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सभी वर्गों का आदर्श मिश्रण है पीएम मोदी की नई मंत्रिपरिषद

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली वाकई में औरों से जुदा है, तभी तो इतनी पूर्णता के साथ सारे काम अपने निर्धारित समय पर पूरे होते रहे हैं। इससे पहले भी कई सरकारों को बनते देखा है लेकिन जितनी सहजता मोदी सरकार में दिखती है वह शायद ही किसी और सरकार में देखने को मिली हो। वह चाहे पूर्ण बहुमत वाली सरकार हो या फिर गठबंधन की सरकार हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुद्धिवादी प्रशासन प्रशस्त करने के लिए अपने सारे मंत्रियों के दायित्व निर्धारित कर दिए हैं। प्रधानमंत्री का काम सारा काम खुद करना नहीं होता है बल्कि सही काम के लिए सही व्यक्ति का चयन करना ही होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सफलता का एक राज यह भी है कि वे इस काम में निष्णात हैं। तभी तो उन्होंने इतना आदर्श मंत्रिपरिषद का गठन किया है, जिसमें योग्यता, युवा शक्ति, अनुभव और कुशलता का उपयुक्त मिश्रण है।

योग्यता और प्रदर्शन का सफल मिश्रण है नई मंत्रिपरिषद
शुक्रवार को गठित मंत्रिपरिषद और विभागों के बंटवारे को देखें तो उसमें स्पष्ट रूप से प्रधानमंत्री मंत्री नरेंद्र मोदी की विकास दृष्टि के साथ राजनीतिक दूरदर्शिता दिखाई देगी। पीएम मोदी ने अपनी जो नई टीम गठित की है उसमें जहां योग्यता और प्रदर्शन का सफल मिश्रण दिखता है, वहीं क्षेत्रीयता का भी सामंजस्य है।

रास्ता दिखाने के लिए योग्यता जरूरी
नई मंत्रिपरिषद को देखकर साफ लगता है कि मंत्रियों के नाम तय करते समय पीएम मोदी के दिमाग में दो ही चीज सबसे आगे होगी। पहली योग्यता और दूसरा प्रदर्शन। इन्हीं दो कारकों को ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी ने अपने मंत्रियों का नाम किया होगा। उदाहरण के रूप में आप पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर का नाम देख सकते हैं। एस जयशंकर का एक नाम से यह साफ हो जाता है कि मोदी ने मंत्री तय करने के लिए सिर्फ और सिर्फ योग्यता और प्रदर्शन को तरजीह दी है।

युवाओं की ऊर्जा पर जताया है पूरा भरोसा
योग्यता और प्रद्रर्शन के साथ ही अपने प्रशासन में युवा उर्जा को भी काफी तरजीह दी है। मोदी ने मंत्रिपरिषद में युवाओं को जगह देश नए विचारों के लिए भी जगह बनाई है। स्मृति ईरानी को दो-दो दायित्व देकर मोदी ने उन पर अपनी विश्वास दोहराया है। अनुराग ठाकुर और देबाश्री चौधरी जैसे अन्य युवा नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल करना यह दर्शाता है कि पीएम मोदी का युवाओं में कितना विश्वास है।

वास्तविक रूप में समावेशी और प्रतिनिधि प्रशासन
योग्यता और युवाओं पर ध्यान देने के अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सभी क्षेत्रों और राज्यों को समान प्रतिनिधित्व देने का भी प्रयास किया है। 29 में से 20 राज्यों को केंद्र सरकार में प्रतिनिधित्व मिला है। चाहे वह देश का उत्तरी भाग हो, या उत्तर-पूर्वी भाग सहित पूर्वी, चाहे वह पश्चिमी भाग हो या दक्षिणी भाग, प्रत्येक क्षेत्र को मंत्रिपरिषद में स्थान दिया गया है।

सरल जीवन शैली को भी दिया है सम्मान
ओडिशा के बालासोर के सांसद प्रताप चंद्र सारंगी को मंत्रिपरिषद में शामिल कर पीएम मोदी ने दिखा दिया है कि ईमानदारी और सरलता का सम्मान घटा नहीं है। सारंगी एक ऐसे व्यक्ति हैं जो अपने संयम और सरलता के लिए वंचितों और दबे-कुचलों के बीच पहचाने जाते हैं। सारंगी को मंत्रिपरिषद में शामिल कर पीएम मोदी ने एक संकेत दिया है कि सरल जीवन उच्च विचार मंत्रियों को अपनाना चाहिए। इसके साथ यह भी जता दिया है कि हर एक के लिए राजनीति सेवा होनी चाहिए विशेषाधिकार पाने का साधन नहीं।

इसलिए, मोदी की मंत्रिपरिषद योग्यता, युवाओं, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के साथ-साथ जीवन शैली का एक आदर्श मिश्रण है। इसलिए नरेंद्र मोदी सरकार की दूसरी पारी भी इस देश के लिए वरदान साबित होगी। सभी वर्गों से सही लोगों को सही जगह पर रखकर मोदी ने सरकार के कार्यक्रमों को पूरा करने के लिए पूरी ताकत के साथ अपने मंत्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी है।

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