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प्रधानमंत्री मोदी की योजनाएं जिसने बदल दी ग्रामीण भारत की तस्वीर

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने सुधारवादी और परिवर्तनकारी कदमों के साथ ऐसी कई योजनाएं शुरू की हैं जो ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने वाली साबित हो रही है। आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना, सभी के लिए एलईडी बल्ब वाली उन्नत ज्योति योजना, मिशन इंद्रप्रस्थ जैसी प्रमुख योजनाएं गरीबों, वंचितों और आम लोगों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान में अहम भूमिका निभा रही हैं। आइए एक नजर डालते हैं मोदी सरकार की ऐसी की कुछ योजनाओं पर… 

आयुष्मान भारत योजना
आयुष्मान भारत योजना अफॉर्डेबल हेल्थकेयर के क्षेत्र में सबसे क्रांतिकारी कदम है। दुनिया में मोदी केयर के नाम से विख्यात इस योजना के तहत देश के 10 करोड़ गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों यानी 50 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये के सालाना चिकित्सा बीमा की सुविधा मिल रही है। अगर उनके परिवार में कोई बीमार पड़ा तो एक साल में 5 लाख रुपये का खर्च भारत सरकार और इंश्योरेंस कंपनी मिलकर देती है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 40.93 लाख से अधिक मरीज लाभान्वित हो चुके हैं और 9.74 करोड़ से अधिक ई-कार्ड्स वितरित किए गए हैं। बीमार लोगों के इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत देशभर में 15,968 अस्पतालों को शामिल किया गया है और लोग इसका फायदा उठा रहे हैं।

जन धन योजना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन से देश में पहली बार उन गरीबों का बैंक खाता खुला जिन्होंने बैंक का कभी मुंह तक नहीं देखा था। इस योजना के तहत न सिर्फ 36 करोड़ 79 लाख से ज्यादा गरीबों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया, बल्कि 102,415 करोड़ रुपये से अधिक की राशि इन जनधन खातों में जमा है। सरकारी स्कीमों के पैसे इनमें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से पहुंच रहे हैं जिससे लाभार्थियों के पैसे में होने वाले भ्रष्टाचार पर लगाम लग गई है।

जीवन ज्योति बीमा योजना और सुरक्षा बीमा योजना
यह सरकार के सहयोग से चलने वाली जीवन बीमा योजना है। इसमें 18 साल से 50 साल तक के भारतीय नागरिक को 2 लाख रुपये का बीमा कवर सिर्फ 330 रुपये के सलाना प्रीमियम पर उपलब्‍ध है। इस योजना के तहत अब तक 5 करोड़ 98 लाख लोग पंजीकरण करा चुके हैं।

उज्ज्वला योजना
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना महिला सशक्तीकरण की दिशा में सबसे बड़ा प्रत्यक्ष उदाहरण बना है। 1 मई 2016 को योजना शुरू होने के बाद से अब तक 8 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को गैस कनेक्शन दिये जा चुके हैं। उज्ज्वला योजना ने ग्रामीण और गरीब महिलाओं के जीवन के प्रति नजरिये को सकारात्मक रूप से बदलने का काम किया है।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ 
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ (BBBP) योजना की रूपरेखा गिरते शिशु लिंगानुपात के समाधान के लिए बनाई गई। इस योजना के बाद लिंगानुपात में बढ़ोतरी देखी गई है। इस योजना से कुछ अन्य उपलब्धियां भी हासिल हुईं हैं, जिनमें बालिकाओं के स्कूल ड्रॉपआउट में गिरावट, 100 प्रतिशत संस्थागत प्रसव, हर गांव में गुड्डा-गुड़िया बोर्ड का गठन, लड़कियों/महिलाओं की सुरक्षा एवं स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालयों की व्यवस्था भी शामिल है।

सुकन्या समृद्धि योजना
बेटियों की पढ़ाई और उसकी शादी को लेकर पैसे से जुड़े अभिभावक के तनाव को दूर करने के लिए मोदी सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की। इस योजना के अंतर्गत आपको बैंक या पोस्ट ऑफिस में बेटी के नाम से खाते खुलवाने होते हैं। इस खाते की मैच्‍योरिटी खाता खोलने की तिथि से 21 वर्ष या फिर बेटी की शादी की तारीख जो भी पहले आ जाए वह होती है। खाते में शुरुआती जमा राशि महज 250 रुपये है जबकि एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक जमा किये जा सकते हैं। इस जमा पर 9.2 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है साथ ही इनकम टैक्स की भी छूट है।

स्वच्छ भारत अभियान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुआ स्वच्छ भारत अभियान स्वतंत्र भारत का बहुत बड़ा जन आंदोलन बन चुका है। शौचालयों की सुविधा को लेकर चली आ रही विसंगति खत्म हो रही है। देश में स्वच्छता का दायरा अब तक 90 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है।

प्रधानमंत्री आवास योजना
सभी देशवासियों के अपने घर का सपना पूरा हो इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 तक सबको घर देने का वादा किया। यह योजना पूरे मिशन मोड में चल रही है। सरकार लोगों को सस्ते घर बनवाकर भी दे रही है और सस्ते ब्याज पर लोन देकर घर खरीदने में भी लोगों की मदद को कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना की रफ्तार देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि यह योजना अपने तय समय से पहले ही पूरी हो जाएगी।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना
इस योजना के तहत 2022 तक हर गांव को सड़क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था। रफ्तार की तेजी देखकर अब इस लक्ष्य की समयसीमा 2019 तक की कर दी गई है।

मुद्रा योजना
इस योजना ने छोटे और मझोले कारोबारियों की दुनिया रोशन कर दी है। देश में रोजगार के मायने बदलने वाली मुद्रा योजना के लगभग 70 प्रतिशत लाभार्थी दलित-पिछड़े और आदिवासी हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई मुद्रा योजना के कारण युवा जॉब सीकर की जगह जॉब क्रिएटर बन रहे हैं। इस योजना के तहत वर्ष 2015-16 से अब तक अपना कारोबार शुरू करने के लिए 17 करोड़ से ज्यादा लोगों को बिना गारंटी का ऋण दिया गया है। इस योजना के लाभार्थियों में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं, यानि महिलाओं की आर्थिक उन्नति में भी यह योजना क्रांतिकारी साबित हुई है। 

स्टैंड अप इंडिया
मौजूदा सरकार का जोर देश के दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले दलित-पिछड़े तबके के लोगों को स्वरोजगार के लिए भी प्रोत्साहित करने पर है। स्टैंड अप इंडिया कार्यक्रम इसी मकसद से शुरू किया जिसमें ये तय किया गया कि इस योजना के माध्यम से हर बैंक ब्रांच कम से कम एक अनुसूचित जाति या जनजाति के व्यक्ति को कर्ज जरूर देगी। इस योजना के तहत 10 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक के लोन मुहैया कराये जाते हैं।   

स्टार्ट अप इंडिया
प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास से भारत स्टार्टअप के मामले में अमेरिका और ब्रिटेन के बाद दुनिया में तीसरे नंबर पर पहुंच चुका है। स्टार्टअप पर नई नीति लागू होने के बाद देश में हजारों करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। बड़ी बात यह है कि इसमें महिलाओं की भी जबरदस्त भागीदारी है। इससे 2020 तक लाखों रोजगार मिलने का अनुमान है। क्योंकि अब नौकरी का मतलब आत्मनिर्भर होना है। 10 हजार करोड़ रुपये के कोष से खड़ा हुआ स्टार्टअप अब लोगों को आत्मनिर्भर बना रहा है।

मिशन इंद्रधनुष
मिशन इंद्रधनुष के तहत सरकार देश के उन इलाकों तक टीकाकरण अभियान को पहुंचा रही है, जहां पहले से चले आ रहे टीकाकरण अभियानों की पहुंच नहीं थी। इस वजह से लाखों बच्चे और गर्भवती महिलाएं टीकाकरण से छूट जाते थे।  पहले सरकार का लक्ष्य 2020 तक देश में पूर्ण टीकाकरण कवरेज को हासिल करना था अब इसे 2018 तक हासिल करने के लिए मिशन इंद्रधनुष के साथ ही ‘इंटेन्सिफाइड मिशन इंद्रधनुष’ की शुरुआत की गई है। 

‘प्रधानमंत्री जन-औषधि योजना’
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (2017) के तहत खोले गए प्रधानमंत्री जन-औषधि केंद्र के माध्यम से मामूली कीमतों पर जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध हो रही हैं। गरीबों को सस्ती और सुलभ दवाएं सुनिश्चित करना इस सरकार की प्राथमिकता में रही है। जन औषधि स्टोर से गरीबों के लिए सस्ती दवाओं के साथ उन्हें मुफ्त जांच करवाने की सुविधा भी दी जा रही है। गौर करने वाली बात है कि ह्रदय रोग के मरीजों की सहायता के लिए स्टेंट की कीमतों में 85% तक की कटौती भी की जा चुकी है।

दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2015 को लालकिले से देश के उन 18 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाने का एलान किया था जहां स्वतंत्रता के इतने वर्षों बाद भी बिजली नहीं पहुंची थी। समय से पहले ही इस लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है

प्रधानमंत्री सहज हर घर बिजली योजना
इस योजना से पिछले 70 सालों से बिजली देने को लेकर चली आ रही असमानता खत्म हो रही है। धानमंत्री सहज हर घर बिजली योजना के अंतर्गत घरों में मुफ्त में बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री सहज हर घर बिजली योजना यानी सौभाग्य के साथ ही देश के शत प्रतिशत घरों में बिजली पहुंच जाएगी जिससे देश भर में करीब 10.5 अरब डॉलर किलोवाट बिजली की बचत होगी।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
इस योजना ने खेती को लेकर देश के किसानों की राय बदल दी। साल 2022 तक देश के किसानों की आय दोगुनी करने के मोदी सरकार के संकल्प में यह योजना मददगार साबित होगी।इस योजना के तहत किसान अपनी फसल का बीमा करवा सकते हैं। यदि मौसम के प्रकोप से या किसी अन्‍य कारण से फसल को नुकसान पहुंचता है तो यह योजना किसानों की मदद करती है। अब तक 14 करोड़ 24 लाख किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत पंजीकरण करा चुके हैं।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
इस योजना के तहत हर खेत में पानी पहुंचाने का प्रयास चल रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जुलाई 2015 में लॉन्च की गई थी और लक्ष्य रखा गया था कि बरसों से अटकी हुई देश की 99 सिंचाई परियोजनाओं को 2019 तक पूरा कर लिया। इस योजना की प्रगति भी तय लक्ष्य के दायरे में है।

Soil Health card
इस योजना से देश के किसानों की तरक्की के लिए मोदी सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर होती है। देश की कृषि को नई शक्ति दी है Soil Health Card ने। फरवरी 2015 में शुरू की गई इस योजना में 21 करोड़ से ज्यादा किसानों को यह कार्ड दिए जा चुके हैं।  

E-NAM योजना
किसानों को उनकी फसल की उचित कीमत मिले, उन्हें फसल बेचने में आसानी हो, इसे ध्यान में रखते हुए E-नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट योजना (E-NAM योजना) अप्रैल 2016 में शुरू की गई थी। इस योजना के तहत सरकार ने देश की 580 से ज्यादा मंडियों को ऑनलाइन जोड़ने का काम किया जा रहा है। 1.68 करोड़ किसान इसके लिए पंजीकरण करा चुके हैं।  

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