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विपक्षी दल कान खोलकर सुन लें, मेरा सबूत 130 करोड़ हिंदुस्तानियों का विश्वास है: प्रधानमंत्री मोदी

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”जब आतंकवादियों ने पुलवामा में हमारे 40 जवानों को मार दिया तो क्या मोदी को भी चुप रह जाना चाहिए था…सो जाना चाहिए था?” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार की शाम गाजियाबाद में कई परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण के साथ एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए जब लोगों से ये सवाल पूछा तो मौजूदा सरकार और सेना के प्रति जनसमर्थन देखते ही बन रहा था। प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकी हमले के बाद हुई एयर स्ट्राइक को लेकर सबूत मांगने वाले विपक्षी दलों से कहा, ”कान खोलकर सुन लें, मेरा सबूत 130 करोड़ हिन्दुस्तानियों का विश्वास है, वही मेरा सबसे बड़ा सबूत है।”

हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती थी रिमोट कंट्रोल सरकार
प्रधानमंत्री ने रैली में मौजूद जनसूमह से पूछा कि जब मुंबई में 26/11 के आतंकी हमले में बड़ी संख्या में लोग मारे गए, जब ट्रेनों में बम फोड़े गए थे, तब दिल्ली में बैठी रिमोट कंट्रोल सरकार ने कुछ किया था क्या? जिस तरह से वो अहमदाबाद, दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में लगातार हो रहे आतंकी हमले के बावजूद हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती थी, क्या वो आपको मंजूर है? प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें देश की अपेक्षा के अनुसार काम करना है क्योंकि अगर पुरानी सरकार की तरह ही काम करने की अपेक्षा होती तो जनता उन्हें चुनकर बिठाती ही क्यों?

बदल चुकी है गाजियाबाद की पहचान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सबको भलीभांति पता है कि पहले जो सरकारें थीं, उनके शासनकाल में गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पहचान किन कारणों से होती थी। आज गाजियाबाद की पहचान तीन ‘C’ से होती है- Connectivity, Cleanliness और Capital. कनेक्टिविटी रेल से हो, मेट्रो ट्रेन से हो, हिंडन एयरपोर्ट से हो या फिर ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे के माध्यम से। वहीं, क्लीनलीनेस यानि स्वच्छता के मामले में वही गाजियाबाद अब देश में 13वें स्थान पर पहुंच गया है, जो दो साल पहले यानि 2017 में 351वें नंबर पर था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इसका क्रेडिट सबसे पहले गाजियाबाद के नागरिकों को जाता है जिन्होंने अभूतपूर्व काम किया है। जबकि कैपिटल के रूप में इस शहर की पहचान अब इसलिए है कि यहां के उद्यमियों की मेहनत और परिश्रम ने इस क्षेत्र को पूरे उत्तर प्रदेश के बिजनेस का हब बना दिया है।

सिर्फ एक घंटे की हो जाएगी दिल्ली से मेरठ की दूरी 
शुक्रवार को गाजियाबाद में जिन प्रोजेक्ट का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया उनमें से एक है रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम यानि RRTS का शिलान्यास जिसके पूरा होने के बाद दिल्ली से मेरठ की दूरी सिर्फ एक घंटे की रह जाएगी। इसके साथ ही  हिंडन एयरवेज के सिविल टर्मिनल के उद्घाटन से गाजियाबाद की कनेक्टिविटी को नया विस्तार मिला है।

 

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