Home चुनावी हलचल केजरीवाल ने खुलकर खेला ‘मुस्लिम कार्ड’, मौलवियों की तनख्वाह दोगुना करने का...

केजरीवाल ने खुलकर खेला ‘मुस्लिम कार्ड’, मौलवियों की तनख्वाह दोगुना करने का ऐलान

989
SHARE

लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली की केजरीवाल सरकार मुस्लिम तुष्टिकरण में जुट गई है। मुसलमानों को लुभाने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की मस्जिदों के इमाम और मोअज़्ज़िन का वेतन करीब दोगुना करने का एलान किया है। अब दिल्ली के 185 मस्जिदों के इमामों को अब 18 हज़ार रुपये वेतन दिया जाएगा, पहले ये वेतन 10 हज़ार रुपये हुआ करता था। वही मुअज़्ज़िन को अब 16 हज़ार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा जबकि अब तक मुअज़्ज़िन को 9 हज़ार रुपये मिला करता था।

देश में ऐसा पहली बार हुआ

इतना ही नहीं, दिल्ली सरकार ने दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के तहत ना आने वाली मस्जिदों के इमाम और मुअज़्ज़िन को भी वेतन देने का एलान कर दिया। ऐसा देश में पहली बार हुआ है कि वक्फ़ बोर्ड के दायरे के बाहर की मस्जिदों के इमाम और मुअज़्ज़िन को भी सरकार की जेब से तनख्वाह दी जा रही है।

मौलवियों के लिए खोला खजाना

दिल्ली में अब वक़्फ़ बोर्ड के दायरे के बाहर की मस्जिदों के इमामों को 14 हज़ार और मुअज़्ज़िन को 12 रुपये महीने वेतन मिलेगा। केजरीवाल ने दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए ये ऐलान किया। इसमें सीएम अरविंद केजरीवाल के अलावा उनके मंत्री इमरान हुसैन और दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के अध्य्क्ष अमनातुल्ला खान मौजूद थे।

मुसलमानों को दिखाया मोदी का खौफ

कार्यक्रम में दिल्ली की सभी मस्जिदों के इमामों और मुअज़्ज़िन को बुलाया गया था। दरअसल पीछे शुद्ध राजनीति है। उन्होंने मुस्लिमों को मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने का भी डर दिखाया। उन्होंने   एक और चारा भी फेंका। उन्होंने कहा कि “मैं मोदी और अमित शाह को हराने के लिए किसी भी हद तक जा सकता हूं। अगर आपके वोट विभाजित होते हैं, तो देश को भारी नुकसान होगा। केजरीवाल ने कहा कि आप लोकसभा चुनाव में सभी सात सीटों पर जीत हासिल करेगी। केजरीवाल ने कार्यक्रम के दौरान मुसलमानों से आम आदमी पार्टी को वोट देने की भी अपील की। इस दौरान अमानतुल्लाह ने कहा कि अगर केंद्र में मोदी सरकार को रोकने के लिए कांग्रेस को भी समर्थन देना पड़ा तो आम आदमी पार्टी, कांग्रेस को भी समर्थन देगी।

दिल्ली में करीब 20% वोटर मुस्लिम

गौरतलब है कि दिल्ली में मुसलमानों का वोट पहले कांग्रेस को मिलता था, लेकिन 2014 के बाद कांग्रेस की हालत पतली देख मुसलमानों ने आम आदमी पार्टी को वोट देना शुरू कर दिया। इन्हीं वोटों के कारण आम आदमी पार्टी ने 2015 के विधानसभा चुनाव में 67 सीट हासिल की। दिल्ली में करीब हर पांचवां वोटर मुसलमान है और केजरीवाल इतनी बड़ी आबादी को लुभाने के लिए सारे हथकंडे आजमा रहे हैं।

Leave a Reply