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मोदी सरकार में सशक्त हो रही महिलाएं, माटुंगा रेलवे स्टेशन महिलाओं के हवाले

मोदी सरकार की नीतियों से सशक्त हो रही महिलाएं, एक रिपोर्ट

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महिलाओं का विकास व सशक्तिकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं में है। बीते तीन साल में मोदी सरकार ने महिलाओं के लिए कई ऐसा कार्य किए हैं जिससे न सिर्फ महिलाओं का सशक्तिकरण हुआ है, बल्कि महिलाओं के प्रति सम्मान भी बढ़ा है। बेटी बचाओ बेटी, पढ़ाओ योजना, महिला और बेटी की सुरक्षा के लिए अलर्ट बटन की सुविधा, ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रशिक्षण और रोजगार योजना सुकन्या समृद्धि योजना और महिलाओं के लिए राज्य और जिला महिला सम्मान जैसे कई कार्य किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी को सशक्त करने के लिए सामाजिक आंदोलन चलाते हुए न केवल उनके रहन-सहन में बदलाव लाने की दिशा में काम किया है, बल्कि घर के बाहर भी व्यवस्था में सुधार लाने का मार्ग प्रशस्त किया है।

माटुंगा रेलवे स्टेशन में अब सिर्फ महिला स्टाफ
सरकार की कार्यशैली बदल रही है, समाज की सोच भी बदल रही है। समाज-सरकार दोनों का भरोसा महिलाओं पर बढ़ा है। इसी भरोसे की बुनियाद पर मोदी सरकार ने माटुंगा रेलवे स्टेशन महिलाओं के नाम कर दिया है। जी हां, मध्य रेलवे ने उपनगरीय माटुंगा स्टेशन पर सभी महिला कर्मचारी की नियुक्ति करके महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक कदम उठाया है। माटुंगा स्टेशन अब इस तरह का पहला महिला विशेष स्टेशन बन गया है। पिछले तीन हफ्ते से माटुंगा स्टेशन के सभी कार्यों का संचालन सिर्फ महिला कर्मचारी कर रही हैं। स्टेशन पर कुल 30 महिला कर्मचारी हैं। जिनमें 11 बुकिंग क्लर्क, पांच आरपीएफ कर्मी, सात टिकट चेकर्स शामिल हैं।

पहल छोटी पर संदेश बड़ा
माटुंगा रेलवे स्टेशन को महिलाओं के हवाले किया जाना महिलाओं को सशक्त बनाने की एक छोटी सी पहल है। मोदी सरकार ने तय किया है कि अगर यह प्रयोग सफल रहा तो कुछ अन्य स्टेशनों को भी पूरी तरह महिलाओं को सौंपा जा सकता है। महिलाओं को सशक्त बनाने का संदेश देने के लिए सेंट्रल रेलवे ने इससे पहले ममता कुलकर्णी नाम की महिला कर्मी को कुर्ला स्टेशन का पहली महिला स्टेशन मास्टर बनाया था। यही ममता कुलकर्णी आज माटुंगा स्टेशन की मैनेजर हैं।

घर से रोजगार कर रहीं 20 लाख महिलाएं
एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में घर से बैठकर कम से कम 20 लाख महिलाएं 8 से 9 अरब डॉलर का व्यापार कर रही हैं..जिसमें आने वाले समय में और वृद्धि होने की संभावना है। डिजिटल लेनदेन के सरकार के प्रयासों में अब होममेकर्स भी बढ़-चढ़कर हाथ बंटा रही हैं। व्हाट्सऐप और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए वो अपने द्वारा बनाये गए सामान को लोगों तक पहुंचा रही हैं।

खूब रंग लाई है प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
घर बैठकर ई-कॉमर्स के जरिए रोजगार कर रही महिलाओं के सपनों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने नई उड़ान दी है। पापड़, अचार, सिलाई,बुनाई जैसे व्यवसाय करने वाली महिलाओं ने इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ उठाया है। गौर करने वाली बात ये है कि अब तक 7.5 करोड़ लोगों ने इस योजना का लाभ उठाया है..जिनमें से करीब 76 प्रतिशत महिलाएं हैं।

ऑफिस में यौन उत्पीड़न की शिकायत के लिए ई-प्लेटफॉर्म
कार्यालयों में यौन उत्पीड़न की घटनाएं रोकने और इसके खिलाफ लड़ने के लिए ई-प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है। इस सुविधा के माध्यम से केंद्र सरकार की महिला कर्मचारी ऐसे मामलों में ऑनलाइन ही शिकायत दर्ज करा सकेंगी। केंद्र सरकार में करीब 30 लाख से ज्यादा कर्मचारी हैं। 2011 के जनगणना के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों में महिलाओं का प्रतिशत 10.93 है।

मोबाइल में पैनिक बटन और GPS
किसी भी आपात स्थिति में महिलाओं को अपने परिजनों या पुलिस तक अपना संदेश पहुंचाने के लिए ये अत्यंत ही सराहनीय कदम है। दूरसंचार विभाग ने ‘मोबाइल फोन हैंडसेट में पैनिक बटन और ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम नियम 2016’ को 22 अप्रैल, 2016 को भारतीय वायरलेस टेलीग्राफ एक्ट 1933 की धारा 10 के तहत जारी कर दिया। इन नियमों के तहत 1 जनवरी, 2017 से सभी फीचर फोन में पैनिक बटन की सुविधा होना अनिवार्य है। इसके लिए फोन के की-पैड के 5वें अथवा 9वें बटन को निर्धारित किया गया है। इसी तरह सभी स्‍मार्ट फोन में भी पैनिक बटन की सुविधा होगी, जिसके लिए इसके की-पैड के ऑन-ऑफ बटन को तीन बार बेहद थोड़े समय के लिए दबाने की व्यवस्था है। यही नहीं, 1 जनवरी, 2018 से सभी मोबाइल फोन में ऐसी विशेष सुविधा देनी होगी, जिससे उपग्रह आधारित GPS के माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि किसी खास समय पर वह फोन किस स्‍थान पर था।

महिलाओं के लिए पासपोर्ट बनवाना आसान
13 अप्रैल 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडियन मर्चेन्ट चैम्बर की लेडीज विंग के गोल्डन जुबली समारोह में महिलाओं को पासपोर्ट बनवाने में दी जाने वाली रियायतों का ऐलान किया। अब महिलाओं के लिए शादी के बाद पासपोर्ट में अपना नाम बदलवाना जरूरी नहीं है, उनको पासपोर्ट के लिए शादी या तलाक का सर्टिफिकेट देने की भी जरूरत नहीं है। महिलाएं पासपोर्ट के लिए आवेदन में अपने पिता या मां का नाम लिख सकती हैं।

बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना
4 दिसंबर, 2014 में सरकार ने छोटी बचत को प्रोत्साहन देने के लिए बालिकाओं की विशेष जमा योजना ‘सुकन्या समृद्धि खाता’ (Sukanya Samridhi Account) का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत 10 वर्ष तक की बालिकाओं का खाता खोला जा सकता है और इसमें ब्याज दर हर वर्ष निर्धारित किया जाता है। इस खाते में एक साल में अधिकतम डेढ़ लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं जो किसी भी कर के दायरे से बाहर हैं।

उज्जवला योजना से गरीब महिलाओं की मुश्किल हुई आसान
मई 2016 से शुरू हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्ज्वला योजना के तहत चौदह महीने में ही 2.50 करोड़ परिवारों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। गरीब महिलाओं के लिए धुंआ रहित रसोई को लेकर शुरू की गई उज्ज्वला योजना सफलता के शिखर पर पहुंच गई है और गरीब परिवार इसका लाभ ले रहे हैं। इस योजना के तहत मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिया जाता है। 

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