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कौन सा पंजा 1 रुपये को 15 पैसे में बदल देता है ?- प्रधानमंत्री

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (29 अक्टूबर) को कर्नाटक धर्मस्थाला में स्थित हरि मंजूनाथ स्वामी मंदिर के दर्शन किए। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद धर्मस्थला के पास उजिर में उन्होंने एक आम जन सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आप सबके दर्शन हुए। उन्होंने श्री क्षेत्र धर्मस्थल ग्रामीण विकास परियोजना में लाभार्थियों को रुपे कार्ड भी बांटे। मंदिर के धर्माधिकारी डॉक्टर वीरेन्द्र हेगड़े का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने वन लाइफ वन मिशन में अपने आप को समर्पित कर दिया है। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस सरकारों के भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए पूछा कि- ”कौन सा पंजा 1 रुपये को 15 पैसे में बदल देता है।” प्रधानमंत्री ने एक कैशलेस इकोनॉमी को भविष्य बताया। 

पीएम ने की वीरेंद्र हेगड़े की प्रशंसा
प्रधानमंत्री ने मंजुनाथ मंदिर में दर्शन किए और डॉ. वीरेंद्र हेगड़े के साथ मंच साझा किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर विरेंद्र हेगड़े जी ने अपने चिंतन के द्वारा सब चीजों को यहां के अनुसार ढालकर आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जब मुझे हेगड़े जी का सम्मान करने का मौका मिलता है तो मैं खुद को सौभाग्यशाली समझता हूं। भारत जैसे देश में जिसके पास 65 प्रतिशत लोग 35 वर्ष से कम आयु के हों, उस देश में भारत के भव्य सपनों को साकार करने के लिए बाहुओं में सामर्थ्य लाना, यह चीज हेगड़े जी ने बहुत पहले देखी थी। उन्होंने स्किल डेवलपमेंट पर जोर देते हुए कहा कि भारत में 65 प्रतिशत लोग 35 वर्ष से कम उम्र के लोगों की है। ऐसे में स्किल डवलपमेंट को बढ़ावा देना चाहिए।

डॉ हेगड़े का ‘वन लाइफ, वन मिशन’ अनुकरणीय
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पिछले सप्ताह मैं केदारनाथ जी में था। आदि शंकराचार्य जी ने कितनी बड़ी भव्य साधना की होगी आज मुझे फिर एक बार दक्षिण की तरफ मंजुनाथेश्वर के शरण में आने का मौका मिला। मैं नहीं मानता हूं कि नरेन्द्र मोदी नाम के किसी शख्स को डॉक्टर वीरेन्द्र हेगड़े के सम्मान में कोई बात कहे। उन्होंने वन लाइफ वन मिशन में अपने आप को समर्पित किया। उनका सम्मान करने के लिए मैं व्यक्ति के तौर पर बहुत छोटा हूं। लेकिन सवा सौ करोड़ देशवासियों के प्रतिनिधि के रूप में, जिस पद पर आपने बैठाया उस पद की गरिमा के कारण मैं यह कर सकता हूं।

जीवन का प्रतिपल ईमानदारी से जीते हैं डॉ हेगड़े
प्रधानमंत्री ने कहा कि आचार और विचार में एकसूत्रता, मन-वचन-कर्म में वही पवित्रता और जिस लक्ष्य को जीवन में तय किया उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए क्या करना चाहिए यह वीरेन्द्र हेगड़े जी के जीवन से सीखना चाहिए। उन्होंने कहा था 50 साल पूरे हुए इसका सम्मान नहीं है आप तो मुझसे इसकी गारंटी मांग रहे हो कि मैं अगले 50 साल तक ऐसे ही काम करूं। जीवन में प्रतिपल काम के प्रति ईमानदार होना हेगड़े जी से सीखना चाहिए।

तीर्थ क्षेत्रों-धर्मस्थलों पर हो अध्ययन
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे यहां तीर्थ क्षेत्र कैसे होने चाहिए, उनका लक्ष्य क्या होना चाहिए, उस विषय में जीतना अध्ययन होना चाहिए दुर्भाग्य से वह नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आज विश्व में सभी चीजों का आकलन होता है सबकी रैंकिंग होती है लेकिन समय की मांग है सदियों से हमारे देश में किस प्रकार से संस्थाओं को बनाया है। उनका प्रबंधन कैसे होता है? परिवर्तन कैसे लाए हैं? हजारों ऐसी संस्थाएं हैं जो आज भी कोटि-कोटि जनों के जीवन को प्रेरणा देते हैं। धर्मस्थल अपने आप में उदाहरण हैं। अच्छा होगा दुनिया के यूनिवर्सिटीज इनका अध्ययन करें।

भ्रष्टाचारी ‘पंजे’ पर पीएम का प्रहार
उजिर की सभा में प्रधानमंत्री ने कहा, ”किसी प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली से जब एक रुपया चलता है तो गांव पहुंचने तक केवल 15 पैसा ही पहुंचता है। मैं पूछना चाहता हूं कि इस एक रुपये को घिसने वाला पंजा कौन सा है? वह पंजा किसका है जो एक रुपये को घिसकर 15 पैसे कर देता था? ऐसा कौन सा पंजा है जो रुपए को घिस देता है?” उन्होंने यह भी साफ किया कि केंद्र सरकार में दिल्ली से मिला हर लाभ जनता तक पहुंचता है।

कैशलेस इकोनॉमी से कम होगा करप्शन
प्रधानमंत्री ने एक बार फिर लोगों से डिजिटल करेंसी का उपयोग करने की बात कही और इसे भविष्य की मुद्रा बताया। उन्होंने नोटबंदी का विरोध करने वाले लोगों पर कहा, ”कैशलेश लेनदेन पर बहुत बुरा बोला गया। नोटबंदी पर जमकर सवाल किए गए। 12 लाख लोग अपना कार्यभार कैशलेस ट्रांजेक्शन से करेंगे। 12 लाख लोगों ने कैशलेस लेनदेन का संकल्प लिया है। इसने साबित कर दिया कि अगर अच्छा करने का इरादा हो तो रुकावटें भी कई बार काम को तेज करने में मदद कर देती हैं।” उ्होंने कहा कि ये जो करेंसी है हर युग में बदलती रही है। कभी पत्थर थे, कभी सोने-चांदी के थे, कभी कागज के आए अब डिजिटल करेंसी का युग शुरू हो चुका है।

‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ का संकल्प लेकर आगे बढ़ें
प्रधानमंत्री ने धरती की घटती उर्वरा शक्ति और पानी की कमी पर कहा, ”पर ड्रॉप मोर क्रॉप का संकल्प लेकर आगे बढ़ें। अगर इस चीज को लेकर आगे बढ़ें तो मुझे उम्मीद है कि हम नया इतिहास रचेंगे। भारत सरकार ने एक नई योजना शुरू की है। GEM पोर्टल पर वह अपनी रजिस्ट्री करवा सकता है जो अपना उत्पाद बेचना चाहता है। राज्य सरकार अपनी जरूरत उस पर अपलोड करते हैं। सारी ट्रांसप्लांट व्यवस्था है। नई चीज थी देखते ही देखते हजारों करोड़ रुपयों का कारोबर होने लगा। टेंडर नहीं होता, 15 राज्यों ने एमओयू किया। जो चीज पहले 100 रुपये में मिलती थी वह अब सरकार को 50 से 80 रुपये में मिलती है।

2022 तक यूरिया का उपयोग आधा करें
कम यूरिया इस्तेमाल का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “यूरिया इस्तेमाल हमें 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखना चाहिए। हमें प्रकृति के अनुरूप रहना चाहिए। अल्पावधि लाभ के बारे में नहीं सोचना चाहिए। हमें यूरिया के उपयोग को कम करने की जरूरत है।” प्रधानमंत्री ने पर्यावरण को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जो पानी हम आज पी रहे हैं वो हमारे पूर्वजों की देन है। हमें भी अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए स्वच्छ और स्वस्थ्य पर्यावरण की उपलब्धता को सुनिश्चित करना होगा। प्रधानमंत्री ने सभी से पर्यावरण के संरक्षण में सहयोग की अपील की है।

कश्मीर पर बेशर्म बयान दे रहे कई नेता
प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु में पी चिंदबरम का नाम लिए बगैर ही कहा, ”कश्मीर में आजादी मांग रहे लोगों के साथ स्वर मिला रहे हैं। कश्मीर पर ऐसे बयान देने से ऐसे लोगों को शर्म भी नहीं आती। देश की अखंडता-एकता हम खत्म नहीं होने देंगे।” उन्होंने कहा कि जो कल तक सत्ता में बैठे थे, वे अचानक यू टर्न ले रहे हैं। बेशर्मी के साथ बयान दे रहे हैं।” उन्होंने कहा, ”ऐसे लोग देश के वीरों के बलिदान पर अपनी राजनीति करने पर तुले हुए हैं। ऐसे लोगों से क्या देश का भला हो सकता है?’ उन्होंने कहा, ”कांग्रेस को इस बयान का हर पल जवाब देने पड़ेगा, हम देश की एकता और अखंडता के साथ समझौता करेंगे भी नहीं, होने भी नहीं देंगे।”Live: कर्नाटक पहुंचे पीएम मोदी, मंदिर, फूकेंगे चुनावी बिगुल

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