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विश्वास, विकास और सुरक्षा के अहसास के तीन साल

मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर एक विशेष रिपोर्ट

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MODI मतलब Making of Developed India इसी थीम को लेकर अपने कार्यकाल का तीन साल पूरे करने वाली नरेंद्र मोदी सरकार जनता के बीच में जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा असम के गुवाहाटी से शुरू किए जा रहे इस कार्यक्रम को ‘मोदी फेस्ट’ नाम दिया गया है। इसके तहत लोगों से रूबरू होकर 26 मई से 15 जून तक चलने वाले इस कैंपेन में सरकार की तीन साल की उपलब्धियां बताई जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालने के उद्देश्य से श्रृंखलाबद्ध तरीके से कार्यक्रमों के आयोजन किए जा रहे हैं। इस दौरान केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, भाजपा के मुख्यमंत्रियों, राज्य मंत्रियों तथा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा देश भर में कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। ‘जन की बात’ के जरिये प्रधानमंत्री लोगों से सीधे अपना संदेश साझा कर सकेंगे।

पीएम मोदी ने कायम रखा भरोसा
दरअसल 2014 में देश की जनता ने भारत को एक सामर्थ्यवान, शक्तिशाली और गौरवमय राष्ट्र के रूप में पहचान दिलाने की उम्मीद में नरेंद्र मोदी के रूप में एक शक्तिशाली नेता को चुना था। प्रधानमंत्री ने इस पर खरा उतरते हुए सर्वसमावेशी विकास की योजनाएं बनाईं और उसे धरातल पर उतारा। अमीर-गरीब, शहर-गांव के बीच सुविधाओं के अंतर को पाटने के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार तमाम योजनाएं लेकर आई हैं। दरअसल पीएम मोदी का सपना है कि भारत 2030 तक विकसित राष्ट्र की श्रेणी में आ जाए। पीएम मोदी का न्यू इंडिया का कंसेप्ट इसी लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है।

ब्रांड मोदी पर लोगों को भरोसा
बाजार में किसी उत्पाद पर आप ज्यादा भरोसा करने लग जाते हैं तो वो उत्पाद विश्वसनीय बन जाता है और फिर धीरे-धीरे वो ब्रांड हो जाता है। इसी तरह पीएम मोदी पर अब भारत के लोगों को भरोसा हो गया है। ये बात हाल में हुए दो बड़े सर्वे में भी सामने आई है। एबीपी-सीएसडीएस-लोकनीति के सर्वे में पीएम मोदी की सरकार पर लोगों को भरोसा है तो एनबीटी के दस लाख लोगों के ऑनलाइन सर्वे में भी सबसे ज्यादा भरोसा लोगों ने पीएम मोदी के नाम पर ही किया है।

सबका साथ-सबका विकास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभालते ही घोषणा कर दी थी कि वो सबका साथ-सबका विकास में यकीन करते हैं। इसी सूत्र वाक्य को आधार बनाते हुए केंद्र की सरकार ने अपने कदम बढ़ाए। सर्व समावेशी विकास की दृष्टि को जमीन पर उतारते हुए उन्होंने अपनी योजनाओं में बिना भेदभाव के सबको शामिल किया। उज्जवला योजना, जन-धन खाता योजना, फसल बीमा योजना जैसी तमाम योजनाओं में समाज के हर वर्ग को शामिल करते हुए उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने पर बल दिया है।

पीएम मोदी का ‘न्यू इंडिया’ विजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यू इंडिया का कंसेप्ट सबके सामने रखा है। 2022 तक न्यू इंडिया का उनका सपना है और वे 2022 तक सिर्फ काम के बल पर रिजल्ट चाहते हैं। साफ है इसके लिए उन्हें काम करने वाले सहयोगियों की जरूरत है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि हमें काम करने के लिए मत मिला है, लिहाजा काम पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। पीएम मोदी देश को 2022 तक विकसित देशों की कतार में खड़ा देखना चाहते हैं।

न बैठूंगा, न बैठने दूंगा
मैं आपका ऐसा प्रधानसेवक हूं जिसने आज तक आराम नहीं किया-मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि परिश्रम की पराकाष्ठा कर दूंगा। उन्होंने जो कहा है वो किया भी है। तीन साल के कार्यकाल में पीएम मोदी ने एक भी दिन छुट्टी नहीं ली है। इतना ही नहीं वे रोज सोलह से अट्ठारह घंटे तक काम करते हैं। पीएम अपने दौरों के वक्त को कम करने के लिए होटलों में नहीं रूकते हैं। उड़ान के दौरान एयर इंडिया-वन प्लेन में ही अपनी नींद पूरी करते हैं। फ्लाइट में भी पूरे वक्त वे मीटिंग में व्यस्त रहते हैं।

न खाऊंगा, न खाने दूंगा
पीएम मोदी ने जब सत्ता संभाली थी तो उन्होंने सरकार के काम काज में पारदर्शिता का वादा किया था। भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने का वादा किया था। उन्होंने मूल मंत्र दिया था- न खाऊंगा , न खाने दूंगा। सरकार के तीन साल हो गए हैं। पीएम मोदी अपने वादे पर खरे उतरे हैं। केंद्र सरकार पर अब तक भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं लगा है। एक भी ऐसा मामला सामने नहीं आया है जो विपक्ष भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार पर सवाल उठा सके। जाहिर है पीएम मोदी ने जो कहा है वो किया है।

न्यू इंडिया में VIP नहीं EPI
प्रधानमंत्री मोदी मंत्रिमंडल के बीते 19 अप्रैल को सेंट्रल व्हीकल एक्ट में बदलाव की मंजूरी के साथ ही देश में लालबत्ती कल्चर खत्म हो गया। फैसला एक मई से लागू भी हो गया है और अब केंद्र या राज्य कहीं भी लाल बत्ती का इस्तेमाल नहीं हो रहा। प्रधानमंत्री ने यहीं कहा कि इस देश में अब कोई VIP नहीं सब EPI (Every person is important) होगा। जाहिर है पीएम मोदी का यह निर्णय हर नागरिक को बराबरी का अधिकार देता है और लोकतांत्रिक प्रणाली की सार्थकता को बहाल करता है।


मोदी के मास्टरस्ट्रोक्स
नोटबंदी जैसा फैसला भारत में लागू करना इतना आसान नहीं था। लेकिन साठ दिनों तक लाइन में खड़ा रहा देश परेशान होने के बावजूद उबला नहीं। लोगों को पीएम मोदी की इस बात पर भरोसा रहा कि नोटबंदी जितने कालेधन वाले और हराम की कमाई कर कोठी-अटारी भरनेवाले हैं, उनके खिलाफ है। सर्जिकल स्ट्राइक हो या म्यामांर की सीमा में घुसकर उग्रवादियों को मारना हो। दक्षिण एशिया सेटेलाइट बनाना हो या ईरान के चाबहार बंदरगाह का निर्माण करना ये कुछ ऐसे निर्णय हैं जो न सिर्फ देश की दशा-दिशा बदलने के लिए हैं बल्कि विश्व कूटनीति में भी बड़ा असर डालने वाला है।

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