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प्रधानमंत्री मोदी का सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद, सभी से की बीमा कवर लेने की अपील

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सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद करने के सिलसिले के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों से बीतचीत की। नरेंद्र मोदी एप के माध्यम से बातचीत के दौरान श्री मोदी ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की अहमियत के बारे में बताया। उन्होंने कहा, “जीवन अनिश्चितिताओं से भरा है, अगले पल जीवन में क्या होने वाला है, किसी को इसका अंदाजा नहीं है। इसलिए जन सुरक्षा योजनाएं जीवन की अनिश्चितिताओं और कठिन परिस्थितियों से जूझने की हिम्मत देती हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 में देश का सामान्य जन सामाजिक सुरक्षा से वंचित था। आज प्रधानमंमत्री जन धन योजना के तहत लाइफ कवर और रुपे कार्ड के माध्यम से बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ-साथ जन सुरक्षा योजना के तहत दो बीमा और एक पेंशन योजना शुरू की गई हैं। 2014 में जहां सरकार की बीमा योजना के तहत सिर्फ 4.80 करोड़ ग्राहक थे। आज ये संख्या दस गुना से ज्यादा बढ़ गई है और करीब 50 करोड़ सबस्क्राइबर हो चुके हैं।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में बताया
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेशन योजना और प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पीएम सुरक्षा बीमा योजना के तहत 12 रुपये सालाना यानी 1 रुपये प्रति महीने के मामूली प्रीमियम पर 2 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा मिलता है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 330 रुपये सालाना के प्रीमियम पर दो लाख रुपये का जीवन बीमा मिलता है। वहीं अटल पेंशन योजना के तहत साठ वर्ष की आयु होने पर एक निश्चित पेंशन राशि मिलती है। वरिष्ठ नगरिकों के लिए पिछले वर्ष शुरू की गई प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत साठ वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को निवेश की राशि पर दस वर्ष तक निश्चित 8 प्रतिशत ब्याज दर पर रिटर्न मिलता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “सरकार में आने बाद से ही तीन बातों पर जोर दिया गया। बैंकिंग सुविधा से वंचित लोगों तक बैंक की सुविधा पहुंचाना, छोटे व्यापारियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना और वित्तीय रूप से असुरक्षित लोगों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना।” प्रधानमंत्री ने विश्वबैंक की फिनटैक्स रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री जन धन योजना एक सफल फाइनेशियल इन्क्लूजन प्रोग्राम रहा है। इसमें तीन साल में 28 करोड बैंक खाते खोले गए। ये संख्या इस अवधि के दौरान पूरे विश्व में खोले गए खातों का 50 प्रतिशत से अधिक है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि भारत में बैंक खाते रखने वालों की संख्या 2014 में करीब 50-52 प्रतिशत थी, वो इन तीन सालों में 80 प्रतिशत को पार कर चुकी है और विशेष रूप से महिलाओं के बैंक खातों में बढ़ोतरी हुई।

संकट के समय मददगार बनीं बीमा योजनाएं
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर में तमाम राज्यों में मौजूद लोगों के अनुभव भी सुने। छत्तीसगढ़ के रायपुर की मीरा बांदे ने बताया कि 2015 में उनके पति ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा लिया था, फरवरी 2016 में उनके पति की हार्टअटैक से मृत्यु हो गई और दो महीने के भीतर ही उन्हें बैंक से 2 लाख रुपये की बीमा रकम मिल गई, जिससे उन्हें काफी मदद मिली। तेलंगना की विजया नाम की महिला ने बताया कि उनके पति की एक्सीडेंट में मौत के बाद 20 दिन में ही उन्हें बीमा के 2 लाख रुपये मिल गए। तेलंगाना की ही बेरीबाई ने बताया कि उनके बेटे की हादसे में मृत्यु होने पर दोनो बीमा योजनाओं से 4 लाख रुपये बैंक से मिले। हरियाणा के सिरसा के किसान संदीप सिंह ने बताया कि उन्हें खेत में बैल ने घायल कर दिया था, जिसमें उनकी एक आंख चली गई थी और पीएम सुरक्षा बीमा से उन्हें एक लाख रुपये मिले, जिससे इलाज में काफी मदद मिली। इसी प्रकार उड़ीसा, हिमाचल प्रदेश के लोगों ने भी अपने अनुभाव साझा किए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में करीब 13 करोड़ लोगों ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना को अपनाया है। इसी प्रकार 5.5 करोड़ से अधिक लोगों ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा लिया है। सरकार ने दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित, गरीब को एक रुपये में बीमा उपलब्ध कराया है।

बुजुर्गों ने की प्रधानमंत्री वय वंदना योजना की तारीफ
त्रिपुरा के अगरतला में मौजूद बुजुर्गों ने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना की काफी तारीफ की। विजयेंद्र दास ने बताया कि उन्होंने रिटायरमेंट के बाद 2017 में इस योजना में 7.5 लाख रुपये निवेश किए थे, और उन्हें हर महीने 5 हजार रुपये मिलते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई इस योजना के तहत बुजुर्ग 15 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं। अभी तक देश में 3 लाख से अधिक लोग इसका लाभ ले रहे हैं। पीएम मोदी ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए चलाई जा रही दूसरी योजनाओं जैसे जन औषधि योजना, स्टेंट की कीमत कम करना, घुटना प्रत्यारोपण की कीमत में कमी करने के बारे में भी बताया। श्री मोदी ने कहा कि पहले वरिष्ठ नागरिकों को अपने जीवित होने का खुद जाकर प्रमाण देना पड़ता था, लेकिन अब इसे भी सरल बनाते हुए life cetificate की व्यवस्था शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि देश के वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न सुविधाएं सरल और सहज रूप में उपलब्ध हो, उनके आस पास ही उपलब्ध हों ताकि उन्हें ज्यादा भाग-दौड़ न करनी पड़े।

अटल पेंशन योजना से जुड़े करीब 1 करोड़ लोग
मध्यप्रदेश के होशंगाबाद में मौजूद लोगों ने अटल पेंशन योजना को लेकर अपने अनुभव प्रधानमंत्री से साझा किए। संवाद के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि यह अच्छी बात है कि देश के लोग भविष्य में आर्थिक स्थित को लेकर जागरुक हैं। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था में किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़े और पेंशन के रूप में निश्चित राशि मिलती रहे इसके लिए सरकार ने अटल पेंशन योजना शुरू की। अब तक करीब 1 करोड़ लोग इस योजना का लाभ ले रहे हैं, जिनमें 40 प्रतिशत महिलाएं हैं। इस योजना में अब तक करीब 4,000 करोड़ की रकम जमा की जा चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार गरीबों के प्रति संवेदनशील है और उनके कल्याण को महत्व देती है, उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री ने देश के लोगों से बीमा योजनाओं का लाभ लेने का आग्रह किया और आसपास के लोगों को इन योजनाओं के बारे में जानकारी देने का अनुरोध किया।

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