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स्टॉकहोम में भारतीय समुदाय से प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- भारत को ट्रांसफॉर्म करके रहेंगे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीडन के स्टॉकहोम में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार नए भारत के निर्माण के लिए पूरे प्रयास कर रही है। भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा प्रधानमंत्री मोदी ने कि भारतीय होने का गर्व ऐसी भावना है जो हमें एक-दूसरे को जोड़ती है, मुश्किल समय में एक साथ खड़े होने का बल प्रदान करती है। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत में एक ऐसी सरकार है जो भारत की साख के लिए, भारत के स्वाभिमान, भारत को 21वीं सदी में नई ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए दिन-रात एक कर रही है। पिछले चार वर्षों में हमने विकसित और समावेशी भारत के निर्माण के लिए, न्यू इंडिया के निर्माण के लिए भरसक प्रयास किया है जबकि भारत की आजादी के 75 साल होंगे। संकल्प से सिद्धि का प्रण लिया हुआ है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का फोकस इज ऑफ लिविंग पर है। आयुष्मान योजना के जरिए गरीबों को 5 लाख रुपये तक हेल्थ बीमा उपलब्ध कराने की योजना शुरू की है। यह दुनिया की सबसे बड़ी योजना है। हम ट्रांसफॉर्मेशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस ट्रांसफॉर्म इंडिया, न्यू इंडिया के निर्माण के लिए स्वीडन के साथ अपनी मजबूत साझेदारी को भी हम बहुत अहम मानते हैं। स्वीडन में हमारे एंबेसी भले ही एक है, लेकिन हमारे एंबेसेडर एक अकेले नहीं हैं। आप सभी भारत के एंबेसेडर हैं। लेकिन आज मैं यहां आपसे एक आग्रह करना चाहता हूं। आप भारत के साथ सिर्फ इमोशनल कनेक्ट तक सीमित न रहें। आप में से जो इन्नोवेट, ट्रेड और इन्वेस्ट करना चाहते हैं उनके लिए आज उभरते हुए न्यू इंडिया में एक अवसर का भंडार है। न्यू इंडिया आपका इंतजार कर रहा है।

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उन्होंने कहा कि भारत आज बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्रीय सरकार सबका साथ – सबका विकास के जनादेश पर चुनी गयी थी। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में उनकी सरकार ने एक विकसित और समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में कार्य किया है। उन्होंने कहा कि 2022 तक एक नया भारत बनाने के लिये सभी प्रयास किये जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसी पहलों के जरिये ऐसे प्रयास किये जा रहे हैं कि भारत एक बार फिर विश्व के नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरे। उन्होंने कहा कि विश्व भारत की ओर विश्वास के साथ देख रहा है। इस संदर्भ में उन्होंने मानवीय सहायता एवं बचाव प्रयासों, अंतरराष्ट्रीय सौर संगठन और महत्वपूर्ण मंचों की सदस्यता जैसे एमटीसीआर, वाज़ेनर समझौते एवं ऑस्ट्रेलिया समूह की सदस्यता मिलने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विश्व भारत की तकनीकी क्षमता को मान्यता दे रहा है। इसमें अंतरिक्ष कार्यक्रम भी शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डिजिटल संरचना के कारण सरकार और नागरिकों के बीच संबंध का तरीका बदल रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक जवाबदेही और पारदर्शिता ला रही है। उन्होंने कहा कि अब सरकार तक पहुंचना विशेषाधिकार नहीं बल्कि व्यवहार हो गया है। इस संदर्भ में उन्होंने फाइलों के शीघ्र निपटारे, व्यापार करने की सुगमता, जीएसटी, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस की उपलब्धता का जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुद्रा योजना के जरिये उद्यमियों को नये अवसर उपलब्ध हुये हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक मुद्रा योजना के लाभार्थियों में से 74% महिलायें हैं। उन्होंने अटल नवोन्मेष अभियान, स्किल इण्डिया और स्टॉर्ट अप इण्डिया का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत नवाचारों को बढ़ावा देने के लिये अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भी कायम कर रहा है। इस संदर्भ में उन्होंने स्वीडन के साथ नवोन्मेष भागीदारी और इजरायल के साथ भी ऐसी ही एक पहल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जीवन को सरल बनाने पर जोर दे रही है। इस संदर्भ में उन्होंने विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत का जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये कदम भारत में एक व्यापक परिवर्तन की ओर संकेतक हैं। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में स्वीडन एवं अन्य नॉर्डिक देशों के साथ भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण हैं।

प्रधानमंत्री ने वहां उपस्थित लोगों से कहा कि उन्हें भारत के साथ अपने संबंधों को केवल एक भावनात्मक संबंध के रूप में ही सीमित नहीं रहने देना चाहिये। उन्होंने कहा कि उभरता हुआ नया भारत उन्हें नवाचार, व्यापार एवं निवेश के लिये भी अवसर उपलब्ध कराता है।

इसके पहले नॉर्डिक देशों ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्‍थायी सदस्‍यता का समर्थन किया। स्‍वीडन की राजधानी स्‍टॉकहोम में नॉर्डिक सम्‍मेलन के बाद जारी संयुक्‍त वक्‍तव्‍य में कहा गया है कि नॉर्डिक देश मानते हैं कि भारत सुरक्षा परिषद में स्‍थायी सदस्‍यता का सशक्‍त दावेदार है। नॉर्डिक देशों ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह की सदस्‍यता के लिए भारत के आवेदन का भी स्‍वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी और नॉर्डिक देशों के प्रधानमंत्रियों ने समावेशी वृद्धि और सतत विकास का लक्ष्‍य हासिल करने के लिए मुक्‍त व्‍यापार के महत्‍व पर जोर दिया।

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