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मोदी राज में सेना का आधुनिकीकरण, 2700 करोड़ रुपये की रक्षा खरीद को मंजूरी

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पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच मोदी सरकार ने भारतीय सेना को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा फैसला किया। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (डीएसी) की बैठक में लगभग 2700 करोड़ रुपये के रक्षा उपकरण और हथियार खरीद को मंजूरी दी गई। भारतीय नौसेना के लिए तीन कैडेट प्रशिक्षण जहाजों की खरीद के लिए मंजूरी दी गई है, जिसका इस्तेमाल प्रशिक्षु महिला अधिकारियों समेत अधिकारी कैडेट को बुनियादी समुद्री प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए किया जाएगा।

इसके अलावा भी कई ऐसे रक्षा उपकरण हैं, जिनकी खरीद के लिए मोदी सरकार पहले ही मंजूरी दे चुकी है। डालते हैं एक नजर…

अमेरिका से ‘सिग सॉयर’ राइफलों की खरीद को मंजूरी

इससे पहले रक्षा मंत्रालय ने अमेरिका से 73,000 असॉल्ट राइफलों की खरीद को मंजूरी दी थी। इन राइफलों का इस्तेमाल चीन से लगती 3,600 किमी लंबी सीमा पर तैनात जवान करेंगे। सेना के सूत्रों ने बताया कि अमेरिका निर्मित ये राइफलें इंसास राइफलों का स्थान लेंगी। अमेरिका और कई यूरोपीय देश पहले से ही इन राइफलों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

रूस के साथ 3000 करोड़ रुपये की रक्षा खरीद का सौदा

भारत ने रूस के साथ 3000 करोड़ रुपये की रक्षा खरीद का सौदा किया है। इससे भारत की शक्ति काफी बढ़ जाएगी। रक्षा अधिग्रहण परिषद ने रूस में प्राथमिक हथियार के रूप में रूस में दो भारतीय जहाजों के निर्माण के साथ ब्रह्मोस मिसाइलों सहित 3000 करोड़ रुपये की रक्षा खरीद को मंजूरी दी। डीआरडीओ द्वारा डिजाइन और विकसित आर्म्‍ड रिकवरी व्‍हीकल और सेना के एमबीटी अर्जुन की खरीद के लिए भी इजाजत दी।

‘एस-400 वायु रक्षा प्रणाली’ सौदे पर भारत और रूस के बीच करार

अक्टूबर 2018 में रूस के राष्ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच चर्चा के बाद S-400 डील पर समझौता हुआ। करीब 39 हज़ार करोड़ रूपए की इस डील में भारत रूस से पांच S-400 एयर डिफ़ेंस सिस्टम ख़रीद रहा है, जो 2020 तक मिल जाएगा। भारत ने अमेरिका की चेतावनी के बावजूद इस करार को अंतिम रूप दिया।

सेना के जवान अब पहनेंगे स्‍वदेशी बुलेट प्रूफ जैकेट
केंद्र सरकार ने सेना की जरूरतों को देखते हुए 1.86 लाख स्वदेशी बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदने के लिए अनुबंध किया है। सेना के लिए कारगर बुलेट प्रूफ जैकेटों की जरूरत को युद्ध क्षेत्र के लिए सफलतापूर्वक आवश्यक परीक्षण करने के बाद पूरा किया गया है। ‘भारत में बनाओ, भारत में बना खरीदो’ के रूप में इस मामले को रखा गया है। स्वदेशी बुलेट प्रूफ जैकेटें अपनी श्रेणी का सर्वश्रेष्ठ और हल्के वजन की है और जवानों को बैलिस्टिक हमले से बचाएगी।यह जवानों को 360 डिग्री सुरक्षा प्रदान करेंगी। यहां तक कि ये जैकेट्स स्टील कोर बुलेट्स से भी जवानों को सुरक्षा प्रदान करेंगी। रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि नई बुलेटप्रूफ जैकेट से जवानों के हौसले बुलंद होंगे। 

भारत में लड़ाकू विमान बनाना चाहती है लॉकहीड मार्टिन

अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने अमेरिका से अपनी चौथी पीढ़ी के बहुआयामी विमान एफ-16वी के प्रोडक्शन लाइन को भारत में ट्रांसफर करने की पेशकश की है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक-इन-इंडिया प्रोजेक्ट की कामयाबी के तौर पर देखा जा सकता है। कंपनी का दावा है कि एफ-16वी बाजार में उसके इस श्रेणी के उत्पादों में सबसे उन्नत एवं आधुनिक है। भारत इन विमानों का अपनी वायुसेना में इस्तेमाल करने के साथ ही इसका निर्यात भी कर सकेगा। अगर ऐसा होता है तो डिफेंस इंडस्ट्री में नए रोजगार पैदा होंगे और हजारों इंजीनियरों को बेहतर अवसर मिलेगा।

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