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आर्थिक सर्वेक्षण 2019 पेश, आर्थिक वृद्धि दर सात प्रतिशत रहने का अनुमान

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने गुरुवार को राज्यसभा में आर्थिक सर्वे पेश किया। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार विकास दर पिछले वित्त वर्ष से अधिक रहने की उम्मीद है। सर्वेक्षण में वर्ष 2019-20 के लिए वास्तविक आर्थिक वृद्धि दर सात प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। पिछले वित्त वर्ष में जीडीपी की वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत थी। जीडीपी ग्रोथ 7 प्रतिशत रहने का मतलब है कि भारत दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ता रहेगा। इकोनॉमिक सर्वे में कहा गया है कि केंद्र में स्थिर सरकार होने के कारण अर्थव्यवस्था में तेजी को बल मिलने की संभावना है। यह सर्वे मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने तैयार किया है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2025 तक 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए भारत को आठ प्रतिशत की वृद्धि दर बरकरार रखनी होगी।

इकोनॉमिक सर्वे की मुख्य बातें-

  • आर्थिक समीक्षा में भारत को वर्ष 2024-25 तक 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनाने के लिए विकास दर निरंतर 8 प्रतिशत रखने की बात कही गई
  • निवेश और खपत में वृद्धि के कारण 2019-20 में जीडीपी में 7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान
  • सेवा निर्यात 2000-01 के 0.746 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2018-19 में 14.389 लाख करोड़ रुपये हो गया
  • जून 2019 में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 422.2 बिलियन डॉलर का हुआ
  • सेवा, ऑटोमोबिल तथा रसायन में 2015-16 से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की आवक दर ऊंची हुई
  • बड़े तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को ऋण से वृद्धि हुई
  • अच्छी विनिर्माण तथा निर्माण गतिविधि के कारण 2018-19 में औद्योगिक वृद्धि में तेजी आई
  • आर्थिक समीक्षा में कहा गया ‘पिछले 5 वर्ष के दौरान भारत की अर्थव्‍यवस्‍था का प्रदर्शन अच्‍छा रहा’
  • समीक्षा की विषय वस्‍तु ‘निरंतर आर्थिक विकास के उद्देश्‍य से एक उत्‍कृष्‍ट दौर में प्रवेश की अलग शुरूआत’
  • उत्‍कृष्‍ट दौर, बचत, निवेश और निर्यात का होगा, जो जनसांख्यिकी संबंधी योजना के अनुकूल होगा
  • वर्ष 2018-19 में 10.6 मिलियन विदेशी पर्यटक भारत आए जबकि 2017-18 में इनकी संख्‍या 10.4 मिलियन थी
  • आईटी-बीपीएम उद्योग 2017-18 में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 167 अरब अमरीकी डॉलर पर पहुंच गया- इसके 2018-19 में 181 अरब अमरीकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान
  • 2018-19 में सेवा क्षेत्र में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि
  • सेवा क्षेत्र में एफडीआई इक्विटी का प्रवाह 28.26 अरब अमरीकी डॉलर
  • पिछले पांच वर्षों के दौरान सामाजिक सेवाओं पर परिव्यय में जीडीपी के अनुपात के संदर्भ में 1 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई।
  • सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जनसंख्या के बड़े हिस्से को लाभ मिला है, पीएम किसान 2019 के तहत 5 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला है।
  • बैंकिंग सुविधा प्राप्त महिलाओं की संख्या 2005-06 में 15.5 प्रतिशत थी जो 2015-16 में बढ़कर 53 प्रतिशत हो गई है।
  • देश में लोगों की जीवन प्रत्याशा में वृद्धि की संभावना के मद्देनजर आर्थिक समीक्षा में सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का सुझाव
  • समीक्षा में निजी निवेश, रोजगार, निर्यात और मांग के जरिए सतत आर्थिक समृद्धि का माहौल बनाने का सुझाव
  • समीक्षा में अर्थव्यवस्था के व्यवहारिक सिद्धांतों के माध्यम से व्यवहारिक बदलाव लाने का महत्वाकांक्षी एजेंडा पेश
  • दुनिया के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा विस्‍तार कार्यक्रमों को लागू करने वाले देशों में भारत भी शुमार
  • विश्‍व स्‍तर पर भारत पवन ऊर्जा के क्षेत्र में चौथे, सौर ऊर्जा के क्षेत्र में पांचवें और नवीकरणीय ऊर्जा की कुल स्‍थापित क्षमता के मामले में पांचवें पायदान पर
  • कुल विद्युत उत्‍पादन में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्‍सेदारी वर्ष 2014-15 के 6 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2018-19 में 10 प्रतिशत हो गई
  • नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों में अतिरिक्‍त निवेश वर्ष 2022 तक लगभग 80 अरब अमेरिकी डॉलर का होगा, जबकि वर्ष 2023-2030 अवधि के दौरान 250 अरब अमेरिकी डॉलर का होगा
  • छोटे उद्यमों को पोषण और प्रोत्साहन देकर बड़ी कंपनियां बनाना
  • एमएसएमई विकास के लिए नीतियों को नई दिशा देना
  • श्रम कानून संबंधी पाबंदियों को विनियमित करना
  • आर्थिक समीक्षा में देश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक नीतिगत अनिश्चितता को कम करने पर जोर
  • नीतियों के पूर्वानुमान, आर्थिक नीतिगत अनिश्चितता सूचकांक और गुणवत्ता प्रमाणन की तिमाही निगरानी का सुझाव
  • व्यावहारिक अर्थशास्त्र का अनुप्रयोग जन नीतियों और कार्यक्रमों की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है
  • आर्थिक सर्वेक्षण ने नीति आयोग में एक व्यावहारिक अर्थशास्त्र इकाई स्थापित करने की अनुशंसा की, प्रत्येक कार्यक्रम के लिए ‘व्यावहारिक अर्थशास्त्र लेखा’ का प्रस्ताव दिया

वर्ष 2018-19 की आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि सरकार (केन्द्र तथा राज्य) वित्तीय मजबूती और वित्तीय अनुशासन की राह पर है।

प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ भारत
भारत 2018-19 में विश्व की तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है। ऐसा 2017-18 के 7.2 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि से 2018-19 में 6.8 प्रतिशत के मामूली परिवर्तन के बावजूद हुआ है। दूसरी ओर विश्व उत्पादन में 2017 के 3.8 प्रतिशत की तुलना में 2018 में 3.6 प्रतिशत की कमी आई है।

विदेशी निवेश बढ़ा
वर्ष 2018-19 में कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आवक 14.2 प्रतिशत बढ़ा। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने वाले शीर्ष क्षेत्रों में सेवा, ऑटोमोबिल तथा रसायन प्रमुख हैं। कमोबेश 2015-16 से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आवक ऊंची दर से बढ़ी है। यह वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था में विदेशी निवेशकों के विश्वास में सुधार दर्शाती है।

सेवा क्षेत्र में तेजी
अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र सबसे गतिशील रहा और आर्थिक विकास दर में मुख्य भूमिका निभाई है और सकल संवर्धित मूल्य में उसकी बड़ी भागीदारी रही। सेवा क्षेत्र का निर्यात कुल योगदान 2000-01 के 0.746 लाख रुपये से बढ़कर 2018-19 में 14.389 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। यानी कुल निर्यात में इसकी भागीदारी 26.8 प्रतिशत से बढ़कर 38.4 प्रतिशत हो गया।

विनिर्माण और निर्माण गतिविधि में सुधार
2018-19 के दौरान उद्योग में वृद्धि की दर में विनिर्माण और निर्माण गतिविधि में सुधार के बल पर तेजी आई, जिनकी वजह से दो उप क्षेत्रों, ‘खनन और उत्खनन’ तथा ‘बिजली, गैस, जलापूर्ति और अन्य उपयोगिता सेवाओं’ में वृद्धि हुई। वर्ष 2018-19 में विनिर्माण कुल जीवीए 16.4 प्रतिशत के लिए उत्तरदायी रहा, जो ‘कृषि एवं सम्बद्ध’ क्षेत्र से मामूली अधिक है।

वर्ष 2018-19 में विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि दर में तेजी आई हालांकि वित्तीय वर्ष के अंत में इसकी गति में कुछ कमी आई और साल की चौथी तिमाही में इसकी वृद्धि दर 3.1 प्रतिशत रही, जोकि पहली, दूसरी और तीसरी तिमाही में क्रमशः 12.1 प्रतिशत 6.9 प्रतिशत और 6.4 प्रतिशत रही। वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में एनबीएफसी की ओर से कम ऋण दिए जाने के कारण ऑटो सेक्टर में बिक्री में वृद्धि हुई।

निर्माण क्षेत्र में वृद्धि दर अनुमान सीमेंट के उत्पादन और तैयार इस्पात की खपत में वृद्धि का इस्तेमाल कर लगाया जाता है। सीमेंट के उत्पादन और तैयार इस्पात की खपत में 2018-19 में क्रमशः 13.3 प्रतिशत और 7.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई, जो उनकी 2017-18 की वृद्धि दर से अधिक है और 2018-19 में निर्माण क्षेत्र में उच्च वृद्धि को प्रतिबिंबित करती है।

‘वित्तीय, रियल स्टेट और व्यवसायिक सेवा’ क्षेत्र में 2018-19 में 7.4 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई, जो वर्ष 2017-18 में हुई 6.2 प्रतिशत की वृद्धि से अधिक है। यह क्षेत्र अर्थव्यवस्था की समग्र जीवीए के 20 प्रतिशत से अधिक है।

आर्थिक विकास के उपभोग हमेशा ही मजबूत और प्रमुख कारक रहा है। जीडीपी में निजी उपभोग का स्तर उच्च बना हुआ है। आवश्य से लग्जरी, वस्तु से सेवा तक उपभोग के पैटर्न में बदलाव आया है।

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