Home नरेंद्र मोदी विशेष प्रधानमंत्री मोदी से नफरत करती है राहुल गांधी की कांग्रेस

प्रधानमंत्री मोदी से नफरत करती है राहुल गांधी की कांग्रेस

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ओड़िशा के दौरे पर राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी पर नफरत का जहर उगला है। संसद के जरिए देश को अपने विचारों को न समझा पाने की मजबूरी की बौखलाहट में गले लगने वाले राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी पर हमेशा नफरत की आग उगलते हैं। राहुल गांधी भरी जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी को चोर, सैनिकों के खून का दलाल जैसी न जाने कितनी ही गालियां दे चुके हैं। लेकिन राहुल गांधी ने आज फिर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी नफरत से भरे हैं। यह समझना जरूरी है कि आखिर उल्टा चोर कोतवाल को क्यों डांट रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेसी संस्कृति को बेनकाब किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही एकमात्र ऐसे राजनीतिक व्यक्ति हैं, जिनको कांग्रेस की संस्कृति से जबरदस्त क्षोभ है। यह एक ऐसी संस्कृति है जो देश में भ्रष्टाचार, भाई भतीजावाद और अनुशासनहीनता पैदा करती है। इस संस्कृति का ही परिणाम है कि देश को पिछले सत्तर सालों में जितना विकास करना चाहिए था उतना नहीं कर सका है। प्रधानमंत्री मोदी ने पांच सालों में देशवासियों के सामने उदाहरण पेश कर के बता दिया है कि अगर कांग्रेस की नीयत और नीति सही होती तो देश के सामने बेरोजगारी, माओवाद, आतंकवाद, जम्मू कश्मीर, किसानों की आत्महत्या जैसी तमाम समास्याएं नहीं होतीं। प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह कांग्रेस की सब चलता है कि संस्कृति को बेनकाब करके बता दिया है कि इसी तंत्र और इन्हीं अधिकारियों से देश में बदलाब किया जा सकता है, उससे कांग्रेस गुस्से से भरी हुई है। इसलिए राहुल गांधी को जब भी मौका मिलता है वह प्रधानमंत्री मोदी को कोसने या गाली देने से पीछे नहीं हटते हैं। राहुल गांधी ही नहीं कांग्रेस का हर बड़ा- छोटा नेता प्रधानमंत्री मोदी के साथ वैसा ही व्यवहार करता है, जैसा किसी दुश्मन के साथ किया जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने गांधी परिवार के भ्रष्टाचार को बेनकाब किया

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस की भ्रष्ट संस्कृति के उदगम स्रोत गांधी परिवार के काले कारनामों को भी जनता के सामने बेनकाब कर दिया है। राहुल गांधी और कांग्रेस का गुस्सा होना स्वाभाविक है, क्योंकि यह परिवार आजादी के बाद से अपने को राजपरिवार से कम नहीं समझता था और देश की संपत्ति को अपने परिवार की जागीर समझता था। नेशनल हेराल्ड में जिस तरह से सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने पूरे देश में पांच हजार करोड़ रुपये की जमीन हड़पने के लिए फर्जी कंपनी बनायी और फर्जी तरीके से अपनी ही पार्टी के कोष से लोन ले लिया वह किसी के सामने न आता यदि नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री न होते। यही नहीं प्रियंका वाड्रा के पति ने जिस तरह से राजस्थान और हरियाणा में सरकारों के साथ मिलकर किसानों की जमीनों को सस्ते दामों में खरीद कर बड़े-बड़े बिल्डरों को सैकड़ों गुना के मुनाफे पर बेच दिया वह भी देश के सामने न आता यदि नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री न होते।

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस के काम करने के तरीके को बेनकाब किया

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पांच साल के कार्यों और निर्णय लेने की क्षमता और साहस से देशवासियों के सामने यह उदाहरण पेश कर दिया है कि कांग्रेस के काम करने के तरीके और निर्णय लेने की क्षमता और साहस देश के लिए नुकसानदेह साबित हुए हैं। कांग्रेस जिस तरह से निर्णय लेती है और काम करती है, उससे देश के गरीबों को एलपीजी कन्केशन मिलने, घर मिलने, स्वच्छ वातावरण मिलने, चौबीसों घंटे हर गांव हर घर में बिजली मिलने में कम से कम 80 से 100 साल लग जाते। आज राहुल गांधी को परेशानी और गुस्सा इस बात का है कि कांग्रेस जैसी पुरानी पार्टी को एक राज्य के मुख्यमंत्री ने पांच साल में ही नंगा कर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आप को देशभक्त साबित किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले पांच साल में जिस तरह से आम जनता के साथ संवाद किया है और देश की हर संस्कृति और भावना का सम्मान किया है, वैसा कांग्रेस या गांधी परिवार से कभी देश को नहीं मिला। प्रधानमंत्री मोदी ऐसा इसलिए कर सके क्योंकि वह बनावटी नहीं हैं। वह जो भी करते हैं उसकी आवाज दिल से आती है, उन्हें देखकर यह पता भी चल जाता है। वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी का हर काम, हर बात चुनावी राजनीति से प्रेरित होती है, जहां राहुल गांधी सत्ता के लिए संघर्ष करते हुए दिखाई देते हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रधानमंत्री मोदी को गाली दे सकते हैं, लेकिन उनके कद की बराबरी नहीं कर सकते हैं। जब व्यक्ति यह मान लेता है कि वह अपने विरोधी की बराबरी नहीं कर सकता है तो वह उसके साथ गाली- गलौज करने लगता है। आजकल कांग्रेस और राहुल गांधी की ऐसी ही मनोदशा है

 

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