Home समाचार आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा- प्रधानमंत्री मोदी, दिए पांच सुझाव

आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा- प्रधानमंत्री मोदी, दिए पांच सुझाव

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। जापान के ओसाका में जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर ब्रिक्स नेताओं के साथ बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आतंकवाद सारी मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। यह निर्दोषों की जान तो लेता ही है, आर्थिक प्रगति और सामाजिक स्थिरता पर बहुत बुरा असर भी डालता है। हमें आतंकवाद और जातिवाद को समर्थन और सहायता के सभी रास्ते बंद करने होंगे।’

ब्रिक्स देशों के नेताओं से प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘इस प्रकार के अनौपचारिक विचार-विमर्श से हमें जी-20 के प्रमुख विषयों पर एक-दूसरे के साथ समन्वय का मौका मिलता है। आज मैं तीन प्रमुख चुनौतियों पर ध्यान दूंगा। पहली, विश्व की अर्थव्यवस्था में मंदी और अनिश्चितता। नियमों पर आधारित बहुपक्षीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था पर एक तरफा निर्णय और प्रतिद्वंद्विता हावी हो रहे हैं। दूसरी ओर, संसाधनों की कमी इस तथ्य में झलकती है कि इमर्जिंग मार्केट इकॉनामीज़ के इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के लिए अंदाजन 1.3 ट्रिलियन डालर की कमी है।’

उन्होंने कहा, ‘दूसरी बड़ी चुनौती है विकास और प्रगति को समावेशी और सस्टेनेबल बनाना। तेजी से बदलती हुई टेक्नोलॉजी जैसे कि डिजिटलाइजेशन , और क्लाइमेट चेंज सिर्फ हमारे लिए ही नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए भी चिंता के विषय हैं। विकास तभी सही मायने में विकास है जब वो असमानता घटाए और सशक्तिकरण में योगदान दे। आतंकवाद सारी मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। यह निर्दोषों की जान तो लेता ही है, आर्थिक प्रगति और सामाजिक स्थिरता पर बहुत बुरा असर भी डालता है। हमें आतंकवाद और जातिवादको समर्थन और सहायता के सभी रास्ते बंद करने होंगे।’

ब्रिक्स देशों की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने दिए पांच सुझाव-

1. ब्रिक्स देशों के बीच तालमेल से एकतरफा फैसलों के दुष्परिणामों का निदान कुछ हद तक हो सकता है। हमें रिफॉर्म्ड मल्टीलेटरलिज़्म के लिए अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय और व्यापारिक संस्थाओं तथा संगठनों में आवश्यक सुधार पर ज़ोर देते रहना होगा।

2. निरंतर आर्थिक विकास के लिए आवश्यक ऊर्जा के संसाधन जैसे तेल और गैस कम कीमतों पर लगातार उपलब्ध रहने चाहिए।

3. न्यू डेवलेपमेंट बैंक द्वारा सदस्य देशों के भौतिक और सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर तथा रिन्यूवल एनर्जी कार्यक्रमों में निवेश को और प्राथमिकता मिलनी चाहिए। कोलिशियन फॉर डिजास्टर रेजिनियन इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भारत की पहल अल्प विकसित और विकासशील देशों को प्राकृतिक आपदा का सामना करने के लिए उचित इंफ्रास्ट्रक्चर में सहायक होगी। मैं आपसे इस कोलिशियन में शामिल होने का आह्वान करता हूं।

4. विश्व भर में कुशल कारीगरों का आवागमन आसान होना चाहिए। इससे उन देशों को भी लाभ होगा जहां आबादी का एक बड़ा हिस्सा कामकाज की उम्र पार कर चुका है।

5. मैंने हाल ही में आतंकवाद पर एक ग्लोबल कांफ्रेंस का आह्वान किया है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए ज़रूरी सहमति का अभाव हमें निष्क्रिय नहीं रख सकता। आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष को प्रमुख प्राथमिकताओं में जगह देने के लिए मैं ब्राज़ील की सराहना करता हूं।

 

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