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इन 9 कदमों से जानिए, बालिका शिक्षा को लेकर मोदी सरकार की प्रतिबद्धता

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लड़कियों की शिक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि जब महिलाएं शिक्षित होंगी, तो पूरा परिवार शिक्षित होगा। पिछले साढ़े तीन वर्षों से अधिक के कार्यकाल में मोदी सरकार ने प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक लड़कियों को प्रोत्साहित करने के लिए तमाम योजनाएं चलाई हैं। लड़कियों के लिए कई छात्रवृत्ति शुरू की गई हैं। मोदी सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का व्यापक असर हुआ है, इससे समाज में लड़कियों के जन्म और उनकी शिक्षा को लेकर सोच में बदलाव आया है। एक नजर डालते हैं लड़कियों की शिक्षा को लेकर उठाए गए कदमों के बारे में-

1.लड़कियों के लिए छात्रवृत्तियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने लड़कियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए कई छात्रवृत्तियां शुरू की हैं। National Scheme of Incentive to Girls के तहत माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को 3,000 रुपये प्रति वर्ष की छात्रवृत्ति दी जाती है। इस योजना के अंतर्गत मई 2017 तक 9.65 लाख छात्राओं को लाभ मिल चुका है। वहीं लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए भी स्कॉलरशिप दी जा रही हैं। AICTE की तरफ से इंजीनियरिंग और फार्मेसी की पढ़ाई करने वाली 40,000 छात्राओं को प्रतिवर्ष 12,400 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। इसके साथ ही कॉलेज में पढ़ने वाली 4,000 लड़कियों को प्रतिवर्ष 5,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जा रही है।

2.लड़कियों के लिए ‘प्रगति’ स्कॉलरशिप
प्रगति छात्रवृत्ति का उद्देश्य लड़कियों को तकनीकी शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके तहत प्रतिवर्ष 4,000 लड़कियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है। इसके तहत 30,000 रुपये तक की ट्यूशन फीस और कोर्स के दौरान 10 महीने तक 2,000 रुपये प्रति महीने दिए जाते हैं। मतलब लड़कियों को तकनीकी शिक्षा के लिए केंद्र सरकार की तरफ से प्रतिवर्ष 50,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता की जाती है।

3.स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप
एकल लड़की को सामाजिक विज्ञान में रिसर्च के लिए मोदी सरकार की तरफ से स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप प्रदान की जा रही है। इस छात्रवृत्ति का उद्देश्य समाज में एकल लड़की को पहचान दिलाना और एकल लड़की की अवधारणा को प्रचारित करना है।

4.उड़ान योजना
उड़ान योजना का मकसद प्रतिभावान छात्राओं को स्कूल से तकनीकी शिक्षा पाने तक के सफर को आसान बनाना है। इसके लिए ऐसी छात्राओं को मार्गदर्शन के साथ ही आर्थिक मदद भी की जाती है। छात्राओं को इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा के लिए तैयारी में मदद की जाती है। इस योजना के तहत प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाली छात्राओं को ऑनलाइन फिजिक्स, कैमिस्ट्री, गणित से जुड़े विषयों के वीडियो, पाठ और टेस्ट कराए जाते हैं। इस योजना के जरिए प्रतिभावान छात्राओं को प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश दिलाया जा रहा है।

5.कस्तूरबा गांधी बाल विद्यालय
कस्तूरबा गांधी आवासीय बाल विद्यालयों में अनुसूचित जाती, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, मुस्लिम समुदाय और बीपीएल परिवारों की लड़कियों को शिक्षा दी जा रही है। इन विद्यालयों में 75 प्रतिशत सीटें एससी,एसटी,ओबीसी और अल्पसंख्यक परिवारों की लड़कियों के लिए आरक्षित होती हैं, जबकि 25 प्रतिशत सीटें गरीबी की रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की छात्राओं के लिए होती हैं। इस समय देश में 3,703 कस्तूरबा गांधी बाल विद्यालय संचालित हैं। मोदी सरकार ने 2017-18 में 94 नए विद्यालय स्थापित करने की मंजूरी दी है।

6.सर्व शिक्षा अभियान
मोदी सरकार सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्राथमिक स्कूलों में लड़कियों की संख्या बढ़ाने, हर वर्ग की बच्चियों को स्कूल तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। इस अभियान के तहत लड़कियों को स्कूलों में ही आत्मनिर्भर बनाने और दूसरे समाजिक पहलुओं के बारे में जागरूक करने का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत लड़कियों को मार्शल आर्ट प्रशिक्षण, झुग्गी बस्तियों में रहने वाली बच्चियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही नाटक के माध्यम से इन बच्चियों को जीवन कौशल की शिक्षा दी जाती है।

7.बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान
बेटियों के प्रति सोच बदलने में मोदी सरकार का यह अभियान काफी कारगर साबित हुआ है। इस अभियान के तहत लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत कम लिंगानुपात वाले 100 जिलों में लड़कियों की शिक्षा को सुदृढ़ बनाने लिए 5 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। इसके तहत हर जिले को 5 लाख रुपये दिए गए हैं। इसमें लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने वाले पांच स्कूलों को पुरस्कृत किया जाता है।

8.सुकन्या समृद्धि योजना
बेटी बचाओ-बेटी बढ़ाओं अभियान के तहत ही लड़कियों की शिक्षा के लिए बचपन से ही पैसा जोड़ने की प्रवृति को बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में इसका ऐलान किया था। इस योजना के तहत बच्चियों के नाम से बैंक में खाता खोला जाता है और उस पर आकर्षक ब्याज दिया जाता है। यह पैसा लड़कियों की शिक्षा और उनके शादी के खर्च में काम आ सकता है। इस योजना के तहत तीन वर्षों में 1.26 करोड़ खाते खोले जा चुके हैं और बच्चियों के नाम से 19,183 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं।

9.शिक्षा में लिंग पूर्वाग्रह को मिटाना
मोदी सरकार ने स्कूलों और उच्च शैक्षणिक संस्थानों में लैंगिक पूर्वाग्रहों यानी लड़कियों को लेकर पूर्वाग्रहों को खत्म करने की दिशा में गंभीर कदम उठाए हैं। स्कूल स्तर पर इसी अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। आईआईटी और दूसरे उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की संख्या को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।

2 COMMENTS

  1. मोदी जी प्रभाव स्वरूप मै नि शुल्क काँलेज खोलना चाहता हूं

  2. Mumbai jaise shahar mai thane district mirroad k schools mi in yojnao ka koi fayda nhi yah to mahine ki fees1100hi aap ki yojna 3000salan de rai hai
    Is logo ne shiksh k naam par loot mcha di hai

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