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आर्थिक अपराधियों पर मोदी सरकार का शिकंजा, संदेसरा ग्रुप की विदेश में मौजूद 9,778 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान देश की जनता से वादा किया था कि लोगों का पैसा लूट कर भागने वाले आर्थिक अपराधियों का किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। दोबारा सत्ता संभालने के बाद मोदी सरकार ने इस दिशा में जोरशोर से काम शुरू कर दिया है। मोदी सरकार के निर्देश पर घोटाला कर विदेश भाग गए आर्थिक अपराधियों के खिलाफ जांच एजेंसियों फुल एक्शन में नजर आ रही हैं।

देश-विदेश में कुल 14,508 करोड़ की संपत्ति जब्त
अब प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लांड्रिंग के आरोपों में घिरे गुजरात के संदेसरा ग्रुप की विदेश स्थित 9,778 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। इसके पहले ईडी इस ग्रुप की भारत स्थित 4,730 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुका है। यानि अब संदेसरा ग्रुप की कुल 14,508 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हो चुकी है। संदेसरा ग्रुप के खिलाफ बैंकों के साथ 5,383 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। बतायाजा रहा है कि संदेसरा ग्रुप के विदेश स्थित जब्त संपत्तियों में एक निजी हवाई जहाज, चार पानी के जहाज, कच्चा तेल निकालने के चार प्लेटफार्म (रिग्स), एक ऑयल फील्ड और लंदन स्थित एक फ्लैट शामिल है। सभी संपत्तियां संदेसरा ग्रुप की अलग-अलग कंपनियों के नाम पर अमेरिका, पनामा, नाइजीरिया जैसे देशों में स्थित हैं।

फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंकों से लिया अरबों का कर्ज
गुजरात की स्टलिंग बायोटेक के मालिक संदेसरा बंधुओं नितिन संदेसरा और चेतन संदेसरा फरार हैं और फिलहाल अलवानिया में रह रहे हैं। इन भगोड़े कारोबारियों को वापस लाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। ईडी के मुताबिक संदेसरा ब्रदर्स ने एक रणनीति के तहत बैंकों के कंसोर्टियम के साथ धोखाधड़ी की। इसके लिए उसने अपनी कंपनी के कर्मचारियों के नाम पर देश में 249 और विदेश में 96 मुखौटा कंपनियां बनाई। इन कंपनियों के बीच फर्जी लेन-देन दिखाकर उनका टर्नओवर बढ़ा हुआ दिखा दिया और बैंकों से हजारों से करोड़ रुपये का कर्ज ले लिया। बाद में इन्हीं फर्जी कंपनियों में पैसे घुमाते हुए उसे विदेश स्थित कंपनियों में ले गया और उससे तेल व दूसरे बिजनेस में निवेश कर दिया।

100 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोपी मॉन्टी चड्डा एयरपोर्ट से गिरफ्तार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट कहना है कि आम जनता की गाढ़ी कमाई लूट कर भागने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। मोदी सरकार पार्टी-2 में इस पॉलिसी पर सख्ती से अमल किया जा रहा है। फ्लैट बेचने के नाम पर आम लोगों से कोरोड़ों-अरबों रुपये ठगने वाले शराब और रियल एस्टेट कारोबारी मनप्रीत उर्फ मॉन्टी चड्डा को 12 जून को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि मॉन्टी चड्डा फुकेट भागने की फिराक में था, लेकिन दिल्ली पुलिस की इकॉनोमिक ऑफिस विंग ने मॉन्टी चड्डा को एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया।

आपको बता दें कि मॉन्टी चड्डा के खिलाफ पुलिस को 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत मिली थी। मॉन्टी ने नोएडा और गाजियाबाद में कई रियल एस्टेट कंपनियां बनाकर फ्लैट देने के बदले लोगों से करोड़ों-अरबों रुपये वसूले। पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 8 महीने में फ्लैट देने का वादा करने के बावजूद उन्हें न तो फ्लैट मिला और न ही पैसा। लोगों की शिकायत पर जब पुलिस ने दबाव बनाया तो मॉन्टी चड्डा भारत से फरार होने कि फिराक में था। लेकिन दिल्ली पुलिस ने एयरपोर्ट पर ही उसे दबोच लिया। मोदी सरकार की इस कार्रवाई की सोशल मीडिया पर लोगों ने तारीफ की है।

यह कोई पहला वाकया नहीं है। इससे पहले भी आम जनता और बैंकों का पैसा लूट कर भागने वालों के खिलाफ मोदी सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। मोदी सरकार की सख्ती के चलते ही पिछले कुछ दिनों से भगोड़े कारोबारियों की नींद उड़ी हुई है। 

मोदी 2.0 में भगोड़ों की शामत
• जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल को 25 मई को विदेश भागने से पहले मुंबई एयरपोर्ट पर हवाई जहाज से नीचे उतार लिया गया।

• भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को लंदन की अदालत ने चौथी बार जमानत देने से इनकार किया। अब नीरव मोदी को जल्द भारत लाया जाएगा।

• मोदी सरकार की सक्रियता की वजह से भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के ब्रिटेन से प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो चुका है।

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