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रंग ला रहा है पीएम मोदी का विजन: 2018 में स्वच्छ भारत मिशन(शहरी) की उपलब्धियां

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लगातार पांचवें साल भी स्वच्छ भारत मिशन(शहरी) अपनी सफलता के झंडे गाड़ रहा है। साल 2018 स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के लिए कई मायनों में उपलब्धियों से भरा रहा है।

आइए एक नजर डालते हैं, कचरे से कंचन बनाने की पीएम मोदी की नीति से प्राप्त कुछ खास उपलब्धियों पर:-

* स्वच्छ सर्वेक्षण- 2018 में 4,203 शहरों को मिली रैंकिंग।

* 124 शहर और 21 राज्य / केंद्र शासित प्रदेश ओडीएफ घोषित हुए।

* अप्रैल 2018 के बाद से 1,612 अतिरिक्त शहरों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया जा चुका है। अब इनकी कुल संख्या 4,124 हो चुकी है।

* 62 लाख निजी और 5 लाख सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण हो चुका है या लगभग तैयार होने के करीब हैं।

* इस समय 84,229 वार्डों में से करीब 85% यानि 71,797 वार्ड में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का काम चल रहा है।

* अभी जितना कचरा पैदा हो रहा है, उसके 46.03% कचरे को प्रसंस्कृत किया जा रहा है।

* गोवा ने ये साबित किया है कि इसके स्रोत को 5 हिस्सों में अलग करने से कचरा भी संपत्ति साबित हो सकता है।

* अलीगढ़ ने ‘जादुई ईंटों’ की शुरुआत की गई है, जो सूखे कचरे से बनती हैं। इसका इस्तेमाल निर्माण कार्यों में किया जा सकता है।

* पुणे में ‘जटायु’ नाम की एक सड़क साफ करने वाली मशीन विकसित की गई है। इससे सड़क के उन संकरे हिस्सों की भी सफाई की जा सकती है, जहां मौजूदा स्वचालित सफाई मशीनें नहीं पहुंच पातीं।

* शिर्डी में जनसेवा फाउंडेशन ने ‘वेस्ट टू बेस्ट’ परियोजना स्थापित की है। यहां पर इस्तेमाल किए जा चुके फूलों से खाद और अगरबत्तियां बनाने का काम होता है।

* बैंगलुरू स्थित डेली डंप किफायती घरेलू और सामुदायिक खाद प्रणालियां बनाती हैं। इससे घरेलू/सामुदायिक जैविक कचरे को प्रबंधित करने और उसे उपयोगी एवं उच्च गुणवत्ता वाली खाद में तब्दील करने में मदद मिलती है।

* कानपुर स्थित ‘डी-डिजाइन्स’ अपशिष्ट टायरों से हस्तशिल्प, फर्नीचर और सजावट के सामान को बनाने के काम में जुटी है।

* शहरों को कचरा मुक्त दर्जा पाने को प्रोत्साहित करने के लिए स्टार रेटिंग प्रोटोकॉल और कचरा मुक्त शहर की शुरुआत की गई है।

* स्वच्छ भारत मिशन को लेकर लोगों के सवालों का जवाब देने और साफ-सफाई के प्रति उनमें संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर – 1969 शुरू किया गया है।

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