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जल-थल से लेकर अंतरिक्ष तक तैयार मोदी सरकार, नई एजेंसी DSRO को मिली मंजूरी

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स्पेस वॉर होने पर भारतीयों की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मोदी सरकार ने हाल ही में एक नई एजेंसी डिफेंस स्पेस रिसर्च एजेंसी के गठन को मंजूरी दी है। यह एजेंसी उच्च क्षमता के आधुनिक हथियार और टेक्नॉलजीज विकसित करेगी।

मोदी सरकार ने आर्म्ड फोर्सेज बढ़ाने के लिए दी एजेंसी बनाने को मंजूरी

अमेरिका के बाद अब भारत ने भी स्पेस वॉर को ध्यान में रखते हुए अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत करना शुरू कर दिया है। मोदी सरकार ने स्पेस में जंग की स्थिति में आर्म्ड फोर्सेज की ताकत बढ़ाने के लिए यह नई एजेंसी बनाने को मंजूरी दी है।

स्पेस वॉरफेयर वेपन सिस्टम्स और टेक्नॉलजीज पर काम करेगा DSRO  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा पर कैबिनेट कमिटी (CCS) ने नई एजेंसी गठित करने को मंजूरी दे दी है। DSRO पर स्पेस वॉरफेयर वेपन सिस्टम्स और टेक्नॉलजीज तैयार करने का जिम्मा होगा।आपको बता दें कि भारत ने ऐसे समय में स्पेस वॉर के खतरे पर फोकस किया है।

तीनों सेनाओं के साथ मिलकर काम करेगी एजेंसी

एजेंसी के गठन को लेकर पहले ही उच्च स्तरीय बैठक हुई थी। संयुक्त सचिव स्तर के वैज्ञानिक की लीडरशिप में एजेंसी ने आकार लेना भी शुरू कर दिया है। इस एजेंसी में जो वैज्ञानिक होंगे वो तीनों सेनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर काम करेंगे। एजेंसी में तीनों सेनाओं के सदस्य भी शामिल होंगे। अंतरिक्ष में सैटेलाइट को मार गिराने की क्षमता अभी तक सिर्फ अमेरिका, रूस, चीन और जापान के पास ही थी।

एयर वाइस मार्शल की तरह काम करेगी डिफेंस स्पेस एजेंसी

डिफेंस स्पेस एजेंसी को बेंगलुरु में एक एयर वाइस मार्शल रैंक के अधिकारी के तहत स्थापित किया गया है, जो धीरे-धीरे तीनों सेनाओं की स्पेस से संबंधित क्षमताओं से लैस हो जाएगी। गौरतलब है कि मोदी सरकार ने स्पेस और साइबर वॉरफेयर को हैंडल करने के लिए इन एजेंसियों का गठन किया है। इसके साथ ही एक स्पेशल ऑपरेशंस डिविजन भी बनाया जा रहा है, जिसका मकसद देश के भीतर और बाहर स्पेशल ऑपरेशन में सहयोग करना है।

एंटी-सैटेलाइट मिसाइल के सफल परीक्षण में भी मोदी सरकार को मिली थी कामयाबी

पिछले साल 2018 मार्च में भारत ने एंटी-सैटेलाइट मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। भारत अंतरिक्ष में लाइव सैटेलाइट को मार गिराने की क्षमता रखने वाला चौथा देश बन गया था।

इस अवसर पर राष्ट्र के नाम संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत ने आज अपना नाम अंतरिक्ष महाशक्ति के नाम पर दर्ज करा दिया है। हमने अंतरिक्ष में उपग्रह को मार गिराने की क्षमता हासिल कर ली है। हमारे वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में 300 किमी दूर LEO (Low Earth Orbit ) में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया है जो कि एक पूर्व निर्धारित लक्ष्य था। 3 मिनट में ही सफलतापूर्वक ये ऑपरेशन पूरा किया गया है।

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