Home समाचार चाबहार से जुड़ने पर विश्व व्यापार का ‘अंगद’ बनेगा कांडला पोर्ट-प्रधानमंत्री

चाबहार से जुड़ने पर विश्व व्यापार का ‘अंगद’ बनेगा कांडला पोर्ट-प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुजरात दौरा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को गुजरात के दो दिन के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने कांडला पोर्ट ट्रस्ट पर कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस मौके पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांडला पोर्ट का सीधा संपर्क ईरान के चाबहार पोर्ट से जुड़ेगा जिससे भारत ही नहीं विश्व व्यापार में कंडला अंगद की तरह अपना पैर जमाने वाला है। उन्होंने कहा कि आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था में अगर भारत को लाभ उठाना है तो भारत के पास अच्छे बंदरगाहों का होना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर बाबा साहब डॉ भीम राव अंबेडकर कन्वेंशन सेंटर और जनरल बर्थ 14 और 16 की आधारशिला भी रखी।

गुजरात पहुंचने पर पीएम का जोरदार स्वागत हुआ। कांडला में उन्होंने रोड शो किया जहां सैक‍ड़ों की तादाद में लोग सड़क के किनारे पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए मौजूद थे। पीएम ने भी समर्थकों को निराश नहीं किया और अपने अंदाज में कार से बाहर निकलकर उनका अभिवादन किया।

मिनी इंडिया है कांडला पोर्ट
प्रधानमंत्री ने कांडला को लघुभारत बताते हुए कहा कि ड्राई और लिक्विड दोनों तरह के कार्गो को बंदरगाह ने सही वक्त पर पहुंचाया है। लेकिन ट्रांसपोर्टेशन ट्रैफिक को गतिशील बनाकर टर्न अराउंड टाइम को ठीक करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि टर्न अराउंड टाइम से दुनिया में क्रेडिबिलिटी बनती है।

ट्रिपल ‘E’ से मिलेंगे बड़े परिणाम
प्रधानमंत्री ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, एफिसिएंसी और ट्रांसपेरेंसी के जरिये बड़े परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। बदलते युग में पोर्ट सिटी के इकोनॉमिकल एक्टिविटी की एक व्यवस्था उस दिशा में भी योजना बन रही है। प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि कांडला में एक हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स आ रहे हैं जो न सिर्फ गुजरात का विकास करेंगे बल्कि इससे पूरे भारत का विकास होगा।

कच्छ में मैग्नेट जैसा आकर्षण
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2001 में विनाशकारी भूकंप और उससे पहले भयंकर चक्रवात की चपेट में बर्बाद हो चुका कच्छ आज हिंदुस्तान में सबसे तेज गति से बढ़ने वाला जिला है। उन्होंने कहा कि कच्छ की धरती में एक ताकत है जो न सिर्फ हिंदुस्तान को बल्कि दुनिया को मैग्नेट की तरह आकर्षित करती है।

अतीत पर गर्व करे गुजरात
प्रधानमंत्री ने हड़प्पा और मोहनजोदड़ो काल को याद करते हुए कहा कि आज से पांच हजार साल पहले भी गुजरात का लोथल बंदरगाह दुनिया से जुड़ने का माध्यम था और लोथल बंदरगाह पर 84 देशों के झंडे लहराते थे। उन्होंने कहा कि गुजरात का वल्लभी विश्वविद्यालय दुनिया में अपनी तरह का अनूठा था।

न्यू इंडिया के लिए लें सकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2022 में भाारत की आजादी के 75 साल हो रहे हैं, इस मौके पर हम संकल्प लें कि हम न्यू इंडिया के निर्माण में कुछ न कुछ योगदान जरूर करेंगे। उन्होंने कहा कि यही हमारे उन वीर सपूतों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी जिन्होंने हमारी आजादी के लिए अपनी जिंदगी खपा दी।

2022 तक हर गरीब को घर
प्रधानमंत्री ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय को याद करते हुए कांडला पोर्ट का नाम दीन दयाल पोर्ट ट्रस्ट कांडला करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि गरीबों की जिंदगी में बदलाव लाना उनका लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि 2022 तक हर गरीब को अपना घर हो इस लक्ष्य के साथ हम चल रहे हैं।

प्रधानमंत्री के भाषण से पहले सड़क परिवहन, राजमार्ग व जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि लोथल में मैरिटाइम म्यूजियम, क्रूज टर्मिनल और 2018 के अंत तक देश को दस जलमार्ग देने का लक्ष्य है। उन्होंने जानकारी दी कि एक लाख पचास हजार वर्गफीट में फैले डॉ बाबा साहब भीम राव अंबेडकर कन्वेंशन सेंटर पर 15.26 करोड़ की लागत और जनरल बर्थ 14 और 16 पर क्रमश: 253 और 278 करोड़ की लागत से निर्माण होगा।

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