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स्कूली छात्रों ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, कहा- आपके द्वारा शुरू की गई योजनाओं ने बदली देश की तस्वीर

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने पहले और दूसरे कार्यकाल में कई सुधारवादी और परिवर्तनकारी योजनाएं शुरू की, जो देश की तस्वीर बदलने वाली साबित हो रही है। इन योजनाओं का लाभ जहां आम लोगों को मिल रहा है, वहीं यह हमारे देश के छात्रों के लिए भी काफी प्रेरणादायी है। मुबंई के दहिसर (पूर्व) के सेंट मैरी हाई स्कूल के छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है, जिसमें मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं की तारीफ की गई है। छात्रों ने पीएम मोदी को अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न मापदंडों को स्थापित करने और उन पर खरा उतरने के लिए धन्यवाद दिया है।

पीम मोदी से मिली शिक्षा

छात्रों ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए लिखा है कि उन्होंने हमें आत्मविश्वास के साथ आगे की ओर देखने और बेहतर की उम्मीद के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। साथ ही छात्रों ने अतीत की असफलताओं से सीखने और देश के सकारात्मक, विवेकशील, व्यावहारिक, आशावादी, यथार्थवादी और आदर्शवादी छात्र बनने की शिक्षा देने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया है।  

दुनिया में भारत का बढ़ा सम्मान

छात्रों ने लिखा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें एक बहुआयामी मंच प्रदान किया है, जहां से वे अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। साथ ही छात्रों ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है।

‘स्वच्छ भारत अभियान’ से मिली स्वच्छता की प्रेरणा

प्रधानमंत्री मोदी की ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की तारीफ करते हुए छात्रों ने लिखा है कि इस अभियान से उन्हें आस-पास के क्षेत्र को साफ रखने और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की प्रेरणा मिली है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुआ स्वच्छ भारत अभियान स्वतंत्र भारत का बहुत बड़ा जन आंदोलन बन चुका है। शौचालयों की सुविधा को लेकर चली आ रही विसंगति खत्म हो रही है। देश में स्वच्छता का दायरा अब तक 90 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की तारीफ

छात्रों ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ (BBBP) योजना के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया है। उन्होने लिखा है कि इस योजना से बालिकाओं के स्कूल ड्रॉपआउट में गिरावट आई है। बता दें कि इस योजना की रूपरेखा गिरते शिशु लिंगानुपात के समाधान के लिए बनाई गई। इस योजना के बाद लिंगानुपात में बढ़ोतरी देखी गई है। इस योजना से कुछ अन्य उपलब्धियां भी हासिल हुईं हैं, जिनमें 100 प्रतिशत संस्थागत प्रसव, हर गांव में गुड्डा-गुड़िया बोर्ड का गठन, लड़कियों/महिलाओं की सुरक्षा एवं स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालयों की व्यवस्था भी शामिल है।

‘मेक इन इंडिया’ से दूसरे देशों पर निर्भरता हुई कम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की सत्ता को संभालने के बाद हर क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ नीति को बढ़ावा दिया है। सरकार ने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिससे हर क्षेत्र में ‘स्वदेशी कंपनियों को तरजीह मिली है। छात्रों ने ‘मेक इन इंडिया’ की तारीफ करते हुए कहा कि इससे दूसरे देशों पर भारत की निर्भरता कम होगी।

स्किल इंडिया योजना से बेहतर भविष्य की उम्मीद

स्किल इंडिया योजना के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए छात्रों ने लिखा है कि इससे स्कूली शिक्षा पूरी करने वाले छात्रों को काफी प्रोत्साहन मिला है। छात्रों को तकनकी प्रशिक्षण लेना काफी आसान हुआ है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के युवाओं के औद्योगिक और उद्यमशीलता कौशल को विकसित करने के लिए स्किल इंडिया योजना की शुरुआत की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं की प्रतिभाओं के लिए विकास के अवसर प्रदान करना है ताकि उन्हें रोजगार मिल सके इसके साथ ही उद्यमिता में सुधार हो सके। इस योजना के तहत साल 2022 तक देश में करीब 400 मिलियन से ज्यादा महिलाओं और पुरुषों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

चंद्रयान-2 मिशन को समर्थन देने के लिए धन्यवाद

प्रधानमंत्री मोदी ने चंद्रयान-2 मिशन के प्रति छात्रों में जागरूकता पैदा करने के लिए जिस तरह से कोशिश की, उसकी तारीफ छात्रों ने की है। साथ ही चंद्रयान-2 मिशन को समर्थन देने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। ISRO के चंद्रयान-2 मिशन के बाद स्कूली बच्चों में इसकी दिलचस्पी बढ़ गई है। कुछ स्कूलों के ऑडिटोरियम में तो बाकायदा इसरो का कार्यक्रम लाइव दिखाया गया, ताकि बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान को लेकर समझ विकसित हो और वे इस दिशा में आगे बढ़ सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद बच्चों और युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता और दिलचस्पी पैदा करने के लिए एक क्विज प्रतियोगिता का ऐलान किया था। यह स्पेस क्विज कम्पटीशन जीतकर 60 बच्चे यह कार्यक्रम देखने इसरो पहुंचे थे। जहां पीएम ने उनसे बातचीत भी की थी। चंद्रयान-2 की लैडिंग को लेकर देश में जिस तरह का माहौल और कौतूहल था उसमें बच्चे और स्कूल भी पीछे नहीं थे।

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