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अपने वर्तमान की चिंता में देश के भविष्य को दांव पर नहीं लगा सकता-प्रधानमंत्री

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (ICSI) के स्वर्ण जयंती वर्ष के शुभारंभ के अवसर पर कंपनी सचिवों को संबोधित किया। विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर हो रही चर्चाओं के जवाब भी दिये। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में निराशा फैलाना चाहते हैं, इन लोगों की पहचान आवश्यक है। जीडीपी ग्रोथ में कमी दर्ज की गई है लेकिन सरकार इसे रिवर्स करने के लिए तैयार है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलती हुई देश की इस अर्थव्यवस्था में ईमानदारी को सम्मान मिलेगा। उन्होंने देशवासियों को विश्वास दिलाते हुए कहा, ”मैं देशहित से समझौता नहीं करने वाला क्योंकि मैं अपने वर्तमान की चिंता में देश के भविष्य को दांव पर नहीं लगा सकता हूं।” 

पुराने रिकॉर्ड नहीं खंगाले जाएंगे
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में ईमानदारी का नया दौर शुरू हुआ है। अब काले धन का लेन-देन करने से पहले लोगों को 50 बार सोचना पड़ता है। उन्होंने पीएम ने व्‍यापारियों को आश्‍वस्‍त किया कि पुराने रिकॉर्ड नहीं खंगाले जाएंगे। जितने लोग ईमानदारी की मुख्यधारा में आना चाहते हैं आइये आगे के लिए हम साथ रहेंगे। ईमानदारी की मुख्‍यधारा में आने वालों का स्‍वागत है

जीएसटी को रिव्यू किया जाएगा
प्रधानमंत्री ने व्यवसायियों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि हम लकीर के फकीर नहीं हैं, जीएसटी लागू हुए तीन महीने हो गए अब इसमें आ रही दिक्कतों को दूर किया जाएगा और आवश्यकता के अनुसार परिवर्तन किए जाएंगे। उन्होंने कहा, ”सभी राजनीतिक दल और राज्य सरकारें मिलकर रिव्यू करें और इसकी खामियों को ठीक करें।”

विकास दर पहली बार नीचे नहीं गया
पीएम ने कहा कि क्या ऐसा पहली बार हुआ है जब देश में जीडीपी की ग्रोथ 5.7 प्रतिशत हुई है। पिछली सरकार में 8 बार ऐसे दौर आए थे। देश की अर्थव्यवस्था जब 0.2 और 1.5 फीसदी तक गिरी थी। PM मोदी ने कहा कि ऐसी गिरावट अर्थव्यवस्था के लिए और ज्यादा खतरनाक थी, क्योंकि इन वर्षों में भारत Higher Inflation, Higher Current Account Deficit और Higher Fiscal Deficit से जूझ रहा था।

देश को फ्रेजाइल-5 से बाहर निकाला
प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान देश Fragile-5 में था। उन्होंने कहा कि इसे ऐसा Dangerous ग्रुप माना गया था, जिसकी खुद की अर्थव्यवस्था तो एक समस्या थी ही, बल्कि ये वैश्विक अर्थव्यवस्था की रिकवरी में भी बाधा बन रहे थे। उन्होंने कहा कि जीडीपी ग्रोथ में कमी दर्ज की गई है लेकिन सरकार इसे रिवर्स करने के लिए तैयार है।

जिम्मेदारी निभाकर तय करें देश का कॉरपोरेट कल्चर
प्रधानमंत्री ने कंपनी सेक्रेटरीज से कहा कि आप अपनी जिम्मेदारी जिस तरह से निभाते हैं उसी से देश का कॉरपोरेट कल्चर तय होता है। आपकी संस्था का मोटो भी है- “सत्यम वद्, धर्मम चर्” यानी सत्य बोलो और नियम-कानून का पालन करो। आपकी दी हुई सही या गलत सलाह देश के कॉरपोरेट गवर्नेंस को प्रभावित करती है। प्रधानमंत्री ने कंपनी सेक्रेटरीज से सका कि कहा कि क्या आप यह वादा कर सकते हैं कि साल 2022 तक देश में एक भी शेल कंपनियां नहीं रहेंगी।

फर्जी कंपनियों पर ताले लगे तो मोदी का पुतला भी नहीं जला
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में भी मुट्ठी भर लोग ऐसे हैं, जो देश की प्रतिष्ठा को, हमारी ईमानदार सामाजिक संरचना को कमजोर करने का काम करते रहे हैं। इन लोगों को सिस्टम और संस्थाओं से हटाने के लिए सरकार ने पहले दिन से स्वच्छता अभियान शुरू किया हुआ है। पीएम मोदी कहा कि जब दो लाख फर्जी कंपनियों को बंद किया, तो भी मोदी का पुतला नहीं जलाया गया।

पिछले तीन साल में तेजी से बढ़ा निवेश
पीएम ने कहा कि आज विदेशी निवेशक भारत में रिकॉर्ड निवेश कर रहे हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले तीन साल में ऑटोमोबाइल सेक्टर में 44 प्रतिशत, हार्डवेयर क्षेत्र में 53, कंस्ट्रक्सन सेक्टर में 75, माइनिंग सेक्टर में 56, कंप्यूटर हार्डवेयर में 53 , इलेक्ट्रिकल में 52 ,रिन्यूएबल एनर्जी का 49 और टेक्सटाइल सेक्टर में 45 प्रतिशत इसी सरकार तीन साल कार्यकाल में आया है।

मेहनत के पैसे की कीमत समझती है सरकार
प्रधानमंत्री ने कहा कि मेहनत से कमाए गए आपके एक एक पैसे की कीमत ये सरकार समझती है। इसलिए सरकार की नीतियों और योजनाओं में इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि वो गरीबों और मध्यम वर्ग की जिंदगी तो आसान बनाएं हीं, उनके पैसों की भी बचत कराएं। 350 का LED बल्ब सिर्फ 45 रुपये में मिल रहे हैं।

21 सेक्टरों से जुड़े 87 छोटे-बड़े सुधार किए
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने अपने तीन साल में Renewable Energy सेक्टर पर 10 हजार 600 करोड़ रुपए से भी अधिक खर्च किए हैं। हाउसिंग सेक्टर में काफी तेजी आई है। पिछले तीन वर्षों में 21 सेक्टरों से जुड़े 87 छोटे-बड़े सुधार किए गए हैं। रक्षा सेक्टर, विनिर्माण सेक्टर, Financial Services, Food Processing जैसे कितने ही सेक्टरों में निवेश के नियमों में बड़े बदलाव हुए हैं।

देश का भविष्य दांव पर नहीं लगा सकता
प्रधानमंत्री ने कहा ”मैं जानता हूं कि रेवड़ी बांटने के बजाय लोगों और देश को सशक्त करने के काम में कई बार मुझे आलोचना का भी सामना करना पड़ेगा, लेकिन मैं अपने वर्तमान की चिंता में देश के भविष्य को दांव पर नहीं लगा सकता हूं।” उन्होंने कहा कि देश के आम नागरिकों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। मुद्रा योजना से लोगों के जीवन में बदलाव हो रहा है। उ

देश की अर्थव्यवस्था में लगातार हो रही वृद्धि
प्रधानमंत्री ने कहा कि जून महीने के बाद पैसेंजर कारों की बिक्री में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कमर्शियल गाड़ियों की बिक्री में 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दो पहिया वाहनों की बिक्री में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हवाई जहाज से यात्रा करने वालों में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हवाई जहाज से माल ढुलाई में 16 प्रतिशत की वृद्धि हई है। ट्रैक्टर की वृद्धि में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

समय और संसाधन के उपयोग पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने समय और संसाधन के इस्तेमाल पर लगातार जोर दिया है। पिछली सरकार के तीन साल के काम की रफ्तार का फर्क आपको साफ नजर आएगा। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से अपनी बात रखते हुए कहा कि पिछली सरकार के आखिरी तीन साल में 80 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बनाईं, जबकि इस सरकार ने एक लाख 20 हजार किलोमीटर। पिछली सरकार ने तीन साल में 15 हजार किलोमीटर नेशनल हाईवे बनाईं थीं इस सरकार ने 34 हजार किलोमीटर से ज्यादा नेशनल हाईवे बनाया है।

पॉलिसी इंप्लीमेटर की भूमिका निभाई
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार पॉलिसी पैरालिसिस से निकलकर के पॉलिसी मेकर और इंप्लीमेटर का रोल करके दिखाया है। पिछली सरकार ने नेशनल हाईवे में भूमि लेने और सड़कों के निर्माण में 93 हजार खर्च किए थे जबकि इस सरकार ने एक लाख 83 हजार करोड़ रुपये खर्च किए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में 11 सौ किलो मीटर रेल लाइन बनाया था, हमने 21 सौ किलोमीटर बनाए। 1300 किलोमीटर का रेलवे लाईन का दोहरीकरन हुआ, हमने 2600 किलोमीटर रेलवे बनाया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वित्तीय मामलों को लेकर हमारी आलोचना हुई है। हम कड़ी से कड़ी आलोचना भी दिल से स्वीकार करते हैं। हम संवेदनशील सरकार हैं। आलोचकों की हर बात गलत नहीं होती है, लेकिन देश में निराशा का माहौल पैदा करने से बचना चाहिए। दुनिया में भारत के प्रति विश्वास बनाएं।

उन्होंने कहा कि हमने कई पैरामीटर दिखाए हैं, जो देश की मजबूती का परिचय देते हैं। मैं अपने आलोचकों को भी नम्रतापूर्वक विश्वास दिलाना चाहता हूं कि हम आलोचनाओं पर गंभीरता से विचार करके देश को उसी रफ्तार से आगे ले जाएंगे, जिसकी सवा सौ करोड़ जनता और दुनिया अपेक्षा करती है।

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