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अव्वल टैक्सपेयर बनिए पीएम मोदी के संग ‘चाय पर चर्चा’ का मौका पाइए

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के एक ऐसे प्रधानमंत्री है जो भलीभांति जानते हैं कि किसको क्या और कब देना है और किससे कब और कैसे लेना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आय कर कलेक्शन बढ़ाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए एक नायाब योजना की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टैक्सपेयर्स को चाय पर बुलाकर उनके साथ चर्चा करने की योजना शुरू की है। इस योजना के तहत आयकर चुकाने में अव्वल रहने वाले करदाताओं को चाय पर चर्चा करने के लिए निमंत्रित करने की योजना शुरू की गई है। असल में देश के विकास को और गति देने के लिए सरकार के सामने टैक्स कलेक्शन बढ़ाने का लक्ष्य है।

टैक्सपेयर को चाय पर बुलाने की नई योजना
सरकार के टैक्स कलेक्शन बढ़ाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मोदी सरकार ने एक नई योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत जो सबसे अधिक आयकर का भुगतान करेगा उन करदाताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चाय पर आमंत्रित किया जाएगा। माना जाता है कि यह एक प्रोत्साहित करने वाली योजना है। इस योजना से टैक्सपेयर प्रोत्साहित होकर अधिक टैक्स का भुगतान करेंगे।

टैक्स सिस्टम को प्रगतिशील बनाने की योजना
मोदी सरकार की योजना का लक्ष्य हमेशा दूरगामी रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की शुरुआत कर दूर का लक्ष्य साधने का प्रयास किया है। माना जाता है कि इस बहाने टैक्सपेयर्स से मिलकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी टैक्स सिस्टम को और कैसे प्रगतिशील बनाया जा सके इस पर चर्चा भी कर लेंगे। पीएम मोदी का लक्ष्य असल में टैक्स सिस्टम को प्रगतिशील बनाने की योजना तैयार करना है। करदाताओं को चाय पर आमंत्रित करने की योजना बिल्कुल नई है।

कर संग्रह में अव्वल रही है मोदी सरकार
वैसे भी अपनी कार्य योजना और कार्यशैली से मोदी सरकार कर संग्रह में हमेशा अव्वल रही है। मोदी सरकार जिस प्रकार कर की संरचना की है उससे देश में करदाताओं की संख्या में अच्छी खासी बढ़ोत्तरी हुई। करदाताओं की संख्या बढ़ने की वजह से ही कर संग्रह में भी वृद्धि हुई है। इसी के तहत मोदी सरकार के पार्ट-2 को भी कर के फ्रंट पर अच्छी खबर मिली है। मही महीने में ही जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। पिछले साल मई महीने में जहां करीब 94 हजार करोड़ की वसूली हुई थी वहीं इस साल यह बढ़कर एक लाख करोड़ के पार पहुंच गया है। जबकि अप्रैल 2019 में में इससे भी ज्यादा करीब 1,13,865 करोड़ की वसूली हुई थी। पिछले साल यानि 2018 में हुई जीएसटी वसूली से इस साल मासिक वसूली करीब 2.21 प्रतिशत अधिक रही है।

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