Home चुनावी हलचल फिर एक बार मोदी सरकार: जानिए 10 कारण

फिर एक बार मोदी सरकार: जानिए 10 कारण

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार रिकॉर्ड सीटों के साथ केंद्र की सत्ता पर काबिज होने जा रही है। इस बार लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी की छवि के आगे विपक्ष के सभी समीकरण ध्वस्त हो गए। इस चुनाव में मोदी के सामने ना गाली चली, ना गठबंधन चला और ना जाति का दांव चला। आइए जानते हैं मोदी सरकार की जोरदार वापसी के 10 कारण…

1. ब्रांड मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस लोकसभा चुनाव में एक ब्रांड के तौर पर उभरे। बीजेपी और एनडीए के सहयोगियों ने मोदी के नाम पर वोट मांगे। प्रधानमंत्री मोदी ने भी चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि आपका हर एक वोट मोदी के खाते में आएगा, लेकिन विपक्ष मतदाताओं को यह बता पाने में विफल रहा कि मोदी नहीं तो कौन?

2. मजबूत-ईनामदार नेता की छवि
प्रधानमंत्री मोदी की छवि देश में एक मजबूत और ईमानदार नेता के रूप में बनी है। लोगों को लगता है कि पीएम मोदी ही एक ऐसे नेता हैं जो नोटबंदी, जीएसटी और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे कड़े फैसले ले सकते हैं। पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह से पाकिस्तान में घुसकर जैश के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया उससे देश में प्रधानमंत्री मोदी की आतंक के खिलाफ कार्रवाई की खूब सराहना हुई। विपक्ष में कोई ऐसा नेता नहीं है जो प्रधानमंत्री मोदी की मजबूत छवि का मुकाबला कर सके। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल विमान सौदे को लेकर प्रधानमंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने की कई बार कोशिश की, लेकिन वो सफल नहीं हो पाए।

3. राष्ट्रवाद
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए ने इस लोकसभा चुनाव में राष्ट्रवाद का नारा दिया। उन्होंने तकरीबन हर रैली में आतंकवाद के खिलाफ एनडीए सरकार के कड़े कदमों का जिक्र किया। सर्जिकल स्ट्राइक और वायुसेना के विंग कमांडर पायलट अभिनंदन की सुरक्षित वापसी ने लोगों में देशभक्ति की भावना भर दी। मसूद अजहर के खिलाफ प्रतिबंध और पाकिस्तान में घूसकर आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई से भी लोगों का एनडीए सरकार के प्रति भरोसा बढ़ा।

4. मजबूत अर्थव्यवस्था
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। पिछले पांच साल में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सहित कई तरह की रैंकिंग में भी सुधार हुआ है। विदेशी निवेशकों का भारत के प्रति भरोसा बढ़ा है और भारत आज निवेश के लिए एक आकर्षक विकल्प बन चुका है।

5. वंशवाद-जातिवाद पर चोट
प्रधानमंत्री मोदी एक गरीब परिवार से देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचे हैं और देश में विकास की बयार बहाकर उन्होंने वंशवाद और जातिवाद की राजनीति पर कड़ा प्रहार किया है। मतदाता भी यह समझने लगे हैं कि देश के विकास और समृद्धि के लिए वंशवाद और जातिवाद की राजनीति का त्याग करना ही पड़ेगा।

6. महंगाई और भ्रष्टाचार पर वार
प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने पिछले पांच साल में महंगाई और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई है। एनडीए सरकार के दौरान महंगाई पूरी तरफ नियंत्रण में रहा, कलाबाजारियों पर नकेल लगा रहा। इस कारण हर बार मतदाताओं को प्रभावित करने वाले दो मुद्दे महंगाई और भ्रष्टाचार इस बार मुद्दा नहीं बन पाया।

7. जय जवान-जय किसान-जय विज्ञान
मोदी सरकार में पिछले पांच साल के दौरान देश की सुरक्षा, किसान और विज्ञान को प्राथमिकता दी गई। जवानों के लिए वन रैंक वन पेंशन लागू की गई, किसानों के लिए किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की गई। इससे तहत किसानों को सालाना छह हजार रुपए दिये जा रहे हैं। विज्ञान और इनोवेशन पर भी जोर दिया गया।

8. सबका साथ-सबका विकास
मोदी सरकार ने पांच साल में सबका साथ-सबका विकास पर जोर दिया। स्वच्छ भारत अभियान के तहत हर घर शौचालय बनवाने की कोशिश की गई। उज्जवला योजना के तहत लाखों लोगों को मुफ्त में गैस सिलेंडर मिला। प्रधान मंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) के तहत हर गांव हर घर तक बिजली की पहुंच सुनिश्चित की गई है।

9. आयकर छूट
मोदी सरकार ने पांच लाख रुपये तक के आय को आयकर से मुक्त कर दिया है। मध्यम आय वाले करदाता काफी दिनों से इसकी मांग कर रहे थे और इस मांग के पूरा होने से वे काफी खुश थे।

10. आयुष्मान भारत
दुनिया में मोदी केयर के नाम से विख्यात इस योजना के तहत देश के 10 करोड़ गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों यानी 50 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये के सालाना चिकित्सा बीमा की सुविधा मिल रही है। अगर उनके परिवार में कोई बीमार पड़ता है तो एक साल में 5 लाख रुपये का खर्च भारत सरकार और इंश्योरेंस कंपनी मिलकर देती है।

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