Home नरेंद्र मोदी विशेष पीएम मोदी ने किया आजाद भारत का सबसे बड़ा टैक्स सुधार

पीएम मोदी ने किया आजाद भारत का सबसे बड़ा टैक्स सुधार

4350
SHARE

अंग्रेजों के चंगुल से भारत आजाद तो 15 अगस्त 1947 को ही हो गया, लेकिन इस आजादी का बेजा फायदा उठाने वाले भी सामने आ गए। सर्विस सेक्टर हो या फिर व्यापारिक या औद्योगिक सेक्टर, हर सेक्टर में ऐसे लोग भी पनपते चले गए जो अपनी आय को कम दिखाकर, अपने मनमुताबिक दस्तावेज पेश कर टैक्स के रूप में सरकारी खाते में जमा होने वाली रकम की चोरी करते रहे। साठ वर्षों के अपने शासन में कांग्रेस कभी इस तरह की टैक्स चोरी को लेकर गंभीर नहीं दिखी।

70 वर्षों के बाद आर्थिक आजादी

2014 में केंद्र की सत्ता में आने के साथ ही नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने देश भर में एकसमान टैक्स प्रणाली को लागू करने का संकल्प लिया, जो संकल्प अब Goods & Services Tax यानी GST लागू होने के साथ पूरा होने जा रहा है। आजादी के बाद कर सुधार का ये सबसे बड़ा कार्यक्रम है, ब्रिटिश राज से मुक्त होने के सत्तर साल बाद देश आर्थिक आजादी हासिल कर रहा है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छाशक्ति से संभव हो पाया है।

महंगाई रहेगी नियंत्रित

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भरोसा दिया है कि जीएसटी के साथ महंगाई नियंत्रित रहेगी और इसके जरिए ग्राहकों और व्यापारियों दोनों को आसान कर व्यवस्था का लाभ मिलेगा। अब पूरे देश में आप कोई भी सामान किसी भी राज्य में खरीदें उस पर लगने वाला टैक्स एक ही होगा। जीएसटी लागू होने पर लेनदेन से जुड़े सभी टैक्स के एक मंच पर आने से कर चोरी करना असंभव जैसा होगा।

करों की संरचना से आम लोगों पर कोई बोझ नहीं

जीएसटी काउंसिल ने अलग-अलग उत्पाद और सर्विस के हिसाब से करों की संरचना कुछ इस तरह से तैयार की है जिससे आम लोगों पर किसी भी तरह का कोई बोझ नहीं पड़े, बल्कि कई मायनों में उनके लिए ये राहत लेकर आने वाला है। अब तक जनता के लिए जो उत्पाद हैं उन पर मल्टिपल टैक्स लगता था। VAT, सेल्स टैक्स, एंट्री टैक्स ओर ऑक्ट्रॉय जैसे कई करों की जगह अब सिर्फ एक GST लगेगा इसलिए इसे एक देश, एक कर का नाम भी दिया गया है।  जीएसटी के एक बड़े फायदे को आप इससे समझिए कि इस नई कर प्रणाली के बाद बिजली की दरें महंगी नहीं होंगी क्योंकि जीएसटी काउंसिल ने कोयले को 5 फीसदी GST वाले स्लैब में रखा है।

GST से क्या होगा और अर्थव्यवस्था की रेटिंग से जुड़ी एजेंसियां इसे कैसे देख रही है, आइए इस पर एक सरसरी नजर डालते हैं:

  • जीएसटी लागू होने के बाद टीवी, गाड़ी, फ्रिज समेत लगभग सभी सामान एक ही कीमत पर मुंबई, दिल्ली, पटना और भोपाल समेत देश के तमाम शहरों में उपभोक्ताओं को मिल सकेंगे। कर बचाने के लिए कई कारोबारी अब तक कम टैक्स वाले राज्यों से सामान खरीदकर उसे ज्यादा टैक्स वाले राज्यों में बेचकर कर की चोरी करते रहे हैं। जीएसटी के आने से इस तरह की गलत परंपरा पर लगाम लगेगी।
  • जीएसटी से केंद्र, राज्यों, उद्योगपतियों, निर्माताओं, आम लोगों और समग्र रूप में देश को लाभ होगा। वजह है, इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और टैक्स चुकाने को लेकर अनुपालन सुधरेगा।
  • अभी भी 31 अरब की आबादी में से महज 1.5 प्रतिशत लोग ही आयकर देते हैं, जिनमें सबसे कम संख्या कारोबारियों की है। जीएसटी के बाद टैक्स भरने वाले व्यापारियों में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
  • रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा है कि जीएसटी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक कदम है। मध्यम अवधि के लिए इस कदम से भले ही बहुत असर नहीं पड़े लेकिन लंबी अवधि में निश्चित तौर पर इससे सरकार की लागत भी कम होगी और कर संग्रह भी बढ़ेगा।

GST से भारतीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार

विश्व अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है। अब जीएसटी के साथ अर्थव्यवस्था में नई रफ्तार की उम्मीद है। जीएसटी से नौकरियों के साथ निवेश भी बढ़ने की उम्मीद है। जीएसटी लागू होने का राज्यों को कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि जो कर संग्रह होगा उसका आधा राज्य सरकारों के पास जाएगा तो आधा केंद्र सरकार के पास। तुलनात्मक रूप से केंद्र को ही इसका कम फायदा मिलेगा। आम जनता के लिए फिलहाल सबसे जरूरी ये है कि वो जीएसटी को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान ना दे। देशहित में उठाये गए मौजूदा सरकार के इस कदम का सकारात्मक असर जल्द ही सामने आएगा।

GST का क्रेडिट देशवासियों को

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह चुके हैं कि जीएसटी के लिए वो देश के सभी राजनीतिक दल, राज्य सरकारें, विधानसभा और संसद के आभारी हैं। उनका कहना है कि जीएसटी का क्रेडिट ना उनका है, ना उनकी सरकार का है..ये क्रेडिट अगर किसी को जाता है तो वो हैं सभी देशवासी जिनकी बदौलत हिंदुस्तान आज सबसे तेज गति से बढ़ने वाला देश बन चुका है।

Leave a Reply