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जबरन ‘जय श्रीराम’ कहलवाने को लेकर फैलाया जा रहा है झूठ, देखिए पीएम मोदी को बदनाम करने की 6 घटनाएं

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देश में इन दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। देश में एक ट्रेंड सा चल रहा है कि कहीं भी कोई झगड़ हो तो उसे हिंदु-मुसलमान से जोड़ दो। इतना ही नहीं उसमें जय श्रीराम का मसाला जोड़ दो फिर क्या बात है। देश में रोजाना किसी न किसी जगह से मुसलमानों के साथ ज्यादती और उनसे जबरन जय श्रीराम का नारा लगवाने की खबरें आती हैं। इन खबरों को मीडिया में उछाला जाता है, सोशल मीडिया पर फैलाया जाता है, लेकन पुलिस जब गहनता से जांच करती है, तो मामला झूठा निकलता है। हम आपको ऐसी 6 घटनाएं बता रहे हैं, जिनमें इसी तरह की साजिश रचकर प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार को बदनाम करने की कोशिश की गई, लेकिन बाद में सब झूठ निकला।

पीएम मोदी को बदनाम करने की घटना नंबर – 1

पहली घटना उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की है। बागपत के दोहट इलाके में मस्जिद के इमाम इमलाकुर्रहमान ने 14 जुलाई को आरोप लगाया कि उसके साथ कुछ युवकों ने कथित रुप से मारपीट की, उसकी दाढ़ी नोच ली और ‘जय श्रीराम’ कहने का दबाव बनाया। पुलिस की जांच में इमाम के ये आरोप झूठे पाए गए हैं। बागपत पुलिस के मुताबिक जब इमाम ने पहली बार थाने में शिकायत की थी तो जबरन जय श्रीराम के नारे लगवाने का जिक्र नहीं किया था। लेकिन बाद में मोदी को बदनाम करने वालों ने इसमें जय श्री राम का इनपुट डालकर सनसनीखेज बना दिया।

पीएम मोदी को बदनाम करने की घटना नंबर – 2
उत्तर प्रदेश के उन्नाव से ही 12 जुलाई को मदरसा छात्रों से जय श्रीराम नहीं कहने पर मारपीट की खबर आई थी। इसको लेकर काफी हो हल्ला मचाया। लेकिन जब पुलिस ने जांच की तो सामने आया कि मदरसे के बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे और इसी दौरान उनमें विवात हो गया।

खेल के दौरान हुई मारपीट में कुछ बच्चे घायल हो गए। इसी घटना को साजिश के तहत सांप्रदायिक रंग दे दिया गया और प्रधानमंत्री मोदी को बदनाम करने में लोगों ने सोशल मीडिया पर प्रचारित किया कि जय श्रीराम नहीं बोलने पर हिंदूवादी संगठन के लोगों ने बच्चों से मारपीट की।

पीएम मोदी को बदनाम करने की घटना नंबर – 3
उत्तर प्रदेश के कानपुर से 4 जुलाई को खबर आई थी कि जय श्रीराम नहीं कहने पर ऑटो ड्राइवर मोहम्मद अतीब की बेरहमी से पिटाई। इसको लेकर भी सोशल मीडिया पर खूब प्रचार किया गया। इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार और यूपी की योगी सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया।

लेकिन जब कानपुर की पुलिस ने मामले की जांच की तो ऑटो ड्राइवर ने बताया कि उसने सवारी को ले जाने से मना कर दिया था, इसलिए उसके साथ मारपीट की गई थी। जय श्रीराम का नारा लगाने से इनकार करने वाली बात बिलकुल झूठी है।

पीएम मोदी को बदनाम करने की घटना नंबर – 4
1 जून को सोशल मीडिया पर खबर वायरल हुई कि तेलंगाना के करीमनगर में जय श्रीराम नहीं कहने पर भाजपा और आरएसएस के लोगों ने मुस्लिम युवकों की पिटाई की गई। जबकि पुलिस जांच में सामने आया कि ये मुस्लिम युवक लड़की को छेड़ रहे थे और इसी के चलते इनके साथ मारपीट हुई थी।

पीएम मोदी को बदनाम करने की घटना नंबर – 5
1 जून को बरेली के बहेड़ी इलाके में खाना खा रहे मुस्लिम युवकों से पिटाई की खबर आई थी और इसे सोशल मीडिया पर खूब वायरल किया गया था। इस खबर को मुसलमानों पर हमले की तरह पेश किया गया था। जबकि सच्चाई यह थी कि जिन चार युवकों की पिटाई हुई थी, उनमें से दो हिंदू थे और ये चारों एक मंदिर में खुलेआम मीट खा रहे थे।

पीएम मोदी को बदनाम करने की घटना नंबर – 6
25 मई को गुड़गांव में मोहम्मद बरकत नाम के युवक के साथ जय श्रीराम नहीं कहने पर मारपीट का मामला सामने आया था। लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद हुई इस घटना को सांप्रदायिक रंग दिया गया और कहा गया कि युवक की टोपी भी उतार दी गई। लेकिन बाद में पुलिस ने जब जांच की, सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो पूरी खबर झूठी निकली। सीसीटीवी फुटेज में साफ था कि युवक के साथ कोई जोर-जबरदस्ती नहीं की गई थी।

इन घटनाओं से यह बात स्पष्ट है कि देश में जय श्रीराम के नारा बुलवाने को लेकर मुसलमानों से मारपीट की झूठी खबरें फैलाई जा रही है। ऐसी झूठी खबरों के जरिए प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार को बदनाम करने की सोची समझी साजिश रची जा रही है। ये छह घटनाएं साबित करती हैं कि प्रधानमंत्री मोदी को बदनाम करने के लिए विपक्षी किस प्रकार की साजिश रच रहे हैं। लेकिन अब जनता इस बहकावे में नहीं आने वाली है।

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