Home झूठ का पर्दाफाश LIES AGAINST NAMO : कहां गये 15 लाख रुपये?

LIES AGAINST NAMO : कहां गये 15 लाख रुपये?

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क्या है 15 लाख रुपये का सच? गरीबों के अकाउन्ट में 15-15 लाख रुपये डालने का वादा क्या वाकई नरेंद्र मोदी ने किया था? इसका सच हम आपको नरेंद्र मोदी के भाषण से एक-एक शब्द निकालकर बताने की कोशिश करते हैं।

सच ये है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार से ऐसे वादों को पूरा करने के लिए विपक्ष दबाव डाल रहा है जो कभी किए ही नहीं गये थे। मोदी सरकार से विपक्ष दो बातें पूछता है और उसका दावा है कि नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों बातें वादे के तौर पर की थीं।

विपक्ष के दो दावे

पहला दावा- हर गरीब के अकाउन्ट में 15-15 लाख रुपये
दूसरा दावा- 100 दिन के भीतर काला धन वापस लाना

सच्चाई क्या है? छत्तीसगढ़ के कांकेर में नरेंद्र मोदी ने 15 लाख रुपये और कालाधन के बारे में जो बातें कही थीं उसे हम हू-ब-हू रख रहे हैं।

कालाधन आना चाहिए, उस पर गरीबों का अधिकार- नरेंद्र मोदी

मेरे कांकेर के भाइयों बहनों मुझे बताइए…कि हमारी चोरी किया हुआ पैसा वापस आना चाहिए कि नहीं आना चाहिए?…ये काला धन वापस आना चाहिए, ये चोर लुटेरों से एक-एक रुपया वापस लेना चाहिए..इस रुपयों पर जनता का अधिकार है कि नहीं है?…ये रुपया जनता के काम आना चाहिए …

बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर नरेंद्र मोदी ने कालाधन पर गरीब जनता का हक बताया था और कहा था कि इसका इस्तेमाल जनता के लिए होना चाहिए। इससे आगे नरेंद्र मोदी ने 15 नहीं, 15 से 20 लाख रुपये गरीबों को मिलने की बात कही थी। पता नहीं, क्यों विपक्ष 20 लाख क्यों नहीं कहता, वह 15 लाख ही क्यों कहता है? मगर, अकाउन्ट में डालेंगे ऐसा नरेन्द्र मोदी ने कभी नहीं कहा था। 

विदेश में जमा रकम से हर गरीब को मुफ्त में मिल सकते हैं 15 से 20 लाख रुपये- मोदी

अरे, एक बार ये जो चोर लुटेरों के पैसे विदशी बैंकों में जमा हैं ना, इतने भी हम रुपये ले आएं ना , तो भी हिन्दुस्तान के एक-एक गरीब आदमी को मुफ्त में 15-20 लाख रुपये मिल ही जाएंगे। इतने रुपये हैं…

आप ये बयान देख सकते हैं, मतलब भी समझ सकते हैं। 15-20 लाख रुपये एक-एक गरीब को मिलने की बात है मगर वह कालाधन की विशाल रकम और उसके महत्व को बताने के लिए है। कहीं ये नहीं कहा गया है कि गरीबों के अकाउन्ट में ये रकम दिए जाएंगे।

मोदी ने एक अन्य वक्ता का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कालाधन वापस आ जाए तो रेलवे का विकास जैसे चाहो, वैसे हो सकता है।

“कालाधन की रकम से रेलवे का मनचाहा विकास संभव”

ये हमारे एमपी साहब कह रहे थे रेलवे लाइन…ये कालाधन वापस आ जाए, जहां चाहो वहां रेलवे का विकास कर सकते हो…

नरेंद्र मोदी के इस बयान से ये भी मतलब लगाया जा सकता था कि कालाधन लाकर रेलवे का मनचाहा विकास करेंगे, लेकिन विपक्ष ने इस बयान को हवा नहीं दी क्योंकि इससे उनका मतलब नहीं सध रहा था।  

नरेंद्र मोदी कहते हैं कि एक-एक पाई हिन्दुस्तान लायी जाएगी, गरीबों के काम में लगायी जाएगी। ऐसा कभी नहीं कहा कि गरीबों के अकाउन्ट में डाल दी जाएगी।

ये लूट चलायी है…और बेशर्म होकर कहते हैं…सरकार आप चलाते हो और पूछते हो मोदी को…कि कैसे लाएं…

जिस दिन भारतीय जनता पार्टी को मौका मिलेगा…एक-एक पाई हिन्दुस्तान की वापस लायी जाएगी और हिन्दुस्तान के गरीबों के लिए काम लायी जाएगी।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये कालाधन हिन्दुस्तान के गरीबों का है और गरीबों के लिए काम में लायी जाएगी। गरीबों के लिए काम में लाना और गरीबों के अकाउन्ट में रकम जमा कराना दो अलग-अलग बातें हैं। पर विपक्ष को बस मतलब साधने का मौका चाहिए था और उसने गलत मतलब लोगों को समझाया।

बीजेपी नेता मोदी ने आगे कहा था कि विदेशों में जमा कालाधन पर हिन्दुस्तान के कोटि-कोटि गरीबों का अधिकार है और ये उन्हें मिलना चाहिए। एक बार फिर ‘मिलना चाहिए’ का मतलब ऊपर कहे गये वाक्य से लगाएं तो ‘गरीबों के काम आना चाहिए’ होता है।

ये जनता के पैसे हैं, गरीब के पैसे हैं। हमारा किसान खेत में मजदूरी करता है। उससे निकला हुआ धन है… उस धन पर हिन्दुस्तान का अधिकार है। हिन्दुस्तान के कोटि-कोटि गरीबों का अधिकार है…और उनको ये धन मिलना चाहिए…ये हम संकल्प करते हैं…

आप खुद भी सुन सकते हैं कि मध्यप्रदेश के कांकेर में बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान जनता से कालाधन को लेकर क्या कहा था-


किसी भी देश में मुफ्त में रुपये बांटने की व्यवस्था नहीं होती। कोई अर्थव्यवस्था इस आधार पर चल ही नहीं सकती। यही वजह है कि लोक-कल्याणकारी योजनाओं के जरिए गरीबों को मदद की जाती है। मुफ्त में सुविधाएं देकर उत्पादन के लिए लोगों को प्रेरित किया जाता है ताकि समाज का समग्र विकास हो सके। मोदी सरकार ने बढ़-चढ़ कर लोक-कल्याण की योजनाओं को परवान चढ़ाया है ताकि गरीबों को अधिकाधिक लााभ मिल सके।

  • मोदी सरकार ने हर गरीब को बैंक से जोड़ा है। 28.5 करोड़ जनधन खाते खोले गये हैं। नोटबंदी के दौरान इन खातों में कुल 71,557.90 करोड़ रुपये जमा हुए।
  • प्रधानमंत्री ने बीमा योजनाओं के जरिए गरीबों का जीवन सुरक्षित किया है। महज 330 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का जीवन बीमा का लाभ अब गरीबों को मिलेगा।
  • प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अगर किसी की दुर्घटना में दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो जाती है या पूर्ण विकलांगता की स्थिति बनती है तो क्रमश: 2 लाख और 1 लाख रुपये का बीमा लाभ मिलता है। यह योजना उनके लिए है जिनके पास अपना बैंक खाता है। बदले में महज सालाना 12 रुपये देने होते हैं।
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से लाखों किसानों को फायदा हुआ है। अब 50 फीसदी नहीं 33 फीसदी फसल का नुकसान होने पर भी बीमा मिल रहा है। बुआई नहीं होने पाने या खड़ी फसल बर्बाद होने की स्थिति में भी बीमा योजना का लाभ मिल रहा है। इससे किसानों को बड़ी सुरक्षा मिली है।
  • नौजवानों को उनके पैरों पर खड़े करने के लिए ब्याज के तौर पर सरकार ने मुद्रा योजना के तहत 3.17 लाख करोड़ रुपये बांटे हैं। 7.45 करोड़ छोटे उद्यमियों को इसका फायदा हुआ है।
  • मोदी सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये के फंड के साथ स्टार्ट अप योजना शुरू की। लाखों युवाओं को उनकी योग्यता, इच्छा, रुचि के अनुसार आत्मनिर्भर बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
  • मोदी सरकार बीपीएल परिवारों को मुफ्त में गैस कनेक्शन और फ्री चूल्हे दे रही है। इसके लिए 8 हजार करोड़ रुपये का बजट 3 साल के लिए बनाया गया है। अब तक 2 करोड़ लोगों को इसका लाभ मिला है। हर बीपीएल परिवार को गैस कनेक्शन खरीदने के लिए 1600 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
  • रोज रोजी-रोटी कमाने-खाने वालों को भी फायदा हुआ है। सरकार ने न्यूनतम मजदूराी 42 फीसदी बढ़ा दी है। लाखों मजदूरों को इसका लाभ हुआ है।

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