद में तो पीएम मोदी के संबोधन के दौरान 9 बार अमेरिकी सांसद अभिवादन के लिए हुए खड़े हुए और 72 बार बजी तालियों की गड़गड़ाहट से हॉल गूंजता रहा।

ब्रांड मोदी के भरोसे से बढ़ा निवेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतिगत सुधारों और बिजनेस के लिए अनुकूल माहौल बनाने के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं। 2018 में देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश या एफडीआई में 6% की बढ़ोतरी की हुई। यूएन (UN) की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि 2018 में देश में 42 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया। रिपोर्ट के अनुसार मैनुफैक्चरिंग, कम्युनिकेशन और वित्तीय सेवाओं में अच्छी पूँजी आयी, जिससे एफडीआई में बढ़ोतरी हुई। साथ ही क्रॉस-बॉर्डर विलय और अधिग्रहण गतिविधियों से भी एफडीआई को सहारा मिला।

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